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आज ही के दिन दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी टीम इंडिया, जानिए 2011 वर्ल्ड कप के 5 'राज'

News18Hindi
Updated: April 2, 2020, 6:05 AM IST
आज ही के दिन दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी टीम इंडिया, जानिए 2011 वर्ल्ड कप के 5 'राज'
2 अप्रैल 2011 को दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था भारत

2 अप्रैल 2011 को ही टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम में वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2011) कब्जा जमाया था. भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से मात दी थी.

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नई दिल्ली. 2 अप्रैल...ये वो तारीख है जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में अमर है. ये वो दिन है जब टीम इंडिया ने एमएस धोनी की कप्तानी में इतिहास रच दिया था. आज ही के दिन साल 2011 में भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2011) पर कब्जा किया था. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 274 रन बनाए थे और जवाब में भारतीय टीम ने 48.2 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया था. एमएस धोनी ने छक्का लगाकर टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था और वही इस मैच के हीरो भी चुने गए थे. धोनी ने 79 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाए थे, वहीं गौतम गंभीर ने 97 रनों का अहम योगदान दिया था और इस तरह टीम इंडिया 28 साल बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी. टीम इंडिया 2011 में विश्वविजेता कैसे बनी ये तो सभी को याद है लेकिन आइए हम आपको बताते हैं वो पांच राज जो बहुत कम क्रिकेट फैंस जानते हैं.

जीत के बाद टॉयलेट में घुसे सहवाग
वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल मैच (ICC World Cup 2011) में जब सहवाग और सचिन आउट हो गए थे तो उसके बाद ड्रेसिंग रूम में ये दोनों खिलाड़ी बेहद नर्वस थे. हालांकि इसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 83 रन और फिर धोनी-गंभीर ने 109 रनों की साझेदारी कर मैच को भारत की झोली में डाल दिया. हालांकि ये बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय पारी के दौरान सचिन और सहवाग एक ही जगह बैठे रहे. यहां तक कि सचिन ने सहवाग को टॉयलेट तक नहीं जाने दिया. जब धोनी ने छक्का लगाकर टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताया तो पूरी टीम मैदान की ओर भागी और सहवाग टॉयलेट की ओर.

धोनी ने वर्ल्ड कप फाइनल में नाबाद 91 रन बनाए थे




धोनी ने IPL की वजह से खेला जीत का मास्टरस्ट्रोक


आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 में युवराज सिंह गेंद और बल्ले से जबर्दस्त फॉर्म में थे और वहीं दूसरी ओर धोनी का बल्ला खामोश था. श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में जब विराट कोहली आउट हुए तो उसके बाद धोनी ने युवराज से पहले क्रीज पर कदम रखा. धोनी (MS Dhoni) के इस कदम को देख सभी हैरान थे और इस फैसले पर सवाल भी खड़े कर रहे थे. लेकिन टीम इंडिया के कप्तान ने नाबाद 91 रन बनाकर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया. धोनी ने वर्ल्ड कप जीतने के 7 साल बाद बताया कि आखिर वो युवराज से पहले बल्लेबाजी करने क्यों उतर गए. धोनी ने खुलासा किया, 'मुथैया मुरलीधरन IPL में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलते थे इसलिए मैंने उन्हें नेट्स पर काफी खेला हुआ था, मैं उनकी गेंदबाजी को अच्छी तरह से जानता था. वो फाइनल मैच में श्रीलंका के सबसे अहम गेंदबाज भी थे इसलिए मैंने उनके खिलाफ टीम की जिम्मेदारी लेने के बारे में सोचा.' धोनी की ये रणनीति काम भी कर गई क्योंकि फाइनल मुकाबले में मुरलीधरन को एक भी विकेट नहीं मिला.

धोनी के गंजे होने की वजह
वर्ल्ड कप 2011 पर कब्जा करने के ठीक अगले दिन एमएस धोनी ने अपना सिर मुंडवा लिया था. धोनी अपने हेयरस्टाइल के लिए जाने जाते थे लेकिन गंजे होकर माही ने सभी को हैरान दिया. उस वक्त ये खबर फैली कि धोनी ने मन्नत मांगी हुई थी कि अगर टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतेगी तो वो अपने बाल काट देंगे.

वर्ल्ड कप जीतते ही धोनी ने कटा दिये थे बाल


हालांकि इसकी वजह धोनी का दबाव था. धोनी ने वर्ल्ड कप जीतने के कुछ सालों बाद कहा था कि उनके बाल कटाने की वजह दबाव था. धोनी ने बताया कि पूरे वर्ल्ड कप के दौरान उनका सिर पर दबाव था और इसे जीतने के बाद उन्होंने बाल कटाने का फैसला किया.

जहीर ने अक्ल से की 'नकल'
जहीर खान ने वर्ल्ड कप 2011 (ICC World Cup 2011) में जबर्दस्त गेंदबाजी की. वो भारत के सबसे कामयाब गेंदबाज रहे, जहीर ने 9 मैचों में 21 विकेट अपने नाम किये. जहीर खान ने वर्ल्ड कप के दौरान अपनी एक अलग तरह की गेंद से सभी को हैरान कर दिया था. जहीर ने वर्ल्ड कप में नकल गेंद का इस्तेमाल किया. क्वार्टर फाइनल मैच में उन्होंने इसी गेंद पर माइक हसी को आउट किया था. ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि जहीर खान ने नकल गेंद वर्ल्ड कप से पहले ही सीख ली थी लेकिन उन्होंने इसका इस्तेमाल पहले नहीं किया. जहीर खान वर्ल्ड कप तक का इंतजार करना चाहते थे ताकि विरोधी बल्लेबाज उनके खिलाफ रणनीति ना बना सकें.

जहीर की सलाह ने युवराज सिंह को बनाया वर्ल्ड कप हीरो
युवराज सिंह के बिना वर्ल्ड कप 2011 जीत की यादें अधूरी ही हैं. युवराज सिंह ने इस टूर्नामेंट में गेंद और बल्ले से जबर्दस्त प्रदर्शन कर भारत को चैंपियन बनाया था. युवराज को मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड भी मिला था. हालांकि वर्ल्ड कप के दौरान युवराज सिंह की तबीयत खराब थी. युवराज की पहली बार तबीयत इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में बिगड़ी. युवराज सिंह ने जहीर खान को बताया कि उन्हें तबीयत खराब लग रही है. इसके बाद जहीर खान ने उन्हें खेलने की सलाह दी और कहा कि जब वो क्रीज पर बल्लेबाजी करने जाएंगे तो उन्हें अच्छा महसूस होगा. इसके बाद युवराज सिंह ने शानदार अर्धशतक ठोका और ये मैच भारत किसी तरह बचा पाया. इसके बाद युवराज सिंह पूरे टूर्नामेंट में छाए रहे. मोटेरा में खेले गए क्वार्टर फाइनल मैच में युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई.

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First published: April 2, 2020, 6:05 AM IST
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