ON This Day: लॉर्ड्स में 42 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया, कप्तान अजीत वाडेकर को लेना पड़ा था संन्यास

अजीत वाडेकर ने भारत की तरफ से 37 टेस्ट मैच खेले हैं. 1974 का इंग्लैंड दौरा उनका आखिरी सीरीज साबित हुआ. (फाइल फोटो)

On This Day In 1974: भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में इंग्लैंड के खिलाफ 42 रन पर सिमट गई थी. यह टेस्ट में भारत का दूसरा न्यूनतम स्कोर है. इंग्लैंड ने यह टेस्ट मैच पारी और 285 रन से जीता था.

  • Share this:
     नई दिल्ली. 47 साल पहले आज के ही दिन लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम दूसरी पारी में इंग्लैंड के खिलाफ धाराशायी हो गई थी. उस समय भारत का टेस्ट क्रिकेट में यह सबसे न्यूनतम स्कोर था. 1974 में अजीत वाडेकर की कप्तानी वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड ने इस टेस्ट मैच में पारी और 285 रन से हराया था. हालांकि भारत का न्यूनतम रन रिकॉर्ड पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में टूटा था जब सितारों से सजी टीम इंडिया सिर्फ 36 रन पर सिमट गई. वाडेकर की टीम सुनील गावस्कर, गुंडप्पा विश्वनाथ, मदन लाल, बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना और भागवत चंद्रशेखर जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे.

    इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 629 रन 
    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने डेनिस एमिस (188), कप्तान माइक डैनिस (118) और टोनी ग्रेग (106) के शतकों की मदद से पंहली पारी में 629 रन बनाए. इसके अलावा जॉन एडरिच ने भी 96 रनों की पारी खेली थी. भारत के लिए बिशन सिंह बेदी ने जरूर 6 विकेट निकाले लेकिन इस स्पिनर ने 64 ओवर में 226 रन लुटा दिए थे. ईरापल्ली प्रसन्ना ने 166 रन देकर दो और सैयद आबिद अली ने 79 देकर इतने ही विकेट लिए थे.

    फारुख इंजीनियर और विश्वनाथ ने किया संघर्ष
    सुनील गावस्कर और फारुख इंजीनियर की सलामी जोड़ी ने भारत को बेहतरीन शुरुआत दिलाई. दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 131 रन जोड़े. गावस्कर ने 49 रन बनाकर क्रिस ओल्ड की गेंद पर आउट हो गए. तीसरे नंबर पर उतरे कप्तान वाडेकर सिर्फ 18 रन बनाकर चलते बने. इसके बाद उतरे गुंडप्पा विश्वनाथ ने 52 रन बनाए और जबकि इंजीनियर ने सबसे ज्यादा 86 रन बनाए. दोनों खिलाड़ियों के आउट होते ही भारत की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. पहली पारी में टीम इंडिया हालांकि 302 रन बनाने में सफल रही. इंग्लैंड की तरफ से क्रिस ओल्ड ने चार जबकि माइक हेंड्रिक ने तीन विकेट लिए.

    दूसरी पारी में सिर्फ एक बल्लेबाज पहुंचा दहाई अंक तक
    मेजबान इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 327 रन की बढ़त मिली. फॉलोआन खेलने उतरा भारत दूसरी पारी में सिर्फ 102 गेंदों का सामना ही कर सका. भारतीय टीम दूसरी पारी में 17 ओवर में सिर्फ 42 रन पर सिमट गई. एकनाथ सोलकर 18 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. दूसरी पारी में इंग्लैंड की तरफ से ज्यॉफ अरनॉल्ड ने चार जबकि क्रिस ओल्ड ने पांच विकेट झटके.

    हार के बाद वाडेकर ने लिया संन्यास
    भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले वेस्टइंडीज को उसकी धरती पर 1970-71 में 1-0 से, इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर 1971 में 1-0 से और भारत दौरे पर इंग्लैंड को 1972-73 में 2-1 से हराया था. इस सीरीज में इंग्लैंड ने भारत को 3-0 से हराया था. लॉर्ड्स के बाद बर्मिंघम में इंग्लैंड ने भारत को तीसरे और आखिरी टेस्ट में पारी व 78 रन से हराया. यह टेस्ट वाडेकर के लिए आखिरी साबित हुआ. इस हार से भारतीय प्रशंसक बेहद नाराज हुए और उन्होंने वाडेकर के घर पर पत्थर भी फेंके थे. दूसरी ओर सीरीज में 3-0 से सफाए के बाद वाडेकर से वेस्ट जोन की कप्तानी छीन ली गई थी. जब वाडेकर को इस बात का पता चला तो उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.