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HBD Prithvi Shaw: 4 साल की उम्र में मां को खोया, नमक-रोटी खाकर ठोके 546 रन; फिर डेब्यू टेस्ट में बनाया 'रिकॉर्डतोड़' शतक

HBD Prithvi Shaw: 4 साल की उम्र में मां को खोया, नमक-रोटी खाकर ठोके 546 रन; फिर डेब्यू टेस्ट में बनाया 'रिकॉर्डतोड़' शतक

Prithvi Shaw Birthday: पृथ्वी शॉ का आज यानी 9 नवंबर को जन्मदिन है. उन्होंने 4 साल की उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था. उन्हें क्रिकेटर बनाने में पिता ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था.जानिए कैसे विरार की गलियों से शॉ ने टीम इंडिया तक का सफर तय किया. (Prithvi Shaw Instagram)

Prithvi Shaw Birthday: पृथ्वी शॉ का आज यानी 9 नवंबर को जन्मदिन है. उन्होंने 4 साल की उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था. उन्हें क्रिकेटर बनाने में पिता ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था.जानिए कैसे विरार की गलियों से शॉ ने टीम इंडिया तक का सफर तय किया. (Prithvi Shaw Instagram)

Prithvi Shaw Birthday: 14 साल की उम्र में 2 दिन बल्लेबाजी... 330 गेंद में 85 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 546 रन. भले ही यह रन ऐज ग्रुप क्रिकेट टूर्नामेंट में आए हों. लेकिन कम उम्र में इतनी बड़ी पारी खेलना किसी के लिए भी आसान नहीं. कम से कम उस बच्चे के लिए तो मुश्किल ही होगा. जिसने 4 साल की उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था. हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे पृथ्वी शॉ की. शॉ (Prithvi Shaw) का आज यानी 9 नवंबर को जन्मदिन है. वो आज ही के दिन 1999 में महाराष्ट्र के ठाणे में पैदा हुए थे. जानिए कैसे विरार की गलियों से उन्होंने टीम इंडिया तक का सफर तय किया.

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    नई दिल्ली. 14 साल की उम्र में 2 दिन बल्लेबाजी… 330 गेंद में 85 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 546 रन. भले ही यह रन ऐज ग्रुप क्रिकेट टूर्नामेंट में आए हों. लेकिन कम उम्र में इतनी बड़ी पारी खेलना किसी के लिए भी आसान नहीं. कम से कम उस बच्चे के लिए तो मुश्किल ही होगा, जिसने 4 साल की उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था और फिर पिता ने अकेले उस बच्चे को पाला और उसे क्रिकेटर बनाने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया. हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे पृथ्वी शॉ की. शॉ (Prithvi Shaw Birthday) का आज यानी 09 नवंबर को जन्मदिन है. वो आज ही के दिन 1999 में महाराष्ट्र के ठाणे में पैदा हुए थे. हालांकि, पृथ्वी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. लेकिन उनके जन्म से पहले ही पिता महाराष्ट्र आ गए थे.

    पृथ्वी का बचपन विरार में बीता. उन्होंने 3 साल की उम्र में ही घर में ही प्लास्टिक बॉल से खेलना शुरू किया. पहले घर की टीवी, फिर लोगों के घरों के कांच फोड़े. उसी वक्त पिता ने पृथ्वी के टैलेंट को पहचाना और उन्हें क्रिकेट एकेडमी में डाल दिया था. लेकिन एकेडमी बांद्रा में थी. वो रोज विरार से बांद्रा ट्रेनिंग के जाते थे. इसके लिए पृथ्वी को पिता पंकज सुबह 4 बजे उठा देते थे. यह सिलसिला सालों-साल चलता रहा.

    पिता ने पृथ्वी को क्रिकेटर बनाने के लिए कपड़े की दुकान बेची
    पृथ्वी के पिता की कपड़ों की दुकान थी. लेकिन क्रिकेट में बेटे का करियर बनाने के लिए उन्होंने दुकान तक बेच दी. पृथ्वी को भी पिता का यह त्याग कम उम्र में ही समझ आ गया था. इसलिए जिस उम्र में बच्चे अपने परिवार के साथ घूमते-फिरते थे, पृथ्वी सिर्फ क्रिकेट के बारे में ही सोचते रहते थे. इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे. पैसों की तंगी झेली. लेकिन हर संघर्ष के साथ उनके क्रिकेटर बनने का सपना औऱ मजबूत होता गया.

    पृथ्वी ने 546 रन की मैराथन पारी खेली थी
    पृथ्वी ने पहली बार 2013 में सुर्खियों में आए. जब उन्होंने हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड स्कूल की तरफ से खेलते हुए सेंट फ्रांसिस स्कूल के खिलाफ 330 गेंद में 546 रन की पारी खेली थी. हालांकि, उनकी इस पारी से पिता नाराज थे. पृथ्वी ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र भी किया था. पिता की नाराजगी की वजह थी कि पृथ्वी नॉट आउट नहीं लौटे. इस पारी के बाद सचिन तेंदुलकर भी पृथ्वी के मुरीद हो गए और उन्हें एक बैट गिफ्ट किया था.

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    पृथ्वी की कप्तानी में भारत अंडर-19 टीम विश्व कप जीता
    2016 में पृथ्वी को भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली. इस टीम ने श्रीलंका में एशिया कप जीता था. 2 महीने बाद उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ सेमीफाइनल में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और दूसरी पारी में शतक बनाया, जिससे उनकी टीम को जीत मिली थी. 2 साल बाद पृथ्वी की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप जीता. इसी टूर्नामेंट के दौरान उन्हें आईपीएल नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ की मोटी कीमत में खरीदा. इसके बाद से पृथ्वी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

    पृथ्वी ने डेब्यू टेस्ट में शतक ठोका था
    उन्हें 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिला और पहले ही मैच में पृथ्वी शॉ ने शतक ठोक दिया. वो डेब्यू टेस्ट में शतक मारने वाले सबसे युवा भारतीय बने थे. तब शॉ की उम्र 18 साल 329 दिन थी. वैसे, सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक ठोकने वाले भारतीय सचिन तेंदुलकर हैं. उन्होंने 17 साल 107 दिन में इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी.

    Tags: Cricket news, Indian Cricketer, On This Day, Prithvi Shaw, Team india

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