शेन वॉर्न ने आज ही फेंकी थी बॉल ऑफ द सेंचुरी, 90 डिग्री घूम गई थी गेंद, देखें वीडियो

शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में 708 विकेट लिए हैं. (फोटो साभार-shanewarne23)

On This Day: ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न (Shane Warne) ने 1993 में अपना पहला एशेज सीरीज खेला था. वॉर्न की पहली गेंद को बॉल ऑफ द सेंचुरी (Ball Of The Century) का खिताब मिला.

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    नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने अपना आखिरी टेस्ट 14 साल पहले खेला था लेकिन आज भी उनकी 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' (Ball of The Century) की बात अक्सर होती है. वॉर्न टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट लेने इकलौते लेग स्पिनर हैं. आज से 28 साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में एशेज सीरीज(Ashes Test Series) के टेस्ट मैच में वॉर्न ने इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गैटिंग(Mike Gatting) क्लीन बोल्ड कर दिया था. इस करिश्माई गेंद ने 90 डिग्री टर्न लेते हुए गैटिंग का ऑफ स्टंप उखाड़ दिया.

    वॉर्न ने साल 1992 में सिडनी में भारत के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था. पहले टेस्ट में वह कुछ खास नहीं कर सके थे और सिर्फ एक विकेट ही लेने में सफल रहे. एशेज सीरीज में डेब्यू करने से पहले वॉर्न एक औसत लेग स्पिनर ही थे और उनके नाम 11 टेस्ट में 32 विकेट दर्ज थे. इस दौरान वह सिर्फ एक बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने में सफल रहे.  1992 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में वॉर्न ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 52 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे. वॉर्न का असली हुनर एशेज सीरीज में सामने आया. अपने पहले एशेज सीरीज में वॉर्न ने 5 टेस्ट में 29 विकेट चटकाए थे लेकिन चर्चा उनके पहली गेंद की हुई.

    वॉर्न ने एशेज टेस्ट के पहले ओवर में बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकी
    इंग्लैंड दौरे पर एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम पहली पारी में 289 रन पर ऑल आउट हो गई थी. इसके जवाब में इंग्लैंड के लिए ओपनर ग्राहम गूच और माइक आर्थटन ने पहले विकेट के लिए 71 रन जोड़े. इसी स्कोर पर आर्थटन आउट हो गए. उनके बाद माइक गैटिंग बल्लेबाजी के लिए आए. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर ने शेन वॉर्न को गेंद थमाई. ये वॉर्न का मैच में पहला ओवर था. गैटिंग 4 रन पर खेल रहे थे. वॉर्न ने फ्लाइटेड गेंद फेंकी. जो लेग स्टम्प के बाहर गिरी. सभी को यही लगा कि गेंद लेग स्टम्प के बाहर निकल जाएगी. लेकिन जो हुआ, वो देखकर सब दंग रह गए. गेंद गैटिंग का ऑफ स्टम्प ले उड़ी.  बाद में इस गेंद को सदी की सबसे महान गेंद का खिताब दिया गया.



    गैटिंग इस गेंद के जरिए इतिहास का हिस्सा बने
    गैटिंग कुछ देर के लिए वहीं खड़े रह गए. वॉर्न को भी समझ नहीं आया कि क्या हुआ. लेकिन, तब तक वॉर्न इतिहास रच चुके थे. खुद गैटिंग ने भी बाद में इस गेंद को लेकर कहा था कि ये गेंद ठीक-ठाक सी नजर आ ऱही थी. मुझे उस गेंद को स्वीप करना था. मैंने बाद में वॉर्न से भी पूछा था कि अगर आपको ऐसी गेंद मिलती तो क्या करते. तो उन्होंने भी कहा था कि मैं भी इस पर स्वीप शॉट खेलता और शायद कैच आउट हो जाता. मुझे ये लम्हा हमेशा याद रहेगा. क्योंकि मैं इसके जरिए इतिहास का हिस्सा बना था. वॉर्न ने भी बाद में इस गेंद को तुक्का करार दिया था.

    वॉर्न ने बताया था कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वो ऐसी गेंद भी फेंक सकते हैं. वॉर्न ने कहा कि मैं बस लेग ब्रेक कराने की कोशिश कर रहा था लेकिन गेंद 90 डिग्री तक घूम गई जो कि एक अजूबा था. शेन वॉर्न ने बॉल ऑफ द सेंचुरी को अपनी जिंदगी का सबसे खास पल भी बताया है.