दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज पैट कमिंस ने कहा, गेंद पर मोम लगाने की इजाजत मिले!

पैट कमिंस ने कहा- गेंद पर मोम लगाने की इजाजत मिले
पैट कमिंस ने कहा- गेंद पर मोम लगाने की इजाजत मिले

आईसीसी क्रिकेट कमेटी ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए गेंद पर थूक लगाने पर रोक की सिफारिश की है

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मेलबर्न. दुनिया के नंबर 1 बॉलर और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummins) ने गेंद पर थूक की जगह कोई और पदार्थ लगाने की इजाजत देने की मांग की है. लार के गेंद पर इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य खतरे की बात स्वीकार करते हुए कमिंस ने आईसीसी से बल्ले और गेंद में तालमेल बिठाने के लिये एक विकल्प तलाशने की बात कही. कमिंस ने कहा कि अगर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जाता है तो पसीना या फिर कोई अन्य पदार्थ जैसे मोम विकल्प हो सकता है.

गेंद पर मोम लगाने की इजाजत मिले
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की क्रिकेट समिति कोविड-19 के जोखिम को देखते हुए पहले ही गेंद पर लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की सिफारिश कर चुकी है. 27 साल के गेंदबाज कमिंस (Pat Cummins) ने कहा, 'अगर हमें लार को हटाना है तो हमें कोई और विकल्प चाहिए होगा. ' उन्होंने कहा, 'पसीना इतना बुरा भी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें आदर्श रूप से किसी और चीज की जरूरत है. यह चाहे जो कुछ भी हो, मोम या फिर मुझे नहीं पता क्या. '

कमिंस (Pat Cummins) ने कहा, 'अगर विज्ञान हमें यही कह रहा है कि लार के इस्तेमाल में जोखिम है तो हमें अन्य विकल्प खुले रखने होंगे, भले ही यह पसीना हो या फिर कुछ भी कृत्रिम चीज. ' इस समय दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज कमिंस ने कहा कि पसीना गेंद को चमकाने के लिये व्यावहारिक विकल्प है. उन्होंने कहा, 'हमें किसी भी तरह गेंद को चमकाना होगा इसलिये मुझे खुशी है कि उन्होंने पसीने को बरकरार रखा है. ' कमिंस ने कहा, 'हमें सुनिश्चित करना होगा कि स्पैल से पहले हमारा पसीना आ रहा हो.' बता दें खेल का सामान बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबूरा गेंद पर लगाने के लिए इसी तरह के पदार्थ पर काम कर रही है. खबरों के मुताबिक कूकाबूरा मोम जैसा पदार्थ बना रही जिससे गेंद की चमक बरकरार रखी जा सकती है.
क्यों है ऐसे पदार्थ की जरूरत?


किसी भी गेंदबाज के लिए गेंद को चमकाना बेहद जरूरी होता है. तेज गेंदबाज को इसी से स्विंग मिलती है और उसकी गेंद रिवर्स स्विंग भी होती है. वहीं स्पिनर को भी इससे मदद मिलती है. आज के क्रिकेट में नियम ज्यादातर बल्लेबाजों के पक्ष में हैं. पिच भी पहले जैसी मददगार नहीं होती जिसकी वजह से गेंदबाजों की जमकर पिटाई होती है. अब गेंद पर थूक या सलाइवा का इस्तेमाल भी बंद हो रहा है, तो ऐसे में क्रिकेट का संतुलन बिगड़ सकता है. (भाषा के इनपुट के साथ)

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