पाकिस्तानी टेस्ट टीम के क्रिकेटरों को लगी कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज, पीसीबी ने दी जानकारी

टीकाकरण का कार्यक्रम चार मार्च को कराची में शुरू हुआ(फोटो साभार-@TheRealPCB)

टीकाकरण का कार्यक्रम चार मार्च को कराची में शुरू हुआ(फोटो साभार-@TheRealPCB)

फरवरी-मार्च में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2021) में शामिल विभिन्न टीमों के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ तथा पीसीबी मैच अधिकारियों को भी पहला टीका लगा दिया गया है.

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नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा कि उसके खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने कोविड-19 के पहले चरण का टीका ले लिया है. पीसीबी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार के नेशनल कमांड एवं ऑपरेशन सेंटर के सहयोग से टीकाकरण का पहला चरण संपन्न हुआ. पहले चरण में 57 पुरुष खिलाड़ियों, पुरुष टीम के 13 अधिकारियों और तेरह पुरुष और महिला कोच पर टीका लगाया गया. इसके अलावा फरवरी-मार्च में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में शामिल विभिन्न टीमों के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ तथा पीसीबी मैच अधिकारियों को भी पहला टीका लगा दिया गया है. टीकाकरण का कार्यक्रम चार मार्च को कराची में शुरू हुआ था और यह दो महीने तक चला. यह कार्यक्रम छह मई तक चला जब जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेल रहे आठ खिलाड़ियों को दूसरा टीका लगाया गया था.

भारतीय क्रिकेटरों को सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन लेने की सलाह

भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड जाने से पहले कोरोना वायरस का टीका ले सकते हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय खिलाड़ी संभवत: कोविशिल्ड का टीका लेंगे. भारत सरकार ने एक मई से 18 साल के ऊपर के लोगों को भी टीका लगाना शुरू कर दिया है, इससे भारतीय खिलाड़ी भी इसके दायरे में आ गए हैं. पहले कहा गया था कि भारतीय खिलाड़ियों को आईपीएल के बीच में ही खिलाड़ियों को टीका लगेगा, लेकिन आईपीएल स्थगित होने के चलते यह योजना खटाई में पड़ गई.


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विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल में जाने से पहले क्या बीसीसीआई की भारतीय क्रिकेटरों को टीका लगाने की कोई योजना है? इस पर सौरव गांगुली ने कहा, ''अब उनके पास वक्त है. वे व्यक्तिगत तौर पर अपना वैक्सीनेशन करवा सकते हैं, क्योंकि राज्य सरकारें यह कर रही हैं. सभी खिलाड़ी अपने-अपने घर चले गए हैं, इसलिए यही आसान और सही तरीका है."

हालांकि खिलाड़ियों को सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन लेने की सलाह दी गई है. कोविशील्ड लेना सिर्फ उन्हीं क्रिकेटरों के लिए जरूरी है जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड सीरीज का हिस्सा हो सकते हैं. अगर भारतीय खिलाड़ी यहां कोविशील्ड का पहला डोज भारत में लेते हैं तो उनके पास दूसरा डोज लेने का समय नहीं होगा. चूंकि कोविशील्ड ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन है तो इंग्लैंड में रहने के दौरान भारतीय खिलाड़ी इसका दूसरा डोज ले सकते हैं.

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