Sunday Special: डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं ये भारतीय क्रिकेटर, कोई पिस्‍टल तो कोई बालकनी से कूदकर करना चाहता था आत्‍महत्‍या

प्रवीण कुमार, मोहम्‍मद शमी, कुलदीप यादव, रॉबिन उथप्‍पा जिंदगी में उस दौर का सामना कर चुके हैं
प्रवीण कुमार, मोहम्‍मद शमी, कुलदीप यादव, रॉबिन उथप्‍पा जिंदगी में उस दौर का सामना कर चुके हैं

ये भारतीय क्रिकेटर्स इतना अधिक डिप्रेशन में आ गए थे कि आत्‍महत्‍या जैसे कदम उठाने के बारे में सोचने लगे थे, इनमें से एक खिलाड़ी तो खुद की जिंदगी खत्‍म करने के लिए परिवार को सोता छोड़ घर से बाहर भी निकल गया था

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नई दिल्‍ली. बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) अब इस दुनिया में नहीं रहे. बीते रविवार उन्‍होंने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली. माना जा रहा है कि वो डिप्रेशन से जूझ रहे थें, जिसके बाद उन्‍होंने ऐसा कदम उठाया. उनकी मौत से हर किसी को झटका लगा है. साथ ही एक बार फिर मेंटल हेल्‍थ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. खेल जगत भी लोगों को मेंटल हेल्‍थ के प्रति अवेयर कर रहा है. कई क्रिकेटर्स तो खुद इस दौर का बाहर निकल चुके हैं और उनके बखूबी पता है कि इससे कैसे लड़ा जा सकता है. हालांकि कई ऐसे भी क्रिकेटर्स हैं, जो डिप्रेशन के कारण इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. भारतीय क्रिकेट जगत में पिछले सालभर में चार क्रिकेटर्स के ऐसे किस्‍से सामने आए तो आत्‍महत्‍या करने की कगार पर पहुंच चुके थे, मगर किसी एक चीज ने उन्‍हें ऐसा खौफनाक कदम उठाने से रोक लिया और आज वो सभी अपने जिंदगी का भरपूर लुत्‍फ उठा रहे हैं.

प्रवीण कुमार: इस लिस्‍ट में सबसे पहला नाम भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) का आता है. वो एक समय इतने अधिक निराश और डिप्रेशन में आ गए थे कि सर्द सुबह वो घरवालों को सोता छोड़कर आत्‍महत्‍या करने निकल गए थे. उन्‍होंने पिस्‍टल तक निकाल थी और सोच लिया था कि अब सब खत्‍म कर देंगे. मगर एक चीज ने उन्‍हें ट्रिगर दबाने से रोक लिया और उनकी गाड़ी में रखी थी और जब उनके दिमाग में यह सब विचार आ रहे थे, तभी गाड़ी में रखी बच्‍चों की फोटो पर उनकी नजर पड़ी और उन्‍होंने यूटर्न ले लिया.
पिछले साल इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्‍होंने इसका खुलासा किया था. भारत की ओर से 84 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले प्रवीण को टीम इंडिया की ओर से खेले हुए 9 साल हो गए हैं. टीम में वापसी न कर पाने के कारण वे इतने अधिक अवसाद से घिर गए थे कि एक दिन उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने की ठान ली और घर से चले गए. मेरठ में एक सर्द सुबह प्रवीण घरवालों को सोता छोड़ अपना मफलर पहनकर, हाथ में पिस्टल लिए अपनी गाड़ी में हरिद्वार हाईवे पर निकल गए. अंधेरी सड़क पर वह अपनी गाड़ी में बैठे रहे. वहां उनके बगल में ही पिस्टल रखी थी. प्रवीण कुमार ने बताया कि जब उनके दिमाग में ये सब बातें घूम रही थी, तभी उनकी नजर कार में रखी बच्चों की फोटो पर पड़ी, जिसमें उनके चेहरे पर मुस्कुराहट थी. उस फोटो को देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने मासूम बच्चों के लिए यह नहीं कर सकते और उन्होंने उस विचार को दिमाग से निकाल दिया और वापस आ गए.

मोहम्‍मद शमी: जिंदगी के मुश्किल दौर को पार करने के बाद तेज गेंदबाज मोहम्‍मद शमी (Mohammed Shami) टीम इंडिया के अहम खिलाड़ी बनकर उभरे. मगर उनकी जिंदगी में भी वो पल आया था, जब उनके दिमाग में तीन बार आत्‍महत्‍या करने का विचार आया और ऐसे समय उनका परिवार उनके साथ रहा. जिसके बाद उन्‍होंने जबरदस्‍त वापसी की. इसी साल मई में रोहित शर्मा के साथ इंस्‍टाग्राम लाइव में बात करते हुए शमी ने इसका खुलासा किया था. उन्‍होंने बताया था कि 2015 वर्ल्‍ड कप में लगी चोट के बाद उन्‍हें मैदान पर वापसी करने में करीब 18 महीने का समय लग गया था. वो 18 महीने उनके लिए काफी तनावपूर्ण थे. शमी ने कहा कि उन्‍होंने फिर से क्रिकेट खेलना शुरू किया और फिर उन्‍हें कुछ निजी समस्‍याओं से गुजरना पड़ा. दरअसल 2018 से शमी की जिंदगी में काफी उथल पुथल चल रही है. उनकी पत्‍नी हसीन जहां ने उन पर घरेलू हिंसा, मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उस समय काफी बवाल भी मचा था. हालांकि बाद में शमी ने परिस्थितियों को संभाला. उन्‍होंने कहा कि वह सिर्फ अपने परिवार के कारण ही इन सब मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर सके.
शमी ने बताया कि उस दौरान कोई न कोई उनके साथ 24 घंटे और सातों दिन मौजूद होता है. वह मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ नहीं थे. उनका परिवार उनके साथ था. उन्‍होंने बताया कि अगर परिवार साथ नहीं होता है वो शायद वो कोई गलत कदम उठा लेते. उन्‍होंने बताया कि उन्‍होंने तीन बार खुदकुशी करने के बारे में सोचा था. उनका घर 24वें फ्लोर पर था और शमी के परिवार को लगता था कि कहीं वह अपार्टमेंट से कूद न जाएं.



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रॉबिन उथप्‍पा भी डिप्रेशन के दौर से गुजर चुके हैं


रॉबिन उथप्‍पा: भारत को 2007 में पहला टी20 वर्ल्‍ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी रॉबिन उथप्‍पा (Robin Uthappa) भी डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं. दो साल तक डिप्रेशन से जूझने वाले रॉबिन उथप्‍पा ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि उनके मन में भी बालकनी से कूदकर आत्‍महत्‍या करने का विचार आया था.
कुछ समय पहले ही रॉबिन उथप्‍पा ने खुलासा किया था कि 2009 से 2011 के बीच वह आत्‍महत्‍या के विचारों से जूझते रहे थे और उस समय क्रिकेट ही एकमात्र वजह थी कि जिसने उन्‍हें बालकनी से कूदने से रोका था. उन्‍होंने बताया कि उस मुश्किल समय में वह इधर उधर बैठकर सिर्फ यही सोचते थे कि दौड़कर जाएं और बालकनी से कूद जाएं. मगर किसी चीज ने उन्‍हें रोके रखा. इसके बाद उन्‍होंने डायरी लिखनी शुरू की और एक इंसान के तौर पर खुद को समझना शुरू किया. बाहरी मदद भी ली, ताकि जीवन में बदलाव ला सकें.

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सुशांत राजपूत की तरह इस क्रिकेटर के पिता भी थे डिप्रेशन में, घर में फांसी लगाकर की खुदकुशी

कुलदीप यादव : चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) इस वक्त टीम इंडिया के ही नहीं दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक माने जाते हैं. खासतौर पर वनडे और टी20 फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन लाजवाब रहा है. कुलदीप की जिंदगी में भी एक समय ऐसा आया था, जब उनके मन में आत्‍महत्‍या करने का विचार अया. एक इंटरव्यू में कुलदीप ने खुलासा किया था कि अंडर 15 टीम में चयन नहीं होने पर वो इतना निराश हो गए थे कि उन्होंने खुदकुशी करने की ठान ली थी. हालांकि कुलदीप के पिता ने उनका मनोबल बढ़ाया और फिर इस गेंदबाज ने और ज्यादा मेहनत की.

ये इंटरनेशनल क्रिकेटर्स कर चुके हैं सुसाइड
डेविड बेयरस्‍टो, सुनील जयसिंघे, ग्‍लेन हॉल, सिडनी बर्न्‍स, जैक लेवरसंस, फेन क्रेसवेल, जॉर्ज शेपस्‍टोन, एल्‍बर्ट रेल्‍फ, विलियम ब्रुस सहित कई क्रिकेटर्स सुसाइड कर चुके हैं.
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