IND vs SL: पृथ्वी शॉ ने एडिलेड में दोनों पारियों में बोल्ड होने के बाद ऐसे बदला अपना खेल, द्रविड़ ने भी की मदद

IND vs SL: पृथ्वी शॉ एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में बोल्ड हो गए थे. (फोटो-AP)

India vs Sri Lanka: पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने श्रीलंका के खिलाफ (IND vs SL) पहले वनडे मैच में 24 गेंदों में नौ चौके की मदद से 43 धमाकेदारी पारी खेली. शॉ को मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. पिछले साल दिसंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में दोनों पारियों में बोल्ड होने के बाद शॉ को टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था.

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    नई दिल्ली. पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) साल 2021 में पूरी तरह नए रंग में दिख रहे हैं. विजय हजारे ट्रॉफी, आईपीएल के बाद अब श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के खिलाफ पहले वनडे में शॉ ने विस्फोटक पारी खेली है. पृथ्वी शॉ ने श्रीलंका के खिलाफ (IND vs SL) 24 गेंदों में नौ चौके की मदद से 43 धमाकेदारी पारी खेली. उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. दूसरी बार टीम इंडिया (Team India) में मौका मिलने के बाद शॉ ने संकेत दिया है कि वह अब कहीं नहीं जाने वाले. सात महीने पहले एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों पारियों में बोल्ड होने के बाद पृथ्वी को टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड दौरे के लिए भी टीम में जगह नहीं मिली. लेकिन इस बीच इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में जमकर रन बनाए हैं.

    पृथ्वी शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में 165.40 की औसत से 827 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 138.29 का रहा. इसके अलावा शॉ ने आईपीएल टूर्नामेंट स्थगित होने से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए 8 मैचों में 308 रन ठोक दिये थे. शॉ का स्ट्राइक रेट 166 का था और उन्होंने 3 अर्धशतक भी जड़े.

    ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद तकनीक में किया बदलाव
    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम से ड्रॉप होने के बाद शॉ को अपनी तकनीक की चिंता होने लगी थी. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वो बार-बार क्यों बोल्ड हो रहे थे.  शॉ अपनी कमी को दूर करना चाहते थे. एक इंटरव्यू में शॉ ने बताया, "मैंने ऑस्ट्रेलिया में ही इस पर काम शुरू कर दिया था. मुझे अपने बल्ले को अपने शरीर के करीब रखने की जरूरत थी, जो मैं नहीं कर रहा था. मैंने बल्लेबाजी के दौरान अपने मूवमेंट को नियंत्रित किया. ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने अपने कोच प्रशांत शेट्टी सर और प्रवीण आमरे सर से बात की. विजय हजारे ट्रॉफी खेलने से पहले उनके साथ नेट्स पर काम किया. उनके सुझाव के बाद मैंने बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किया और फिर टूर्नामेंट में अपना स्वाभाविक खेल खेला."

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    'राहुल सर ने हमेशा नेचुरल गेम खेलने को कहा'
    श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले शॉ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि राहुल द्रविड़ ने उन्हें कभी बल्लेबाजी में बदलाव करने की सलाह नहीं थी. शॉ ने कहा, ''उन्होंने कभी भी हम पर कुछ थोपने या बदलने की कोशिश नहीं की. उन्होंने किसी की बल्लेबाजी में कोई बदलाव नहीं किया. वह मुझे भी बोलते थे कि मुझे मेरा नेचुरल गेम खेलना है, क्योंकि वह जानते थे कि अगर मैं पॉवरप्ले ओवरों में खेलूंगा तो इससे टीम को मदद मिलेगी. उन्होंने मुझे कभी मेरा गेम खेलने से नहीं रोका.''

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