चंदोरकर का खास शतक, 100वां जन्‍मदिन मनाने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर बने

रघुनाथ चंदोरकर 100वां जन्‍मदिन मनाने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए (सांकेतिक फोटो )
रघुनाथ चंदोरकर 100वां जन्‍मदिन मनाने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए (सांकेतिक फोटो )

रघुनाथ चंदोरकर (raghunath chandorkar) आज यानी 21 नवंबर को 100 साल के हो गए हैं और इसी के साथ उन्‍होंने एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 10:10 AM IST
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नई दिल्‍ली. सबसे उम्रदराज जीवित रणजी खिलाड़ी महाराष्‍ट्र के रघुनाथ चंदोरकर (raghunath chandorkar) आज अपना 100वां जन्‍मदिन बना रहे हैं. 21 नवंबर 1920 को महाराष्‍ट्र में जन्‍में चंदोरकर इसी के साथ 100वां जन्‍मदिन मनाने वाले तीसरे भारतीय फर्स्‍ट क्‍लास खिलाड़ी बन गए हैं. डीबी देवधर 1892- 1993 और वसंत रायजी 1920- 2020 उनसे पहले ऐसा कर चुके हैं. रायजी ने इसी साल 26 जनवरी को अपना 100वां जन्‍मदिन मनाया था, मगर जून में उन्‍होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था.

मिडिल ऑर्डर बल्‍लेबाज और लेग स्पिन गेंदबाज चंदोरकर 1943 से 44 और 1946 से 47 में महाराष्‍ट्र की तरफ से पांच रणजी ट्रॉफी मैच खेल चुके हैं. 1950 -51 सीजन में वह मुंबई में चले गए थे. फिलहाल अब वह डोंबिवली में एक शांत जिंदगी जी रहे हैं. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की खबर के अनुसार चंदोरकर अपनी मेमोरी खो चुके हैं, मगर वह आज भी टीवी पर क्रिकेट देखते हैं. उनकी बहू विनीता के अनुसार हम नहीं जानते कि उनके दिमाग में क्‍या चल रहा है, मगर वह टीवी पर क्रिकेट देखते हैं. कोविड के कारण उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्‍हें सितंबर में उम्रदराज सुविधा में शिफ्ट कर दिया गया था.

चंदोरकर का करियर
7 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों की 10 पारियों में चंदोरकर ने 15.50 की औसत से 155 रन बनाए. जिसमें उनकी सर्वोच्‍च पारी 37 रन की रही. इसी के साथ उन्‍होंने 16 रन देकर दो विकेट भी लिए. चंदोरकर देवधर के नेतृत्‍व में एसपी कॉलेज और पीवाइसी जिमखाना की तरफ से खेले. वह 80 की उम्र में भी साइकिल से अपने घर से क्रिकेट ग्राउंड जाते थे, जो करीब चार किलोमीटर दूर था.
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चंदोरकर अपनी फिटनेस और डाइट के संतुलन को बनाकर रखते थे. परिवार के अनुसार 1958 तक चंदोरकर ने एक ग्‍लास वर्क का बिजनेस किया और इसके बंद होने के बाद वह ग्‍लास वर्कस की फैक्‍ट्री में काम करने लग गए थे. वहीं अगर रायजी की बात करें तो वह बड़ौदा और मुंबई दो टीमों से खेले थे. 9 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में उन्‍होंने 23.08 की औसत से 277 रन बनाए थे. जिसमें उनकी सर्वोच्‍च पारी 68 रन की रही.
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