राहुल द्रविड़ के तराशे खिलाड़ी आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मचा रहे धूम, जानें क्यों हैं वो बेस्ट कोच

राहुल द्रविड़ के कोच रहते हुए भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने 2018 में विश्व कप जीता था. (Rahul Dravid Twitter)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को इस साल जुलाई में श्रीलंका जाने वाली टीम इंडिया (Team India) का कोच बनाया जा सकता है. हालांकि, वो इससे पहले वो इंडिया-ए और अंडर-19 टीम के हेड कोच रह चुके हैं. उनकी कोचिंग में भी भारत ने 2018 में अंडर-19 का विश्व कप जीता था, जबकि 2016 में टीम रनर अप रही थी. जानें क्यों द्रविड़ हैं बेस्ट कोच.

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    नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को इस साल जुलाई में श्रीलंका जाने वाली टीम इंडिया (Team India) का कोच बनाया जा सकता है. द्रविड़ के लिए ये भूमिका नई नहीं है. वो 2016 से 2019 तक इंडिया-ए (India-A Team) और अंडर-19 टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. उनके कोच रहते ही भारत की अंडर-19 टीम 2016 में विश्व कप की उपविजेता और 2018 में चैंपियन बनी थी. उन्हें 2019 में बीसीसीआई ने नेशनल क्रिकेट एकेडमी यानी एनसीए का डायरेक्टर बनाया था. इस रोल में भी वो नए खिलाड़ियों और कोच को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं.

    मौजूदा दौर में टीम इंडिया के लिए खेल रहे ऋषभ पंत, वॉशिंगटन सुंदर, इशान किशन, पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों के हुनर को तराशने का श्रेय द्रविड़ को ही जाता है. उनके अंडर-19 टीम के हेड कोच रहने के दौरान ही इन खिलाड़ियों ने अपनी काबिलियत से टीम इंडिया का टिकट कटाया था.

    कोच के रूप में हिट रहे हैं द्रविड़
    अंडर-19 और इंडिया-ए टीम के कोच बनने से पहले द्रविड़ 2012-13 में आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स(RR) के कोच, कप्तान और मेंटॉर की भूमिका निभा चुके हैं. उनकी कोचिंग में ही राजस्थान 2013 में लीग का प्लेऑफ खेली थी. इतना ही नहीं, राजस्थान टीम के कोच रहते हुए उन्होंने ब्रैड हॉज जैसे खिलाड़ी को मैच फिनिशर के रूप में तब्दील किया.

    2016 में भारतीय अंडर-19 टीम का कोच बनने से पहले द्रविड़ के पास दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) का कोच बनने का ऑफर था. लेकिन उन्होंने इस डील को ठुकराते हुए अंडर-19 टीम को कोचिंग देने का फैसला किया. पहले ही साल द्रविड़ की कोचिंग में अंडर-19 टीम ने कमाल दिखाया और 2016 में बांग्लादेश में हुए विश्व कप में भारतीय टीम रनर अप रही.फाइनल में उसे वेस्टइंडीज ने हराया.

    इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कमान विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन के हाथों में थी. जो टीम इंडिया के लिए खेल चुके हैं. ऋषभ पंत, वॉशिंगटन सुंदर और आवेश खान भी इस विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे और इसमें से कुछ आज सीनियर टीम में भी खेल रहे हैं. ये सब द्रविड़ की देखरेख और टिप्स का ही नतीजा था कि अंडर-19 विश्व कप खेलने के कुछ साल बाद ही ये खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए चुन लिए गए.

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    द्रविड़ की एक सलाह ने शुभमन गिल का खेल बदला
    भारतीय टीम ने 2016 की नाकामी को भुलाते हुए 2018 के अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और चौथी बार विश्व चैम्पियन बनी. उस विश्व कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ शुभमन गिल ने शतकीय पारी खेली थी और उनकी इस पारी की बदौलत भारत 203 रन से मैच जीता था. मैच के बाद शुभमन ने भी अपनी इस पारी का श्रेय द्रविड़ को दिया था. दरअसल, द्रविड़ ने शुभमन को हवा में शॉट्स नहीं खेलने की सलाह दी थी और इस पर अमल करने के कारण ही शुभमन दबाव वाले सेमीफाइनल में शतक लगा पाए.

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    द्रविड़ की कोचिंग में भारत 2018 में अंडर-19 का विश्व चैम्पियन बना
    इसी मैच से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है. दरअसल, पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले आईपीएल ऑक्शन हुआ. इसमें कमलेश नागरकोटी, शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजियों ने मोटी रकम में खरीदा. खिलाड़ी इसके चक्कर में अपने खेल पर से ध्यान न हटा लें इसे ध्यान में रखते हुए द्रविड़ ने अगले कुछ दिनों के लिए सभी के फोन बंद करा दिए थे. खिलाड़ियों ने भी अपने कोच को निराश नहीं किया और पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान और फिर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर रिकॉर्ड चौथी बार विश्व कप जीता. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि द्रविड़ बतौर कोच क्यों खास और बेस्ट हैं.