रवि शास्त्री के 5 फैसले जो उन्हें बेस्ट हेड कोच बनाते हैं

रवि शास्त्री हैं बेस्ट हेड कोच, जानिए 5 वजहें  (PIC: AFP)

रवि शास्त्री हैं बेस्ट हेड कोच, जानिए 5 वजहें (PIC: AFP)

टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) अकसर सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहते हैं. कुंबले-गांगुली के फैंस उन्हें पसंद नहीं करते हैं लेकिन शास्त्री ने खुद को बेस्ट हेड कोच साबित कर दिया है, जानिये कैसे?

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नई दिल्ली. टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) अकसर सोशल मीडिया पर ट्रोल होते नजर आते हैं. फैंस उनका मजाक उड़ाते हैं, उनके मीम्स शेयर करते हैं लेकिन रवि शास्त्री को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. रवि शास्त्री जब से टीम इंडिया के कोच बने हैं, उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहतर ही हुआ है. अकसर टीम इंडिया की जीत में विराट कोहली-रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की बातें होती हैं लेकिन उस जीत को हासिल करने का रोडमैप रवि शास्त्री के दिमाग की ही उपज होता है. आइए आपको बताते हैं वो 5 घटनाएं जो रवि शास्त्री को टीम इंडिया का बेस्ट कोच साबित करती हैं.

ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया महज 36 रन पर सिमट गई. ये भारत का सबसे न्यूनतम स्कोर था और ऐसे शर्मनाक प्रदर्शन के बाद हर खिलाड़ी का मनोबल टूट चुका था लेकिन इसके बाद वो रवि शास्त्री ही थे जिन्होंने टीम इंडिया में जीत की आग भरी. रवि शास्त्री ने एडिलेड टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद खिलाड़ियों को कहा कि वो 36 रन पर सिमटने से दुखी ना हों, बल्कि वो इसे एक बैज की तरह पहनें. ऐसा करने से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे. रवि शास्त्री की ये बात काम कर गई और अगला ही टेस्ट टीम इंडिया ने जीता. तीसरा टेस्ट हैरतअंगेज तरीके से ड्रॉ हुआ और अंत में भारत ने ब्रिसबेन में ऐतिहासिक जीत हासिल कर सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया.
वो रवि शास्त्री ही थे जिन्होंने वॉशिगंटन सुंदर को बल्लेबाजी के लिए प्रेरित किया. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के कई खिलाड़ी चोटिल हो गए और चौथे टेस्ट में टीम इंडिया के पास कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर में से किसी एक को मौका देने का विकल्प बचा. रवि शास्त्री ने कुलदीप की जगह नेट बॉलर वॉशिंगटन सुंदर को मैच खिलाने का फैसला किया. सुंदर ने उस टेस्ट मैच में 84 रन बनाए और 3 विकेट भी हासिल किये. बता दें वो रवि शास्त्री ही थे जो सुंदर से नेट्स पर रोज बल्लेबाजी करने को कहते थे.
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मोहम्मद सिराज के प्रदर्शन को भला कौन भूल सकता है. सिराज को मेलबर्न टेस्ट में डेब्यू का मौका रवि शास्त्री ने ही दिया. बता दें ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही सिराज को उनके पिता के देहांत की खबर मिली. इसके बाद कोच शास्त्री सिराज के पास गए और उन्होंने कहा- तू मैच खेल, देख तुझे पांच विकेट मिलेगा. तेरे डैडी की दुआ तेरे साथ होगा. शास्त्री की बात सच साबित हुई और मोहम्मद सिराज ने मेलबर्न में पांच विकेट लिये और टीम इंडिया को जीत हासिल हुई.
जिस ऋषभ पंत को आज दुनिया सलाम कर रही है, एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें बाहर निकालने की मांग हो रही थी. साल 2019 में खराब प्रदर्शन के बाद लगातार ऋषभ पंत पर दबाव बनाया जा रहा था लेकिन ऐसे मौके पर रवि शास्त्री ने उनका साथ दिया. रवि शास्त्री ने हर बार पंत को टैलेंटेड खिलाड़ी बताया और वो टीम इंडिया में बरकरार रहे. इसके बाद पंत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. बाएं हाथ का ये बल्लेबाज अपने दम पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिता चुका है.
चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में मिली हार के बाद टीम इंडिया ने वनडे और टी20 फॉर्मेट में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी को मैदान पर उतारा. इन दोनों गेंदबाजों ने मिलकर विपक्षी टीमों के नाक में दम किया. भारत ने वेस्टइंडीज, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज जीती. यही नहीं एशिया कप 2018 में भी उसे जीत हासिल हुई. इन सभी दौरों पर मिली जीत में चहल-कुलदीप की फिरकी का बड़ा हाथ था. बता दें इन दोनों खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का आइडिया भी रवि शास्त्री का ही था, जिसका टीम इंडिया को जमकर फायदा मिला.
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