अश्विन इस खतरनाक बॉल ​को फेंकने के लिए आईसीसी से चाहते हैं छूट, सकलैन मुश्ताक-शोएब मलिक की तारीफ की

अश्विन 'दूसरा' गेंद डालने में आईसीसी से छूट चाहते हैं .(फोटो-AFP)

अश्विन 'दूसरा' गेंद डालने में आईसीसी से छूट चाहते हैं .(फोटो-AFP)

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक ही एकमात्र गेंदबाज थे जो 'दूसरा' गेंद को खूबसूरती से फेंकते थे. सकलैन के अलावा अश्विन ने शोएब मलिक की भी तारीफ की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:49 AM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. भारत के स्टार स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को लगता है कि सकलैन मुश्ताक एकमात्र स्पिनर थे जो अपने करियर के दौरान ‘वैध दूसरा’ गेंद डालते थे. अश्विन चाहते हैं कि आईसीसी को 'दूसरा' गेंद डालने के लिए कोहनी मोड़ने की मौजूदा 15 डिग्री की सीमा को बढ़ाना चाहिए. अश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ‘परफोरमेंस’ विश्लेषक प्रसन्ना अगोराम से चर्चा के दौरान ऑफ स्पिनरों की इस खतरनाक गेंद के बारे में विस्तार से बात की. सकलैन ने ‘दूसरा’ फेंकने की शुरुआत की थी. मुथैया मुरलीधरन, हरभजन सिंह और सईद अजमल भी इस गेंद से बल्लेबाजों को चौंका देते थे.

अश्विन ने अपने तमिल यूट्यूब चैनल शो ‘द लीजेंड ऑफ द दूसरा’ में अगोराम के साथ चर्चा में कहा, ‘‘मेरे हिसाब से, हमें इसे (दूसरा को) खत्म नहीं करना चाहिए. बल्कि स्पिनरों को कोहनी के उचित मोड़ के साथ जिम्मेदारी से दूसरा गेंद फेंकने के लिये सक्षम करना चाहिए. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसमें किसी भी तरह का उल्लघंन नहीं होना चाहिए. हर किसी को माइनस 15 डिग्री या 20-22 डिग्री तक मोड़ के साथ गेंदबाजी की अनुमति देनी चाहिए. ’’अगोराम चाहते हैं कि आईसीसी कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की सीमा को बढ़ा दे और साथ ही स्पिनरों को जिम्मेदारी से दूसरा गेंद फेंकनी चाहिए.

गेंदबाजों को भी मिले बल्लेबाजों की तरह आजादी

अगोराम कहा, ‘‘मैं बल्ले और गेंद में बराबर संतुलन चाहता हूं. गेंदबाजों को भी बल्लेबाजों की तरह आजादी की जरूरत है. इसी से प्रतिस्पर्धा बेहतर हो सकती है. मैं गेंदबाजों को टी20 क्रिकेट में 125 रन के स्कोर का बचाव करते हुए देखना चाहता हूं लब्बोलुवाब यही है.’’ अगोराम ने कहा, ‘‘लेकिन कुछ मामलों में जब अंपायरों का एक्शन सिर्फ दूसरा के लिये होता है तो मैं चाहता हूं कि आईसीसी इस कोहनी के मुड़ाव को 18.6 डिग्री तक कर दे. अगर गेंदबाजों को दूसरा गेंदबाजी की अनुमति मिल जाती है तो प्रतिस्पर्धा (बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच) पर विचार किया जाना चाहिए. ’’
यह भी पढ़ें:

IND vs SL: कौन हैं सिमरजीत सिंह, जो टीम इंडिया के साथ जाएंगे श्रीलंका?

On This Day: 12 रन पर ऑलआउट हो गई थी दिग्‍गजों से भरी टीम, मगर दूसरी टीम को जीतने नहीं दिया



सकलैन-शोएब की तारीफ की

अश्विन ने भी कहा कि पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक ही एकमात्र गेंदबाज थे जो 'दूसरा' गेंद को खूबसूरती से वैध रूप से फेंकते थे. उनके अनुसार वैध दूसरा फेंकने वाले एक अन्य स्पिनर शोएब मलिक हैं जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान लगाना शुरू कर दिया.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज