रवींद्र जडेजा का छलका दर्द, कहा- भारतीय टीम से बाहर होने के बाद डेढ़ साल तक नहीं सो पाया

रवींद्र जडेजा इस समय इंग्लैंड दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं (PIC: PTI)

ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) भारतीय टीम से बाहर होने के बाद डेढ़ सालों तक सो नहीं पाए थे. 2017 के बाद जडेजा टी20 से दो साल, वनडे से एक साल और टेस्ट टीम से करीब 6 महीने तक बाहर हो गए थे. इसके बाद जडेजा हर दिन यही सोचते थे कि टीम इंडिया में वापसी कैसे करनी है.

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    नई दिल्ली. भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) इन दिनों इंग्लैंड दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं. साल 2018 के इंग्लैंड दौरे से पहले जडेजा काफी समय तक भारतीय टेस्ट और वनडे टीम से बाहर थे. उस दौरे ने जडेजा के करियर को बदल को डाला. अब यह खिलाड़ी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने के लिए बेकरार है. जडेजा भारतीय टीम के उन चुंनिदा खिलाड़ियों में हैं जो तीनों फार्मेट में खेलते हैं. जडेजा ने हाल में ही आईपीएल 2021 में जबरदस्त प्रदर्शन कर अपने फॉर्म में वापसी के संकेत दे दिए हैं.

    डेढ़ साल तक ठीक से नहीं सोया
    जडेजा ने अपने करियर से जुड़े पहलुओं पर अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत की है. जडेजा से जब पूछा गया, 18 महीने तक आप वनडे और टेस्ट टीम से बाहर रहे. आपने इतनी जोरदार वापसी कैसे की? इस सवाल के जवाब में जडेजा ने कहा, 'सच कहूं तो वो डेढ़ साल रातों की नींद हराम कर गए. उस दौर में मुझे याद है कि मैं सुबह 4-5 बजे तक उठ जाता था. मैं सोच रहा था कि क्या करूं, मैं वापसी कैसे करूं? मैं सो नहीं सका. मैं लेटा रहता था, लेकिन जगा ही रहता. मैं टेस्ट टीम में था, लेकिन खेल नहीं रहा था. मैं वनडे नहीं खेल रहा था. मैं घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहा था, क्योंकि मैं भारतीय टीम के साथ यात्रा कर रहा था. मुझे खुद को साबित करने का कोई मौका नहीं मिल रहा था. मैं सोचता रहता कि मैं वापस कैसे आऊंगा.'

    ओवल टेस्ट ने बदला जडेजा का खेल
    2018 ओवल टेस्ट में 332 रन का पीछा करते हुए एक समय टीम इंडिया छह विकेट पर 160 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी. जडेजा ने उस मैच में शानदार 86 रन बनाए. उनके प्रदर्शन पर कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि यह ऑलराउंडर दुनिया में कहीं भी खेल सकता है. इस मैच को याद करते हुए जडेजा ने कहा, 'उस टेस्ट ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया. पूरा खेल. मेरा प्रदर्शन, मेरा आत्मविश्वास, सब कुछ. जब आप सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ अंग्रेजी परिस्थितियों में स्कोर करते हैं, तो यह आपके आत्मविश्वास को बहुत प्रभावित करता है. यह आपको महसूस कराता है कि आपकी तकनीक दुनिया में कहीं भी स्कोर करने के लिए काफी अच्छी है. बाद में हार्दिक पंड्या चोटिल हो गए और मैंने वनडे में वापसी की. तब से मेरा खेल अच्छा चल रहा है. मुझे याद है कि जब मैं उस टेस्ट में बल्लेबाजी के लिए गया था तो पहले से कोई योजना नहीं थी. मैंने अपना समय लिया और डेब्यू कर रहे हनुमा विहारी को भी ऐसा करने को कहा.'

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    आईपीएल से पहले डेढ़ महीने तक कड़ा अभ्यास
    आईपीएल 2021 में अपने प्रदर्शन पर जडेजा कहते हैं, 'मैंने अपने ट्रेनिंग के तरीकों में सुधार किया क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि टी-20 में मुझे टाइमिंग के अलावा पॉवर हिटिंग की जरूरत है. जब आप टेस्ट की तरह रन बनाने की जल्दी में नहीं होते हैं तो टाइमिंग आपके काम आता है. मैंने सीजन से पहले ट्रेनिंग सेशन बढ़ाया. साथ ही शरीर के ऊपरी हिस्से और कंधे पर बहुत काम किया. आईपीएल 2020 से पहले डेढ़ महीने का अभ्यास किया था और मैंने एक दिन भी इसे नहीं छोड़ा.'

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    कंधों को मजबूत रखने के लिए करते हैं जडेजा करते हैं मेहनत
    अपनी फील्डिंग पर जडेजा कहते हैं, 'आपको मेरे पापा से पूछना चाहिए (हंसते हुए). मेरे पास उनके जीन हैं. इसमें से कुछ स्वाभाविक है. कंधे की एक्सरसाइज, जिम, प्रैक्टिस के साथ ढेर सारी मेहनत. यह मेरे लिए बिल्कुल नेचुरल नहीं है. मैं इस पर बहुत काम करता हूं वरना मेरे कंधे ज्यादा देर तक नहीं टिकते. 12-13 साल हो गए हैं लेकिन मैंने अपना कंधा मजबूत बनाए रखा है. मैं भी बहुत गेंदबाजी करता हूं. मैं अच्छी तरह से प्रशिक्षण लेता हूं और जानता हूं कि देखभाल कैसे करनी है. मेरा मानना है कि अगर मेरा कंधा अच्छा रहा तो मैं आने वाले कई सालों तक क्रिकेट खेलता रह सकता हूं. पहले चार सालों में सिर्फ फील्डिंग करते हुए ही दिखाई देता था. यह थोड़ा कठोर था लेकिन बहुत अच्छा था.'