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रिकी पोंटिंग ने किया खुलासा, 2011 विश्व कप में भारत से हार के बाद इसलिए छोड़ी थी कप्तानी

रिकी पोंटिंग की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाजों में की जाती है.

रिकी पोंटिंग की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाजों में की जाती है.

रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने साल 2003 और 2007 में लगातार दो विश्व कप (World Cup) जीते थे.

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    नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान (Australian Captain) रिकी पोंटिंग (Rickey Ponting) की बतौर बल्लेबाज और बतौर कप्तान अहमियत किसी से छिपी नहीं है. तस्मानिया के दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए. ऑस्ट्रेलिया ने पोंटिंग की कप्तानी में साल 2003 और 2007 में लगातार दो विश्व कप भी जीते. यहां तक कि 2006 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. पोंटिंग ने 77 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की, जिसमें से टीम ने 48 मुकाबले जीते. जहां तक वनडे की बात है तो इस प्रारूप में पोंटिंग ने 228 मैचों में कप्तानी करते हुए 162 मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई.

    अब दुनिया के इतने सफल कप्तान ने अचानक कप्तानी छोड़ने का फैसला क्यों किया, इसे लेकर उनके प्रशंसक भी हैरान रह गए थे. पोंटिंग ने साल 2011 में कप्तानी छोड़ दी थी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के इस बेहतरीन खिलाड़ी ने अब खुलासा किया है कि आखिर क्यों अचानक उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था. उन्होंने तो यहां तक कहा कि इस फैसले से उन्हें काफी दुख पहुंचा था.

    कप्तानी छोड़ने से तकलीफ तो हुई, लेकिन...
    रिकी पोंटिंग (Rickey Ponting) ने कहा है कि कप्तानी छोड़ने के फैसले से मुझे तकलीफ तो हुई थी, लेकिन मैंने महसूस किया कि वो ऐसा करने के लिए बिल्कुल सही समय था. मैं अगले कप्तान को समय देना चाहता था ताकि वो अगले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार हो सके. मैं चाहता था कि माइकल क्लार्क के पास पर्याप्त समय हो. रिकी पोंटिंग ने हाल ही में बुशफायर चैरिटी मैच में हिस्सा लिया था.

    2011 विश्व कप में भारत के खिलाफ लगाया था शतक
    ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पूर्व कप्तान ने कहा कि मैंने 2011 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में शतक लगाया था. और मैं तब अच्छा खेल रहा था. जब मैंने कहा कि मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं तो कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए. मगर मैंने ये फैसला इसलिए किया था ताकि टीम में आने वाले युवा खिलाड़ियों की मदद कर सकूं. विश्व कप का वो क्वार्टर फाइनल मुकाबला भारत के खिलाफ था, जिसमें पोंटिंग (Rickey Ponting) की टीम को हार मिली थी और उसके बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था.

    ​2013 में लिया था संन्यास
    रिकी पोंटिंग (Rickey Ponting) ने कहा, 'मेरे पास तब इस खेल में हासिल करने के लिए कुछ नहीं रह गया था. मैं सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के हित में खेलना चाहता था.' पोंटिंग ने साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. वह इंडियन प्रीमियर लीग में 2014 से लेकर 2016 तक मुंबई इंडियंस के कोच भी रहे. इसके बाद उन्होंने साल 2018 में आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के कोच पद की जिम्मेदारी संभाली.

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