धोनी से पंत की तुलना पर भड़के कोच तारक सिन्हा, बोले- हर समय इस पर बात क्यों?

ऋषभ पंत ने आईपीएल 2021 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की थी. उनकी अगुवाई में दिल्ली ने 8 में से 6 मैच जीते थे. (PTI)

ऋषभ पंत ने आईपीएल 2021 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की थी. उनकी अगुवाई में दिल्ली ने 8 में से 6 मैच जीते थे. (PTI)

ऋषभ पंत(Rishabh Pant) के बचपन के कोच तारक सिन्हा (Tarak Sinha) ने बार-बार उनकी महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) से तुलना को गलत ठहराया है. उन्होंने कहा कि धोनी को भी अपनी प्रतिभा दिखाने में वक्त लगा था. ऐसे में पंत को भी वक्त दिया जाना चाहिए.

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नई दिल्ली. भारत में किसी भी घरेलू क्रिकेट कोच ने तारक सिन्हा जितने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर नहीं तैयार किए हैं. दिल्ली में सोनेट क्लब चलाने वाले तारक ने शिखर धवन, आशीष नेहरा, आकाश चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों को तराशने में अहम भूमिका निभाई है. हाल के दिनों में ऋषभ पंत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसका श्रेय भी तारक सिन्हा को ही जाता है. तारक ने पंत के परवाज, महेंद्र सिंह धोनी से तुलना और भविष्य में उनके भारतीय कप्तान बनने की उम्मीदों के अलावा कई और पहलुओं पर Cricketnext.com से खास बात की.

तारक सिन्हा से जब बीते 6 महीने में पंत के खेल में आए बदलाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पंत हमेशा से मानसिक रूप से मजबूत रहे हैं. वो क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली से रूड़की आए और हमेशा से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहते थे. उनके चेहरे पर मजबूत इरादा साफ नजर आता है. क्रिकेट आपकी इच्छाशक्ति का खेल है. भले ही आपमें कौशल की कमी हो या कुछ तकनीकी खामी हो, अगर आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति है, तो आप अधिकांश चुनौतियों से पार पा सकते हैं. मुझे हमेशा लगता था कि अगर पंत को मौका दिया गया तो वो खुद को साबित कर देंगे.

पंत की इच्छाशक्ति उनकी सबसे बड़ी ताकत: तारक

करियर के शुरुआत से ही पंत की तुलना महेंद्र सिंह धोनी से होती रही है. क्या धोनी से तुलना ने पंत को प्रभावित किया है?. इस सवाल के जवाब में कोच तारक ने कहा कि रोहन गावस्कर खराब खिलाड़ी नहीं थे. लेकिन उन्हें हमेशा ये याद दिलाता जाता था कि वो अपने पिता के आस-पास भी नहीं है. पंत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. पंत की जिस तरह धोनी से लगातार तुलना होती रही और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. अगर कोई और खिलाड़ी होता तो कब का टूट गया होता?. लेकिन मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि पंत की इच्छाशक्ति ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. इसी के दम पर उन्होंने अपने खेल पर फोकस किया.
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'पंत को भी प्रतिभा साबित करने में वक्त लगेगा'



शुरू में धोनी भी काफी आक्रामक बल्लेबाजी करते थे, लेकिन टीम की जरूरत के हिसाब से उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया. क्या आपको लगता है कि पंत भी धोनी के ही नक्शेकदम पर चलेंगे?. इस पर तारक सिन्हा ने कहा कि इसमें किसी को शक नहीं है कि पंत गेमचेंजर और तेजी से सीखने वाले खिलाड़ी हैं. लेकिन बार-बार पंत की धोनी से तुलना क्यों?. इस पर उन्होंने कहा कि आपको इस तथ्य को स्वीकार करना चाहिए कि धोनी को दुनिया को यह दिखाने में भी थोड़ा समय लगा कि वह क्या करने में सक्षम हैं. हमें पंत के साथ भी धैर्य रखने की जरूरत है. उसका भी समय आएगा. ये तो अभी शुरुआत है.

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