IND VS ENG: ऋषभ पंत हैं टीम इंडिया के नए संकटमोचक, 5 बेमिसाल पारियां हैं सबूत


इसके अलावा पंत ने अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ दबाव में शतकीय पारी खेली, जिससे भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में स्थान पक्का कर लिया. (फोटो-एपी)

इसके अलावा पंत ने अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ दबाव में शतकीय पारी खेली, जिससे भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में स्थान पक्का कर लिया. (फोटो-एपी)

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है. इसमें विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) का नाम सबसे ऊपर है. उन्होंने चौथे टेस्ट में शतक लगाकर इसे साबित भी किया है.

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नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड( India vs England) के बीच टेस्ट सीरीज में कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है. इसमें विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) का नाम सबसे ऊपर है. इस सीरीज में जब भी टीम को जरूरत हुई पंत वो हर बार काम आए. करो या मरो के हालात वाले चौथे टेस्ट में भी उन्होंने शतक जड़कर इसे साबित किया. पंत अपनी इस पारी में कितने रंग में थे, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने जो रूट की गेंद पर छक्का लगाकर भारत में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया.

ऋषभ पंत का ये शतक खास है. क्योंकि वो तब बल्लेबाजी करने आए थे, जब भारत के 80 रन के भीतर 4 विकेट गिर चुके थे. पारी लड़खड़ाती नजर आ रही थी. लेकिन पंत टीम के संकटमोचक बनकर उभरे. उन्होंने पहले रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और फिर वॉशिंगटन सुंदर के साथ पार्टनरशिप करते हुए इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर के पार पहुंचाया. इस दौरान उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया. इसके बाद इस बाएं हाथ के बल्लेबाज का खेल पूरी तरह बदल गया और उन्होंने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी. अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 82 गेंद में फिफ्टी पूरी करने वाले इस बल्लेबाज ने अगले 50 रन सिर्फ 33 गेंद में बनाए.

ऑस्ट्रेलिया में पंत टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरे थे



पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे से ही पंत जिम्मेदार बल्लेबाज बनकर उभरे हैं. उन्हें टीम का सबसे बड़ा संकटमोचक कहना भी गलत नहीं होगा. उनकी पिछली पांच पारियां इस बात का सबूत हैं. शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी साल जनवरी में हुए सिडनी टेस्ट से हुई. जब चौथी पारी में जीत के लिए मिले 407 रन के टारगेट का पीछा करते हुए उन्होंने 97 रन बनाए थे. भारत मैच तो नहीं जीत पाया. लेकिन पंत ने जिस तेजी से बल्लेबाजी की, उससे तो एक बार ये लगने लगा था कि टीम इंडिया इतने बड़े लक्ष्य का पीछा कर लेगी. पंत ने 97 रन बनाने के लिए 118 गेंदें ही खेली. इस पारी में उन्होंने 12 चौके और तीन छक्के लगाए थे. इसके बाद सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट में पंत फिर टीम के लिए संकटमोचक बने. उन्होंने चौथी पारी में नाबाद 89 रन बनाकर न सिर्फ टीम को मैच जिताया, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 से सीरीज जीतने में भी मदद की. तब भारत ने 7 विकेट खोकर 328 रन का टारगेट चेज किया था. इस पारी के लिए पंत को मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था.
इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट में भी पंत ने अहम पारी खेली  
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में भी पंत का ये फॉर्म बरकरार रहा. चेन्नई में हुआ पहला टेस्ट तो टीम इंडिया 227 रन से हार गई. लेकिन पंत ने इस टर्निंग ट्रैक पर जिस बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की. उसने सबका दिल जीत लिया. पंत ने टी20 के अंदाज में खेलते हुए पहली पारी में 88 गेंद पर 91 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने 9 चौके और पांच छक्के लगाए. पंत उस वक्त बल्लेबाजी करने उतरे थे, जब भारत के 100 रन के भीतर ही 4 विकेट गिर चुके थे. लेकिन उन पर इसका कोई दबाव नहीं दिखा और अपने अंदाज में इस बल्लेबाज ने इंग्लिश गेंदबाजों की खबर ली.

IND VS ENG: ऋषभ पंत ने छक्का लगाकर पूरा किया शतक, रच दिया इतिहास

चेन्नई में हुए दूसरे टेस्ट में भी पंत का यही रंग नजर आया और उन्होंने पहली पारी में नाबाद 58 रन बनाए. रोहित शर्मा (161 रन) और अजिंक्य रहाणे (67 रन) को छोड़ दें तो टॉप ऑर्डर का कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया था. लेकिन पंत ने निचले क्रम पर अच्छी बल्लेबाजी की और टीम इंडिया पहली पारी में 329 रन बनाने में कामयाब हुई और चेन्नई के टर्निंग ट्रैक में उनकी ये पारी अहम साबित हुई और इसी के दम पर भारत ने इंग्लैंड पर 317 रन से बड़ी जीत दर्ज की और सीरीज 1-1 से बराबर की. पंत इस सीरीज में रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं. वो अब तक 4 टेस्ट में 54 की औसत से 270 रन बना चुके हैं. इसमें एक शतक और दो फिफ्टी हैं.
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