लंगर खाकर प्रैक्टिस को जाते थे ऋषभ पंत, मां गुरुद्वारे में करती थीं सेवा

World Cup : चोट के चलते ओपनर शिखर धवन तीन हफ्तों के लिए टीम से बाहर हो गए हैं. ऋषभ पंत को इंग्लैंड रवाना होने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. मगर भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर ब्वॉय बने पंत का जीवन भी कम संघर्ष भरा नहीं रहा.  

News18Hindi
Updated: June 12, 2019, 1:52 PM IST
लंगर खाकर प्रैक्टिस को जाते थे ऋषभ पंत, मां गुरुद्वारे में करती थीं सेवा
ऋषभ पंत ने आईपीएल-2019 में 16 मैचों में 488 रन बनाए हैं. (फोटो-पीटीआई)
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Updated: June 12, 2019, 1:52 PM IST
सफलता का आसमान भले ही बहुत ऊंचा हो, लेकिन उसके नीचे की जमीन संघर्षों  से भरी होती है. ऐसे में सपनों को पूरा करने की जिद और जुनून ही आपको मंजिल तक पहुंचाता है. कुछ ऐसी ही है टीम इंडिया के नए पोस्टर ब्वॉय ऋषभ पंत की कहानी. युवराज सिंह उनमें अपनी झलक देखते हैं. कोई उनकी तुलना एडम गिलक्रिस्ट से करता है तो वो खुद वीरेंद्र सहवाग के प्रशंसक हैं.

वर्ल्ड कप 2019 में शिखर धवन के चोटिल होने से यूं तो टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. मगर अब बात उसके आगे की है. यानी मुद्दा ये है कि उनकी जगह आखिर लेगा कौन? इसके लिए ऋषभ पंत को इंग्लैंड जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. यूं तो हर इंसान की तरह पंत के जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव रहे हैं. मगर कम ही लोग जानते हैं कि इस खिलाड़ी की किस्मत इतनी तेजी से आखिरी बदली कैसे.



2016 तक ऋषभ अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट खेला करते थे, उस वक्‍त उन्हें कोई नहीं जानता था. मगर पिछले साल खेले गए अंडर-19 वर्ल्‍डकप में इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन कर रातोंरात सुर्खियां बटोर लीं. ऋषभ ने 44.50 की औसत से 267 रन बनाए.

यूं शुरू हुआ 12 साल के पंत का सफर...

ऋषभ पंत ने क्रिकेट के गुर क्लब क्रिकेट से सीखे, तब वह दिल्ली के मशहूर क्लब सोनेट के लिए खेलते थे. इस क्लब के काेच तारक सिन्हा पंत से जुड़ा एक रोचक किस्सा बताते हैं. सिन्हा के अनुसार, हम एक टैलेंट हंट का आयोजन करते थे. पंत ने जब इसके बारे में सुना तो वह इसमें हिस्सा लेने के लिए अपनी मां के साथ सीधा रुड़की से दिल्‍ली चले आए. तब वह महज 12 साल के थे. पंत ने अंडर-12 टूर्नामेंट में तीन शतक लगाए और मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे. अपनी प्रतिभा के दम पर सोनेट में अपनी जगह बनाई और फिर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते गए. इसके बाद उन्हें अंडर-19 टीम में चुना गया और फिर उनका नाम परिचय का मोहताज नहीं रहा.

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ऋषभ पंत टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग को अपना आदर्श मानते हैं. (फोटो-पीटीआई)


गुरुद्वारे में लंगर...दिनभर प्रैक्टिस
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पंत जब अपनी किस्मत आजमाने रुड़की से दिल्ली आए तो यहां न वे किसी को जानते थे और न ही रहने का ठिकाना था. मगर ‌उन्होंने तय कर लिया था कि हार के रुकना नहीं है, दोगुने दम के साथ डटे रहना है. जब कहीं से कोई उम्मीद नहीं दिखाई दी तो ऊपर वाले का ही आसरा था, जिसने निराश भी नहीं किया. आखिर मोतीबाग के गुरुद्वारे में रहने का ठिकाना मिला. पंत वहीं ठहरते, वहीं से लंगर खाकर प्रैक्टिस के लिए निकल पड़ते. मां गुरुद्वारे में सेवा करतीं और पंत क्रिकेट में रम गए. यह सिलसिला कई महीनों तक चला. धीरे-धीरे पंत अपनी मेहनत के बल पर नए मुकाम हासिल करते गए और फिर किराये पर कमरा ले लिया.

आईपीएल में बिके 19 गुना ज्यादा कीमत पर
आईपीएल में दिल्ली की टीम ने 10 लाख की बेस प्राइज वाले ऋषभ पंत को 1.9 करोड़ रुपये खर्च कर अपनी टीम का हिस्सा बनाया। उस वक्‍त पंत की उम्र महज 18 साल थी। हालांकि दो साल बाद 2018 में उन्‍हें मोटी रकम मिली। दिल्‍ली ने मौजूदा सीजन में पंत को 15 करोड़ रुपये में रिटेन किया है।

पिता की माैत के दो दिन बाद जड़े 57 रन
पंत तब आईपीएल 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर टीम का हिस्सा थे जब उन्हें पिता राजेंद्र पंत की मौत की खबर मिली. पिता को बुधवार को रुड़की स्थित घर में दिल का दौरान पड़ा था. पंत तुरंत रुड़की रवाना हो गए. पिता के अंतिम संस्कार से लौटकर पंत शुक्रवार को टीम से जुड़ गए. उन्होंने टीम के अगले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 33 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा और कुल 36 गेंद पर 57 रन बनाए. पंत ने इस पारी में 3 चौके व 4 छक्के जड़े.

साल 2019 लेकर आया खुशियां
इंडियन प्रीमियर लीग 2019 में ऋषभ पंत ने कुल 16 मैच खेले थे. दिल्ली कैपिटल्स के इस खिलाड़ी ने 37.53 की औसत से 488 रन बनाए थे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 162.66 का रहा, जबकि उच्चतम स्कोर नाबाद 78 रन था.

ऑस्ट्रेलिया में जिताई टेस्ट सीरीज, विराट से ज्यादा रन बनाए
ऋषभ पंत ने भारत के 2018-19 के ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था. टीम इंडिया की सीरीज जीत में उनका अहम योगदान था. तब पंत ने 4 मैचों की 7 पारियों में 350 रन बनाए थे. इसमें उनका उच्चतम स्कोर 159* रन था. सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में पंत केवल चेतेश्वर पुजारा से पीछे थे. पुजारा ने 521 रन बनाए थे. इस सीरीज में पंत का औसत 58.33 का था, जबकि स्ट्राइक रेट 73.99 का रहा.


 
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