ऊपरवाले का शुक्रगुजार है कि रोहित के साथ जोड़ी अब भी जमी हुई है-शिखर धवन

शिखर धवन का मानना है कि रोहित शर्मा के साथ जोड़ीदार के रूप में दुनियाभर में चर्चा हासिल करना बहुत बड़ी बात है.


Updated: February 14, 2019, 11:53 AM IST
ऊपरवाले का शुक्रगुजार है कि रोहित के साथ जोड़ी अब भी जमी हुई है-शिखर धवन
रोहित-धवन का जलवा

Updated: February 14, 2019, 11:53 AM IST
रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने सीमित ओवर क्रिकेट में जबर्दस्‍त जलवा बिखेरा है और मौजूदा दौर में ये ना सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की सर्वश्रेष्‍ठ जोड़ियों में शामिल है. इन दोनों ने अब तक 98 वनडे मैचों में 44.97 के औसत से 4363 रन बनाए हैं, जो कि बड़ी बात है. हालांकि सौरव गांगुली व सचिन तेंदुलकर (8227) और वीरेंद्र सहवाग व सचिन (4387) इन दोनों से आगे हैं.

हाल ही में क्रिकेटनेक्‍स्‍ट को दिए इंटरव्‍यू में धवन ने रोहित शर्मा के साथ अपनी ओपनिंग जोड़ी को लेकर कहा,' मैं मालिक (भगवान) का शुक्रगुजार हूं कि रोहित के साथ मेरी ओपनिंग साझेदारी अभी भी जमी हुई है. हम दोनों अच्‍छी तरह प्रदर्शन कर रहे हैं और इस वक्त दुनियाभर के ओपनर के साथ हमारी गिनती से अच्‍छा महसूस होता है.'

हम दोनों समय के साथ मैच्‍योर्ड हुए हैं. जबकि इसी वजह से हमारे कंधों पर जिम्‍मेदारी का भार बढ़ा है. यही नहीं, हमें अपनी टीम का पैटर्न पता है और इसी वजह से हम रिस्‍क लेते हैं. हमें अपनी ताकत और तकनीक पता है और इसी वजह से हमारी जोड़ी दमदार बनती है.



रोहित शर्मा और शिखर धवन


जबकि धवन ने आगे कहा, 'रोहित ने अब तक 200 से ज्‍यादा मैच खेले हैं जबकि मैं 125 मैच खेल चुका हूं और यह गिनती अभी जारी है. दबाव के समय हम दोनों पैनिक नहीं होते हैं और यही हमारी कामयाबी का राज है. जबकि समय के साथ धैर्य आया है.'

आईसीसी इवेंट्स में दमदार प्रदर्शन करने के बारे में पूछे जाने पर शिखर की राय बेहद साफ है. उन्‍होंने कहा, ' हम दोनों टीम की डिमांड के हिसाब से खेलते हैं. हालांकि वनडे के बजाय टी20 में अधिक रिस्‍क लेते हैं. आईसीसी टूर्नामेंट की बात करें तो हमने इंग्‍लैंड में काफी क्रिकेट खेली है और वर्ल्‍ड कप के लिए कोई स्‍पेशल प्‍लानिंग नहीं है. जबकि टीम में थ्रोअर्स की मौजूदगी ने हमें काफी मदद की है. यह बाएं और दाएं हाथ के थ्रोअर्स हैं जिनकी स्‍पीड 150 किलोमीटर प्रति घंटा है.'

वर्ल्‍ड कप 2019 को लेकर धवन ने कहा, ' मिनी वर्ल्‍ड कप के रूप में पहचान रखने वाली चैंपियंस ट्रॉफी को हमने जीता है. मेरा व्‍यक्तिगत रूप से मानना है कि वर्ल्‍ड कप जीतना वर्ल्‍ड का अंत नहीं है. यह बात खुद पर अधिक दबाव बनाने का काम करती है. हम इस समय वर्ल्‍ड कप जीतने वाली चीजों पर फोकस कर रहे हैं, ताकि जीत की राह आसान हो जाए. केवल सोचने से वर्ल्‍ड कप नहीं जीता जा सकता बल्कि लक्ष्‍य तक पहुंचने के दौरान गलती ना हो ये महत्‍वपूर्ण है.
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