कोच का खुलासा: रोहित शर्मा कभी नहीं खेल पाते इंटरनेशनल क्रिकेट, अगर नहीं होती ये घटना

कोच का खुलासा: रोहित शर्मा कभी नहीं खेल पाते इंटरनेशनल क्रिकेट, अगर नहीं होती ये घटना
रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड का बड़ा बयान

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) अबतक वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए हैं, लेकिन उनके बचपन के कोच दिनेश लाड को उम्मीद है कि 2023 वर्ल्ड कप में वो अच्छा प्रदर्शन कर टीम को चैंपियन बनाएंगे

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नई दिल्ली. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के बचपन के कोच दिनेश लाड (Dinesh Lad) को पूरी उम्मीद है कि 2023 में घरेलू सरजमीं पर होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में उनका शिष्य दमदार प्रदर्शन करेगा. पिछले साल विश्व कप में रोहित ने पांच शतक जमाये लेकिन टीम सेमीफाइनल में हार गयी थी. रोहित को हाल में भारत के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिये चुना गया.

'गरीब लड़के में प्रतिभा थी, इसलिए मिला खेल रत्न'
मुंबई में काफी मशहूर क्रिकेट कोच लाड ने मराठी क्रिकेट चैट शो ‘कॉफी क्रिकेट अनी बरेच कही’ में कहा, 'खेल रत्न मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है. मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए लेकिन अगर एक गरीब लड़के में प्रतिभा है और वह इसे साबित भी करता है और भाग्य भी साथ दे तो वह लड़का आसमान छू सकता है और इसका जीता जागता उदाहरण रोहित शर्मा (Rohit Sharma) हैं. ' उन्होंने कहा, 'उसने यह सब कुछ अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर हासिल किया. मुझे उम्मीद है कि आगामी 50 ओवर के विश्व कप में रोहित को अपनी काबिलियत के दम पर भारत को जीत दिलानी चाहिए. '

ऐसे रोहित से पहली बार मिले थे लाड
लाड ने रोहित (Rohit Sharma) को पहली बार देखने का किस्सा भी बताया. उन्होंने कहा, 'बोरिवली में एक शिविर आयोजित हुआ था और कुछ मैच कराये गये थे. मैंने अपने स्कूल की टीम को उसमें खिलाया था. मेरी और रोहित की टीम फाइनल में पहुंची थी, यह सीमेंट के विकेट पर 10 ओवर का मैच था और हम उस मैच को जीते थे. ' उन्होंने कहा, 'हमारा स्कूल नया था और मैं प्रतिभाशाली बच्चों की खोज में रहता था, जिस तरह से रोहित ने गेंदबाजी की थी, मैं काफी प्रभावित हुआ था और मैंने सोचा कि हमें इस बच्चे को अपने स्कूल में लेना चाहिए. '



एडमिशन नहीं होता तो रोहित नहीं बन पाते इंटरनेशनल क्रिकेटर
लाड के अनुसार रोहित के अंकल स्कूल की फीस नहीं भर सकते थे और उनके कहने पर रोहित को स्कूल में मुफ्त में भर्ती कराया गया. उन्होंने कहा, 'मैंने स्कूल के निदेशक से उसकी फीस कम करने को कहा और रोहित पहला बच्चा था जिसके लिये मैंने ऐसा किया था, उस समय मैंने नहीं सोचा था कि वह भारत के लिये खेलेगा. उन्होंने उसे स्कूल में भर्ती कर लिया. अगर उस समय ऐसा नहीं हुआ होता तो आप रोहित शर्मा को नहीं देख पाते. '
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