IPL 2021: जयदेव उनादकट घर लौटकर खुश, बोले-परिवार के साथ खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा

जयदेव उनादकट ने आईपीएल 2021 में राजस्थान के लिए 4 मैच में 4 विकेट लिए थे. (Jaydev Unadkat Twitter)

जयदेव उनादकट ने आईपीएल 2021 में राजस्थान के लिए 4 मैच में 4 विकेट लिए थे. (Jaydev Unadkat Twitter)

राजस्थान रॉयल्स(RR) के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) ने आईपीएल 2021(IPL 2021) के बायो-बबल(Bio-Bubble) से अपने घर राजकोट लौटने के बाद राहत की सांस ली. उन्होंने कहा कि कोरोना के बीच क्रिकेट पर ध्यान लगाना बहुत मुश्किल था. क्योंकि ज्यादातर खिलाड़ियों के दोस्त, रिश्तेदार और करीबी भी संक्रमित थे. हालांकि, बायो-बबल में रहने के कारण हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ा पाए.

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नई दिल्ली. आईपीएल 2021 (IPL 2021) में राजस्थान रॉयल्स (RR) की तरफ से खेलने वाले सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) ने अपने घर राजकोट लौटने के बाद राहत की सांस ली है. 29 साल के उनादकट ने इस सीजन में राजस्थान के लिए सात में से 4 मैच खेले थे. इसमे उन्होंने कुल 4 विकेट लिए थे. उन्हें इस सीजन के लिए राजस्थान टीम ने रिटेन किया था. हालांकि, इस सीजन में उनकी टीम राजस्थान के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी नजर आई. लीग टलने से पहले तक इस टीम ने 7 में से 3 मैच जीते थे और अंक तालिका में पांचवें स्थान पर थी.

घर लौटने के बाद उनादकट ने न्यूज 18 डॉट कॉम से खास बातचीत की और बायो-बबल में जिंदगी, लीग में खिलाड़ियों के संक्रमित होने से लेकर तमाम दूसरे मुद्दों पर खुलकर बात की.

बायो-बबल में हम काफी सुरक्षित महसूस कर रहे थे: उनादकट

देश में कोरोना के मौजूदा हालात के बीच घर लौटना कैसा लगा. इस सवाल के जवाब में उनादकट ने कहा कि ईमानदारी से बताऊं तो राजस्थान रॉयल्स के बायो-बबल में भी हमको सुरक्षित लग रहा था. लेकिन बबल के बाहर जिस तरह के हालात थे और यात्रा करने के साथ बबल को सुरक्षित बनाना चुनौतीपूर्ण था. ऐसे में लीग के भीतर कोरोना के मामले सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण रहा. मुझे अब भी लगता है कि उनके (आईपीएल गवर्निंग बॉडी) का ये फैसला ठीक रहा. क्योंकि हर कोई इसे समझ रहा था. हमारे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.
'कोरोना के बीच क्रिकेट पर ध्यान लगाना बहुत मुश्किल था'

देश में कोरोना के कारण पैदा हुए मौजूदा हालात में खेल पर ध्यान लगाना कितना मुश्किल था. इसके जवाब में उनादकट ने कहा कि यह कई बार निराशाजनक हो सकता है. खासतौर पर जब टीम में लगभग सही खिलाड़ियों के दोस्त, रिश्तेदार या करीबी कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती थे. इससे निराशा हो रही थी. ऐसे हालात सभी के लिए चुनौतीपूर्ण थे. लेकिन हमारे लिए क्रिकेट खेलना सकारात्मक रहा. इसी वजह से हम मुश्किल परिस्थिति में भी एकजुट रह पाए. बायो-बबल में रहना भी मुश्किल था. क्योंकि आप कमरे से बाहर नहीं जा सकते थे. इसलिए हम सिर्फ सकारात्मक चीजों पर ध्यान दे रहे थे.

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'मैंने लोगों की मदद करके कोई बड़ा काम नहीं किया'

आपने लोगों की मदद करने के लिए अपने आईपीएल वेतन का 10 प्रतिशत दान करने की घोषणा की. क्या इस पर लंबे समय से विचार कर रहे थे?. इस सवाल के जवाब में सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज ने कहा कि मेरी नजर में ये कोई खास बात नहीं है. इस मुश्किल घड़ी में हम जो भी मदद कर पाएं, वो जरूरतमंदों के काम आएगा. हम एक परिवार के तौर पर आईपीएल शुरू होने के समय से ही ऐसा कर रहे थे. हमने पिछले साल भी लोगों की मदद की कोशिश की थी. हर कोई इस समय मदद के लिए आगे आ रहा है. ऐसे में मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई बड़ा काम किया, जिस पर इतनी बात की जाए. मेरी तरफ से ये छोटी मदद थी बस.

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