अब ये हैं भारत के सबसे उम्रदराज जीवित फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेटर, इंग्‍लैंड में भी बनाया रिकॉर्ड

अब ये हैं भारत के सबसे उम्रदराज जीवित फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेटर, इंग्‍लैंड में भी बनाया रिकॉर्ड
अयांती 16 साल की थी (सांकेतिक फोटो)

पिछले दिनों ही 100 साल की उम्र में वसंत रायजी का निधन हो गया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 17, 2020, 10:29 AM IST
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नई दिल्‍ली. पिछले दिनों 100 साल की उम्र में वसंत रायजी के निधन के बाद 97 साल के रुस्‍तम कूपर (Rustom Cooper) भारत के सबसे उम्रदराज जीवित फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेटर बन गए हैं. वह एकमात्र जीवित भारतीय हैं, जो पेंटागनुलर, प्री इंडिपेंडेंस लीग में खेल चुके हैं, जो सामुदायिक तर्ज पर गठित टीमों की मेजबानी करते थे. मुंबई में जन्‍में कूपर मंगलवार को इंग्लिश कंट्री क्‍लब मिडिलसेक्स के सबसे उम्रदराज फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेटर बने. पहले यह रिकॉर्ड जेम्‍स गिलमैन के नाम था, जिन्‍होंने 14 सितंबर 1976 को 97 साल 182 दिन की उम्र में आखिरी सांस ली थी. वहीं कूपर 97 साल 185 दिन के हो गए हैं.

मिडिलसेक्‍स वेबसाइट के अनुसार 14 दिसंबर 1922 को मुंबई में जन्‍में कूपर 1949 से 1951 के तक मिडिलसेक्‍स के साथ खेले. उन्‍होंने 1949 में कैम्‍ब्र‍िज यूनिवर्सिटी के खिलाफ मिडिलसेक्‍स के लिए फर्स्‍ट क्‍लास डेब्‍यू किया था. पहली पारी में उन्‍होंने 36 रन बनाए थे और उनकी टीम ने चार विकेट पर 402 रन बनाकर पहली पारी घोषित कर दी थी. इसके अलावा कूपर हॉर्नसे क्रिकेट क्‍लब की तरफ से भी खेले, जहां उन्‍हें दिग्‍गज का दर्जा मिला.

तीन फर्स्‍ट क्‍लास शतक
कूपर ने कुल 22 फर्स्‍ट क्‍लास मैच खेले हैं, जहां उनके नाम कुल 1205 रन हैं. उनके नाम सर्वाधिक स्‍कोर नाबाद 127 रन है. कूपर ने अपने करियर में 3 शतक जड़े हैं. भारत में उनके फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट की बात करें तो 1943 से 1944 और 1944 से 1954 सीजन में उनका औसत 76.60 और 91.83 की थी. दूसरे साल में उन्‍होंनें आठ पारियों में दो शतक और पांच अर्धशतक लगाए. बॉम्‍बे को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में उन्‍होंने 52 और 104 रन की पारी खेली थी. वह 1949 से मिडिलसेक्‍स की तरफ से खेलने लगे.
पढ़ाई के लिए गए इंग्‍लैंड


1946 में लंदन स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स में पढ़ाई के लिए वह इंग्‍लैंड चले गए और 1949 वह मिडिलसेक्‍स की तरफ से खेलने लगे. मगर वहां उनका औसत सिर्फ 19.63 का ही रहा. हॉर्नसे की तरफ से उन्‍होंने 139.62 की औसत से 19 पारियों में 1 हजार 117 रन बनाए. इसके बाद बैरिस्‍टर के रूप में अभ्‍यास करने के लिए वह भारत लौट आए.

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