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प्रतिभाओं को निखारने का मंच है साथ7

News18Hindi
Updated: December 26, 2017, 4:44 PM IST
प्रतिभाओं को निखारने का मंच है साथ7
साथ7 क्रिकेट महोत्सव

आज देश में क्रिकेट का अलाम कुछ ऐसा है कि अधिकांश बच्चे धूल भरी सड़कों, पार्कों और गलियों में क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए हैं.

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  • Last Updated: December 26, 2017, 4:44 PM IST
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आज देश में क्रिकेट का अलाम कुछ ऐसा है कि अधिकांश बच्चे धूल भरी सड़कों, पार्कों और गलियों में क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए हैं. जबकि पिछले कुछ सालों में देश में जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं का बहुत अच्छा निखार दिखा है जो उम्मीद की नई किरण है. मसलन महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंद सहवाग जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के लिहाज से खेल परिवर्तक साबित हुए.

माही और वीरू जैसे ही खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर वंडर सीमेंट ने साथ7 क्रिकेट महोत्सव के रूप में एक अहम कद उठाया जो कि दुनिया का पहला उपभोक्ता कार्यक्रम है. वैसे तो वंडर सीमेंट डांस या फिर आर्ट जैसे क्रियाकलाप भी चुन सकता था लेकिन उसने क्रिकेट जैसे खेल हो चुना जिसमें अधिक से अधिक लोग शामिल हो सकें, क्योंकि क्रिकेट ने लोगों को एकत्रित करने में हमेशा अहम भूमिका निभाई है. लिहाजा बड़े पैमाने पर साथ-साथ खेलने और आनंद उठाने के मकसद से ही साथ7 का उदय हुआ था.

साथ7 क्रिकेट महोत्सव के नियम ख़ासे सरल थे यानि सात खिलाड़ियों, सात ओवर और टीम में एक महिला सदस्य होने पर सात बोनस रन. जबकि क्रिकेट में पुरूषों के वर्चस्व को तोड़ने की खातिर ना सिर्फ इसमें महिलाओं को शामिल किया गया बल्कि उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया.

जब महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य के बारे में वंडर सीमेंट के सलाहकार तरुण चौहान ने पूछा गया तो उन्होंने कहा,' मुझे विश्वास है कि लड़कियां को किसी मदद की जरूरत नहीं है और वह किसी भी कार्य को करने में पहले से सक्षम हैं. हमने उन्हें साथ7 क्रिकेट के माध्यम से केवल खेलने और यात्रा करने का मंच प्रदान किया है. हमने किसी भी टीम में एक महिला खिलाड़ी होने पर सात रन बोनस के रूप में देने का नियम बनाया था लेकिन राजस्थान में खेले गए पहले ही सत्र में लड़कियों की टीम ने फाइनल में जगह बनाई थी और यह हम सबने देखा था.'



पिछले साल क्रिकेट के इस खेल में राजस्थान की 4000 टीमों ने भाग लिया और अपनी शानदार क्रिकेट से 9894 गांव के लोगों के दिलों पर कब्जा कर लिया था.सच कहा जाए तो साथ7 ने जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को नया मंच दिया है.

भारत को 1983 विश्व कप दिलाने वाले महान आॅलराउंडर कपिल देव साथ7 क्रिकेट महोत्सव के साथ शुरुआत से जुड़े हुए हैं और उनका मानना है, 'वंडर सीमेंट के इस कॉन्सेप्ट ने लोगों को साथ लाने के अलावा देश को नई प्रतिभाओं से रूबरू कराया है.'

इस साल वंडर सीमेंट ने साथ7 क्रिकेट महोत्सव का अपना दूसरा सत्र आयोजित किया, जो 1 नवंबर 2017 को शुरू हुआ था. पहले सत्र में राजस्थान के लोगों के दिलों पर राज करने के कारण आयोजकों का हौसला बढ़ा और इस बार विस्तार स्वरूप गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे दो अहम राज्य इसके साथी बने. कुल तीन राज्यों की 14000 टीमों ने इसमें भाग लिया था. फाइनल 24 दिसंबर को झीलों के शहर उदयपुर में खेला गया जिसमें जयपुर का श्री श्याम क्रिकेट क्लब चैंपियन बना.

इस बार इसमें क्रिकेट के अलावा डॉक्टरों, मेसन, एमबीबीएस छात्रों, सरकारी नौकरशाहों की टीमों ने पंजीकरण कराया. लिहाजा अलग अलग व्यवसाय से संबंधित टीमों के भाग लेने से साबित हुआ कि क्रिकेट सभी आयु वर्गों, लिंग, व्यवसायों और संस्कृतियों को एकजुट कर सकता है.वहीं उन्हें एक साथ प्रतिस्पर्धा करने के साथ-साथ एक दूसरे से मिलने और आनंद करने का मौका उपलब्ध करा सकता है.
जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को साथ7 के माध्यम से आगे लेकर आना आसान काम नहीं है और इसे कामयाब बनाने में वंडर सीमेंट के डायरेक्टर विकेट पाटनी ने अहम रोल अदा किया है.

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First published: December 26, 2017, 3:33 PM IST
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