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सचिन तेंदुलकर ने सौरव गांगुली से की इस टूर्नामेंट को बदलने की मांग

भाषा
Updated: November 26, 2019, 6:23 PM IST
सचिन तेंदुलकर ने सौरव गांगुली से की इस टूर्नामेंट को बदलने की मांग
सौरव गांगुली हाल ही में बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष बने हैं. (फाइल फोटो)

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने कहा कि दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) को रणजी ट्रॉफी फाइनल के तुरंत बाद खेला जाना चाहिए

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कोलकाता: सचिन तेंदुलकर  (Sachin Tendulkar) का मानना है कि दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) में खिलाड़ियों का ध्यान टीम से अधिक व्यक्तिगत प्रदर्शन पर रहता है और बीसीसीआई अध्यक्ष (BCCI) सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को इसमें बदलाव करना चाहिए. तेंदुलकर ने पीटीआई से कहा, ‘मैं चाहता हूं कि गांगुली दलीप ट्रॉफी को देखें. यह ऐसा टूर्नामेंट है कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन और अगले टूर्नामेंट पर ज्यादा फोकस करते हैं और उसी के अनुसार खेलते हैं. यदि आईपीएल की नीलामी है या टी20 टूर्नामेंट या वनडे है तो खिलाड़ी उसी तरह से खेलते हैं. वे टीम के लिए नहीं खेलते. इस पर ध्यान देने की जरूरत है.’

दलीप ट्रॉफी में पहले 5 और अब 3 टीमें
दलीप ट्रॉफी पांच टीमों का क्षेत्रीय टूर्नामेंट था लेकिन अब इसमें इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड टीमें राउंड रोबिन प्रारूप में खेलती हैं. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं इसमें बदलाव देखना चाहता हूं क्योंकि क्रिकेट हमेशा से टीम का खेल रहा है. यह टीम भावना और एक टीम के रूप में साथ खेलने को लेकर है. इसमें व्यक्तिगत प्रदर्शन पर फोकस नहीं रहना चाहिए.’

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सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्‍ट में सबसे ज्‍यादा शतक है.


सचिन बोले- रणजी फाइनल के बाद हो दलीप ट्रॉफी
उन्होंने कहा कि इसे रणजी ट्रॉफी फाइनल के तुरंत बाद खेला जाना चाहिए और उन चार टीमों के बीच होना चाहिए जो सेमीफाइनल तक पहुंची हैं और पूरा सत्र साथ में खेलती हैं.

उन्होंने कहा, ‘शीर्ष चार रणजी टीमों के साथ दो और टीमें इसमें हों क्योंकि ऐसी कई टीमें होंगी जिनमें प्रतिभाशाली खिलाड़ी होंगे लेकिन क्वालीफाई नहीं कर पाती. अंडर 19, अंडर 23 अलग-अलग टीमों से इन खिलाड़ियों को लिया जा सकता है.’
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सौरव गांगुली की कोशिशों के बाद ही भारत ने पहली बार डे-नाइट टेस्ट मैच खेला. (PTI)


प्रयोग करने से पीछे नहींं हटते गांगुली 
प्रशासक के रूप में गांगुली की पहचान प्रयोगधर्मी की रही है. वे नए प्रयोग करने से पीछे नहीं हटते हैं. बीसीसीआई तकनीकी कमिटी के चेयरमैन रहते हुए गांगुली ने 2015-16 की दलीप ट्रॉफी में गुलाबी गेंद से खेलने का सुझाव दिया था. उनके सुझाव को मानते हुए 3 सीजन तक दलीप ट्रॉफी का आयोजन फ्लड लाइट में किया गया. चेतेश्‍वर पुजारा और मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ियों ने वहीं पर पहली बार गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव पाया था. यह अनुभव ही बांग्‍लादेश के खिलाफ कोलकाता टेस्‍ट में काम आया.

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First published: November 26, 2019, 5:01 PM IST
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