सचिन तेंदुलकर ने कहा- पंत को चुनो या साहा को, लेकिन रखा जाए इस बात का ध्यान

सचिन तेंदुलकर ने कहा- पंत को चुनो या साहा को, लेकिन रखा जाए इस बात का ध्यान
इस मामले में सचिन की मैनेजमेंट कंपनी एसआरटी स्पोर्ट्स के अधिकारी मृनमॉय मुखर्जी ने एक बयान में कहा कि सचिन इस मामले के खत्म होने से बेहद खुश हैं.

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने टीम इंडिया की चयन से जुड़ी नीतियों पर बड़ी बात कही

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नई दिल्ली. टीम इंडिया की सेलेक्शन की नीतियों पर दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपनी राय दी है. उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि चाहे खिलाड़ी की उम्र ज्यादा क्यों ना हो, लेकिन अगर वो फिट है तो उसे चुना जाना चाहिए. अकसर टीमें युवा खिलाड़ियों के चयन पर जोर देती हैं और अनुभवी खिलाड़ियों को उम्र का हवाला देकर टीम से बाहर किया जाता है, जिसे सचिन ने गलत ठहराया.

फिटनेस के आधार पर हो सेलेक्शन: सचिन
इस समय पूरी दुनिया में खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर काफी बढ़ चुका है. सभी खिलाड़ी अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत करते हैं. सचिन (Sachin Tendulkar) से जब युवा खिलाड़ी और फिटनेस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो चयन संबंधी नीतियों में नहीं पड़ना चाहते लेकिन वो कहते हैं कि सेलेक्शन का पैमाना फिटनेस होना चाहिए ना कि उम्र. सचिन बोले, 'जो अच्छा है, उसे मौका दिया जाना चाहिए. यह युवाओं को मौका या ऐसी ही कोई और बात नहीं है. अगर साहा खेलने के लिए फिट हैं तो उन्हें खेलना चाहिए. इसी तरह अगर पंत फिट हैं तो उन्हें मौका दिया जाना चाहिए.' सचिन ने कहा कि सेलेक्शन का पूरा फैसला टीम प्रबंधन के हाथ में होता है.

38 साल के धोनी कर सकते हैं टीम इंडिया में वापसी?
अब कहने को एमएस धोनी की उम्र 38 साल हो चुकी है लेकिन आज भी वो कई युवा क्रिकेटरों से ज्यादा फिट हैं. विकेट के बीच उनकी रनिंग और विकेटकीपिंग गजब की है. ऐसे में अकसर लोग धोनी की उम्र का मुद्दा उठाते हैं लेकिन सचिन ने जिस तरह की बात कही है, उससे तो यही लगता है कि धोनी के अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है.



बता दें साल 2018 में भी एमएस धोनी (MS Dhoni) ने आईपीएल में उम्र संबंधी सवालों को करारा जवाब दिया था. दरअसल एक्सपर्ट सवाल उठा रहे थे कि चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम में काफी ज्यादा उम्र के खिलाड़ी हैं जिसका उसे नुकसान हो सकता है लेकिन धोनी के खिलाड़ी बेहद फिट थे उनके पास ड्वेन ब्रावो, शेन वॉटसन, इमरान ताहिर जैसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपने दम पर कई मैच जिताए. नतीजतन टीम ने आईपीएल 2018 में तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया. साल 2019 में भी चेन्नई सुपरकिंग्स ने फाइनल तक का सफर तय किया. चेन्नई एकलौती ऐसी टीम है जिसने हर बार आईपीएल के प्लेऑफ में जगह बनाई है. ऐसे में साफ है कि सचिन का कहना बिलकुल सही है कि सेलेक्शन उम्र नहीं बल्कि फिटनेस के आधार पर होना चाहिए.

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