2011 वर्ल्‍ड कप में सचिन को आउट न कर पाने से आज तक सदमे में है दिग्‍गज पाकिस्‍तानी गेंदबाज, कहा- अभी तक नहीं उबर पाया

2011 वर्ल्‍ड कप में सचिन को आउट न कर पाने से आज तक सदमे में है दिग्‍गज पाकिस्‍तानी गेंदबाज, कहा- अभी तक नहीं उबर पाया
सईद अजमल की गेंद पर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ एलीडब्‍ल्‍यू की अपील की गई थी (फाइल फोटो)

2011 वर्ल्‍ड कप के सेमीफाइनल में पाकिस्‍तान के खिलाफ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को 23 रन पर एलीडब्‍ल्‍यू आउट दिया गया था, मगर तीसरे अंपायर ने रिव्‍यू के बाद फैसला पलट दिया था

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कराची. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2011 (World Cup 2011) का वो दिन हमेशा के लिए दर्ज हो गया, जब टीम इंडिया (Team India) ने पाकिस्‍तान को हराकर वर्ल्‍ड कप के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई और फिर फाइनल जीतकर दूसरी बार विश्‍व चैंपियन बनीं. आज भी जब कोई भारतीय उस दिन का याद करता है तो उसका सीना फ्रक के चौड़ा होने के साथ ही चेहरा भी खिल जाता है. वहीं वो दिन पाकिस्‍तान के लिए कभी न भुला पाने वाला दर्द बन गया. जिस दर्द से दिग्‍गज खिलाड़ी सईद अजमल आज भी उबर नहीं पाए. सेमीफाइनल में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को आउट न कर पाने के कारण वे आज भी सदमे में हैं. पाकिस्तान के पूर्व ऑफ स्पिनर सईद अजमल (Saeed Ajmal) विश्व कप 2011 में भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में सचिन तेंदुलकर का विकेट नहीं मिल पाने की निराशा से अब तक नहीं उबर पाए हैं, क्योंकि उन्हें आज भी लगता है कि उन्होंने भारतीय स्टार को आउट कर दिया था. इंग्लैंड के अंपायर इयान गाउल्ड ने भी हाल में कहा था कि तेंदुलकर तब आउट थे, लेकिन तीसरे अंपायर ने उनका फैसला पलट दिया था.

बिली बोडेन में बदल दिया था फैसला
तेंदुलकर ने मोहाली में खेले गए सेमीफाइनल में 85 रन बनाए थे, जिससे भारत यह मैच जीतने में सफल रहा था. तेंदुलकर जब 23 रन पर खेल रहे थे तब गाउल्ड ने अजमल की गेंद पर उन्हें एलीडब्‍ल्‍यू आउट दे दिया था, लेकिन तीसरे अंपायर बिली बोडेन ने ‘रिव्यू’ के बाद इसे पलट दिया था. आईसीसी एलीट पैनल के सदस्य रहे गाउल्ड ने हाल में कहा था कि वह तेंदुलकर को आउट देने के अपने फैसले पर कायम हैं.

विश्‍वास था पारी समाप्‍त हो गई
अजमल ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि वो सीधी गेंद थी और विकेटों के आगे उनके पैड से टकराई थी. मुझे पूरा विश्वास था कि वह आउट हैं. शाहिद अफरीदी, कामरान अकमल, वहाब रियाज और अन्य खिलाड़ियों ने मुझसे पूछा था कि क्या वह तेंदुलकर आउट है और मैंने कहा कि हां उनकी पारी समाप्त हो गई है. उन्होंने कहा कि जब तीसरे अंपायर ने फैसला बदला तो उनका दिल टूट गया था.



अजमल ने कहा कि मुझे टेस्ट मैचों में कभी उन्हें गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला, इसलिए मुझे जब भी सीमित ओवरों की क्रिकेट में उनके खिलाफ खेलने का मौका मिलता था तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था. एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि सबसे अधिक निराशा यह रही कि हम सेमीफाइनल में हार गए और निश्चित तौर पर तेंदुलकर के 85 रन ने अंतर पैदा किया था.
तीसरे अंपायर के फैसले से हैरान
अजमल ने कहा कि यहां तक कि आज भी तीसरे अंपायर का फैसला मुझे हैरान कर देता है, लेकिन उस दिन भाग्य उनके साथ था और उन्होंने अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण पारी खेली. पाकिस्तान की तरफ से 35 टेस्ट, 113 वनडे और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले अजमल ने कहा कि तीसरे अंपायर के फैसला पलटने से गाउल्ड भी निराश थे. इस ऑपफ स्पिनर का करियर हालांकि बांग्लादेश दौरे के बाद बीच में ही समाप्त हो गया. उनके गेंदबाजी एक्शन की 2014 में रिपोर्ट की गइग्‍ थी, वह इसमें सुधार नहीं कर पाए और 2017 में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

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