चपरासी के बेटे की जिंदगी वर्ल्ड चैंपियन कप्तान ने बदल दी, पीएम मोदी भी लेते हैं नाम!

चपरासी के बेटे की जिंदगी वर्ल्ड चैंपियन कप्तान ने बदल दी, पीएम मोदी भी लेते हैं नाम!
संदीप लामिछाने की स्पेशल कहानी

नेपाल के लेग स्पिनर संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, उन्हें दुनिया के सबसे अच्छे लेग स्पिनर्स में गिना जाता है, आइए आपको बताते हैं कैसे बदली उनकी जिंदगी

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नई दिल्ली. एक देश जिसने कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला. एक देश जो क्रिकेट के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है. एक देश जहां के खिलाड़ियों को गिने-चुने ही लोग जानते होंगे. उसी देश का एक खिलाड़ी आज पूरी दुनिया में ना सिर्फ क्रिकेट खेल रहा है, बल्कि अपनी गेंदबाजी से उसने लाखों लोगों को अपना मुरीद बनाया है. बात हो रही है नेपाल के लेग स्पिनर संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) की, जो महज 19 साल की उम्र में दुनिया की हर बड़ी क्रिकेट लीग में खेलते हैं. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल हो या फिर ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश, ये खिलाड़ी हर जगह अपना लोहा मनवा चुका है. नेपाल के इस लेग स्पिनर ने अबतक 10 वनडे में 23 विकेट झटके हैं, वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 34 विकेट लिये हैं. संदीप लामिछाने का करियर अभी नया-नया शुरू हुआ है लेकिन ये खिलाड़ी करोड़ों लोगों के लिए मिसाल है. आइए आपको बताते हैं कैसे नेपाल का ये क्रिकेटर पूरी दुनिया में छाया, क्या रहा उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट

गरीब परिवार में पैदा हुए संदीप लामिछाने
संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) का जन्म 2 अगस्त, 2000 में नेपाल के सायनगजा में हुआ. लामिछाने एक गरीब परिवार में जन्मे, उनके पिता भारतीय रेलवे में काम करते थे और वो वहां चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी थे. पिता की सैलरी ज्यादा नहीं थी लेकिन फिर भी उन्होंने संदीप को किसी चीज की कमी नहीं होने दी. लामिछाने पिता के साथ भारत आए और उन्होंने चौथी क्लास तक हरियाणा में ही पढ़ाई की. इतनी छोटी उम्र में ही संदीप का सेलेक्शन हरियाणा की जिला स्तरीय टीम में हो गया था लेकिन इसके बाद उनके परिवार को नेपाल के चितवन वापस लौटना पड़ा. हालांकि सचिन तेंदुलकर और शेन वॉर्न का ये फैन रुका नहीं और चितवन क्रिकेट एकेडमी में उन्होंने ट्रेनिंग शुरू की जिसे नेपाल के पूर्व कप्तान राजू खडका चलाते थे.

संदीप लामिछाने का अंडर 19 टीम में सेलेक्शन
संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) पर नेपाल के कप्तान पारस खडका और नेपाल के पूर्व कोच पुबुडु दसानायके की नजर पड़ी. लामिछाने नेट्स पर गेंदबाजी कर रहे थे जिसे देख ये दोनों काफी प्रभावित हुए. इसके बाद उनका चयन नेपाल अंडर 19 ट्रेनिंग कैंप में हो गया.



संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) ने अपना लिस्ट ए डेब्यू साल 2016 में नामीबिया के खिलाफ किया लेकिन उन्होंने अपना नाम अंडर 19 वर्ल्ड कप में बनाया. 2016 अंडर 19 वर्ल्ड कप में संदीप ने आयरलैंड के खिलाफ हैट्रिक लेने का कारनामा किया. इस मैच में उन्होंने 27 रन देकर 5 विकेट लिये. पूरे टूर्नामेंट में संदीप ने 14 विकेट लिये और वो विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे.



ऐसे बदली संदीप लामिछाने की किस्मत
संदीप लामिछाने (Sandeep Lamichhane) अंडर 19 वर्ल्ड कप के बाद हांगकांग सिक्सेज टूर्नामेंट खेलने गए और वहीं उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया को साल 2015 में वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान माइकल क्लार्क से हुई. माइकल क्लार्क संदीप लामिछाने के बारे में सुन चुके थे लेकिन उन्होंने इसके बाद खुद उनकी गेंदों को नेट्स पर खेला. क्लार्क को यकीन नहीं हुआ कि महज 16 साल का बच्चा इतनी गजब की गेंदबाजी कर रहा है. लामिछाने का एक्शन, उनकी सोच और खेल के प्रति उनका जज्बा माइकल क्लार्क को भा गया और उन्होंने लामिछाने को ऑस्ट्रेलिया आने के लिए कहा.



क्लार्क से मिले ऑफर पर लामिछाने खुश तो हुए लेकिन उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को अपनी खराब आर्थिक स्थिति के बारे में बताया. क्लार्क ने संदीप की मदद करने का फैसला किया और उन्होंने इस युवा खिलाड़ी को ऑस्ट्रेलिया में तीन महीने की ट्रेनिंग दी. क्लार्क की एकेडमी में संदीप लामिछाने ने क्रिकेट की कई बारीकियां सीखी और इसके बाद जैसे उन्होंने कभी पलटकर नहीं देखा.



मोदी ने लिया लामिछाने का नाम
साल 2018 में लामिछाने को इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स ने 20 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा. एक चपरासी के बेटे के लिए इतने बड़े टूर्नामेंट में खेलना ही बड़ी बात थी. संदीप लामिछाने के आईपीएल में बिकने के बाद भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के साथ भारत के संबंधों पर बोलते हुए संदीप लामिछाने का नाम लिया. उन्होंने कहा कि लामिछाने के इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने से भारत और नेपाल के संबंध और मजबूत होंगे. लामिछाने ने आईपीएल में कुल 9 मैच खेले हैं और उन्होंने 13 विकेट अपने नाम किये हैं. आईपीएल के बाद कैरेबियन प्रीमियर लीग, पाकिस्तान सुपर लीग में भी खेले. यही नहीं वो ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में भी सिडनी सिक्सर्स का अहम हिस्सा बन गए. साफ है महज 19 साल की उम्र में नेपाल के खिलाड़ी का वर्ल्ड क्रिकेट में अपना नाम बनाना बहुत बड़ी बात है.

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