संजय मांजरेकर बोले, IPL-2022 में हर टीम में मिले 5 विदेशी खिलाड़ियों को रखने की अनुमति

संजय मांजरेकर ने कहा कि 5 विदेशी खिलाड़ियों को मौका देने से लीग और बेहतर होगी. (Instagram)

संजय मांजरेकर ने कहा कि 5 विदेशी खिलाड़ियों को मौका देने से लीग और बेहतर होगी. (Instagram)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने कहा कि यदि आईपीएल में 10 टीमों के साथ होगा तो आपके पास प्रति टीम पांच विदेशी खिलाड़ी होने चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि बहुत सारे भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं और टीमों के बढ़ने से उनको भी पूरा मौका मिलेगा.

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नई दिल्ली. दुनिया की सबसे अमीर टी20 लीग आईपीएल (IPL) में अगले साल होने वाले 15वें सीजन के लिए फ्रेंचाइजी बदलाव कर सकती हैं. इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सीजन में दो और टीमों को जोड़ने की संभावना है. अब सवाल उठ रहा है कि एक टीम में विदेशी खिलाड़ियों के लिए नियमों में बदलाव होगा? मौजूदा टीम में केवल चार विदेशी खिलाड़ियों को प्लेइंग-XI में अनुमति दी जाती है. कुछ टीमें अक्सर नियमों के कारण कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों को बेंच पर बैठा देती हैं.

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने 'क्रिकइन्फो' से बात करते हुए इस बारे में अपने विचार रखे हैं. मांजरेकर ने कहा है कि अगर लीग का विस्तार 10 फ्रेंचाइजी तक हो जाता है तो टीमों की प्लेइंग इलेवन में पांच विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि टीमों के बढ़ने से भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए पर्याप्त मौका होगा क्योंकि आईपीएल-2022 में 60 भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतर सकते हैं.

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करियर में 37 टेस्ट और 74 वनडे खेलने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, 'अगर आईपीएल 10 टीमों के साथ हो रहा है तो आपके पास प्रति टीम पांच विदेशी खिलाड़ी होने चाहिए. इसके बावजूद आपके पास प्लेइंग-XI में खेलने वाले 10 भारतीय खिलाड़ी होंगे. बहुत सारे भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं.' मांजरेकर ने कहा, 'जब कोई आईपीएल, टी20 या 50 ओवर का क्रिकेट नहीं था, तो 70 या 80 के दशक में केवल 13-14 खिलाड़ी ही उच्चतम स्तर पर खेले और यहीं से आपको भारतीय खिलाड़ियों के खेलने का मौका मिला.'
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उन्होंने कहा, 'आपके पास पहले से ही बहुत सारे भारतीय खिलाड़ी हैं और कुछ गुणवत्ता वाले विदेशी खिलाड़ियों को बाहर बैठे देखना शर्म की बात है क्योंकि वे चार से अधिक नहीं खेल सकते हैं. इसलिए अगर हम पांच विदेशी खिलाड़ियों को भी मौका देते हैं, तो बहुत सारे भारतीय खिलाड़ियों को मौका मिलेगा. मुझे नहीं लगता कि यह एक दबाव होगा कि आयोजकों को लगता है कि यह एक इंडियन प्रीमियर लीग है और इसमें अधिक से अधिक भारतीय खिलाड़ी और कम विदेशी खिलाड़ी हैं. 60 बहुत होते हैं.'

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