'कौन सा नियम कहता है कि 30 के बाद टीम इंडिया में सेलेक्शन नहीं होगा', विकेटकीपर ने निकाली भड़ास

शेल्डन जैक्सन ने रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में 800 से ज्यादा रन बनाए हैं. फिर भी उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिला. (Pic-Instagram)

शेल्डन जैक्सन ने रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में 800 से ज्यादा रन बनाए हैं. फिर भी उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिला. (Pic-Instagram)

रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में 800 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी सौराष्ट्र के विकेटकीपर बल्लेबाज शेल्डन जैक्सन (Sheldon Jackson) को टीम इंडिया में मौका नहीं मिला. उन्होंने एक इंटरव्यू में उम्र के आधार पर खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने के लिए सेलेक्टर्स पर भड़ास निकाली.

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नई दिल्ली. सौराष्ट्र के विकेटकीपर बल्लेबाज शेल्डन जैक्सन (Sheldon Jackson) भले ही 34 साल के हो गए हैं. लेकिन वो अब भी भारत के लिए खेलने का सपना छोड़ने को तैयार नहीं है. उन्हें पता है कि इस उम्र में टीम इंडिया का टिकट कटाना आसान नहीं है. लेकिन वो संघर्ष के लिए तैयार है. हमारी सहयोगी वेबसाइट क्रिकेटनेक्स्ट से खास बातचीत में जैक्सन ने अपने करियर, सेलेक्टर्स की अनदेखी के अलावा खेल के कई पहलुओं पर खुलकर बात की. उन्होंने उम्र को सेलेक्शन का पैमाना बनाने की आलोचना की.

जैक्सन ने जब ये पूछा गया कि क्या उम्र भारतीय टीम में सेलेक्शन का पैमाना होना चाहिए ?. इस पर उन्होंने कहा कि क्रिकेट के नियमों में कहां ऐसा लिखा है कि अगर आप 30 साल से ज्यादा के हैं, तो आप राष्ट्रीय टीम में चुने जाने के योग्य नहीं है. आपकी किस काबिलियत को परखा जाता है. क्या रणजी में रन बनाना? क्या फिटनेस पैमाना होता है?. अगर आप रणजी ट्रॉफी में पिछले कुछ सीजन से लगातार 800 से ज्यादा रन बना रहे हैं, तो इसका क्या मतलब है. आप फिट होंगे, तभी तो इतने वक्त तक मैदान पर खड़े रह सकते हैं.

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मेरे रिकॉर्ड के बारे में कोई बात नहीं करता: जैक्सन
यह पूछे जाने पर कि घरेलू क्रिकेट, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी या इंडिया 'ए' के लिए कम मैच खेलने के कारण वो कैसे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कैसे करेंगे. इस पर उन्होंने कहा कि क्या इस साल मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया?. सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी?. ऐसे अनिश्चित समय में, जब आप जानते हैं कि रणजी ट्रॉफी नहीं होने वाली है, तो आपको केवल प्रार्थना करनी है और सफेद, गुलाबी, लाल या किसी भी रंग की गेंद में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है. लेकिन सौभाग्य से इस साल, मैंने इसे किया है और इसलिए मैं बात कर सकता हूं. मेरे पास ऐसा रिकॉर्ड है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करता. मैं रणजी ट्रॉफी में 100 से अधिक छक्के लगा चुका हूं. ऐसे फॉर्मेट में जो कम जोखिम की मांग करता है, मैं अधिक जोखिम लेता हूं. इससे पता चलता है कि मेरे पास अपना मौलिक खेल है.

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जैक्सन के कारण सौराष्ट्र पहली बार रणजी ट्रॉफी जीता

जैक्सन का हालिया घरेलू रिकॉर्ड देखें तो उनकी बात सही भी नजर आती है. जैक्सन ने 2019-20 रणजी ट्रॉफी में 18 पारियों में 50 से ज्यादा के औसत से 809 रन बनाए थे. वे अपनी टीम सौराष्ट्र के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. उनकी बल्लेबाजी के बदौलत ही सौराष्ट्र फाइनल में बंगाल को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी जीता था. 2018-19 रणजी ट्रॉफी में भी इस बल्लेबाज ने 47.44 की औसत से 854 रन जोड़े थे. तब भी सौराष्ट्र फाइनल खेला था. लेकिन उपविजेता बनने के बावजूद इस टीम के किसी भी खिलाड़ी को इंडिया-ए टीम के लिए नहीं चुना गया था.

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