नंबर एक टी20 बल्‍लेबाज बनने के बाद सामने आया शैफाली वर्मा का दर्द, कहा-मैंने कप्‍तान और कोच से भी नहीं पूछा

शेफाली वर्मा महिला टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से शीर्ष पर (Shafali Verma/Instagram)

शेफाली वर्मा महिला टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से शीर्ष पर (Shafali Verma/Instagram)

17 साल की शैफाली वर्मा (Shafali Verma) ने ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी को पीछे छोड़कर दुनिया की नंबर एक महिला टी20 बल्‍लेबाज की कुर्सी पर कब्‍जा किया

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 3:58 PM IST
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लखनऊ. भारत की विस्‍फोटक बल्‍लेबाज शैफाली वर्मा (Shafali Verma) साउथ अफ्रीका के खिलाफ वर्तमान सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) महिला टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से शीर्ष पर पहुंच गई है. 17 साल की यह बल्लेबाज पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप के दौरान शीर्ष पर पहुंची थीं. उन्होंने अब 23 और 47 रन की पारियां खेलकर ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी को पीछे छोड़ा. भारतीय टीम हालांकि तीन मैचों की सीरीज के पहले दोनों मैच हार गई थी.

शैफाली का मानना है कि वनडे में नजरअंदाज किए जाने के बाद वह ज्‍यादा प्रेरित हुई. शैफाली वर्मा टी20 में अपने तेज तर्रार खेल के बावजूद वनडे में अनदेखी किए जाने से निराश नहीं हुई थी और उन्होंने कहा कि इसने उन्हें ज्यादा मेहनत करने के लिये प्रेरित किया, क्योंकि वह जानती थी कि उनके खेल में कुछ कमी के कारण ऐसा हुआ था.

हार के बावजूद प्‍लेयर ऑफ द सीरीज बनीं शैफाली

साउथ अफ्रीका से मंगलवार को टी20 सीरीज में मिली 1-2 की हार के बावजूद 17 साल की खिलाड़ी को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया. तीसरे और अंतिम मैच में उन्होंने 30 गेंद में 60 रन की पारी खेली, जिससे भारत ने सांत्वना भरी जीत दर्ज की. शैफाली टी20 में अपनी शानदार फॉर्म की बदौलत छोटे फॉर्मेट की आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंची थी, लेकिन यह भी उन्हें वनडे टीम में स्थान नहीं दिला सकी और वह इसके बारे में कोई शिकायत भी नहीं कर रही हैं.
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शैफाली ने मैच के बाद ऑनलाइन प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि जब मुझे वनडे के लिए नहीं चुना गया था तो मुझे महसूस हुआ कि मेरे खेल में कुछ चीज की कमी है. उन्होंने कहा कि लेकिन मैं कप्तान या कोच के पास इसके बारे में पूछने के लिए नहीं गई, क्योंकि मैं जानती थी कि अगर मेरा नाम इसमें शामिल नहीं है तो शायद यह इसलिए होगा कि मेरे अंदर कुछ कमी होगी. इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि जब भी उन्हें वनडे से बाहर किया गया है तो उन्होंने खुद को बेहतर खिलाड़ी बनने की ओर प्रयास किया है
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