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कब तक नाम के दम पर मिलता रहेगा टीम इंडिया में मौका? कहीं वनडे वर्ल्ड कप में भी T20 जैसा हाल न हो जाए

वनडे वर्ल्ड कप में एक साल से कम का वक्त बचा है. ऐसे में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए बड़े और कड़े फैसले लेने का वक्त आ गया है. (Indian cricket team instagram)

वनडे वर्ल्ड कप में एक साल से कम का वक्त बचा है. ऐसे में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए बड़े और कड़े फैसले लेने का वक्त आ गया है. (Indian cricket team instagram)

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाने के बाद भारत की फुल स्ट्रेंथ टीम बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने उतरी. लेकिन, ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बांग्लादेश के खिलाफ लगातार 2 वनडे हारने से टीम इंडिया पर सवाल
कब तक नाम के दम पर टीम इंडिया में खेलेंगे दिग्गज ?
वनडे वर्ल्ड कप के लिए कड़े और बड़े फैसले लेने का वक्त

नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों टीम इंडिया को जो 10 विकेट से हार मिली थी, उसे तो फैंस और भारतीय क्रिकेट के कर्ताधर्ताओं ने जैसे-तैसे पचा लिया. लेकिन, रोहित शर्मा, केएल राहुल और विराट कोहली यानी भारतीय क्रिकेट की त्रिमूर्ति की मौजूदगी में बांग्लादेश ने जिस तरह अपने घर में लगातार दो वनडे में भारत को हराया, उसे हजम कर पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है. फिर चाहें, कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा लाख सफाई पेश करें.

एक बात साफ है कि टीम इंडिया को पटरी पर लाने के लिए अब बीसीसीआई और देश में क्रिकेट चलाने वालों को कड़े और बड़े फैसले लेने होंगे. क्योंकि इस साल भारत में ही वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है और 2013 के बाद से भारत ने आईसीसी का कोई टूर्नामेंट नहीं जाता है. ऐसे में अगर अब फैसले लेने में देरी हुई तो फिर टी20 विश्व कप की तरह वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत के हाथ मायूसी आए तो बड़ी बात नहीं होगी.

बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली शर्मनाक हार ने एक सवाल खड़ा किया है कि कब तक सिर्फ पिछले प्रदर्शन और नाम के दम पर ही टीम इंडिया में मौका मिलता रहेगा. शिखर धवन बीते 1 साल से वनडे ही खेल रहे हैं और इस फॉर्मेट में भारत के लिए 2022 में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं. लेकिन, बांग्लादेश में उनका प्रदर्शन देखें तो उन्होंने पहले वनडे में 7 और दूसरे में 8 रन ही बनाएं. इससे पहले, न्यूजीलैंड दौरे पर पहले वनडे में खेली गई 72 रन की पारी को छोड़ दें, तो बाकी दोनों मैच में उनके बल्ले से रन नहीं निकले.

धवन से आगे देखने का वक्त आ गया
इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 विश्व कप से पहले हुई घरलू वनडे सीरीज में भी धवन का बल्ला खामोश ही रहा था. उस सीरीज के तीन मैच में उन्होंने सिर्फ 25 रन बनाए थे. धवन सिर्फ रन बनाने में ही संघर्ष नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस साल उनका स्ट्राइक रेट भी काफी नीचे आ गया है. 2019 से पहले के तीन सालों में उनका स्ट्राइक रेट 100 के ऊपर था. लेकिन, इस साल उन्होंने 21 मैच में 74 के स्ट्राइक रेट से 685 रन बनाए हैं.

टी20 के कारण वनडे खेलने का अंदाज बिल्कुल बदल गया है. अब पहले 10 ओवर में बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं. उसमें धवन का 74 का स्टाइक रेट फिट नहीं बैठता. ऐसा नहीं है कि टीम में उनकी जगह लेने के लिए बल्लेबाज मौजूद नहीं है. शुभमन गिल ने इस साल वनडे में शानदार बल्लेबाजी की है. उनमें निरंतरता नजर आ रही है. वो पारी की शुरुआत करते हुए भारत के बाहर भी लगातार रन बना रहे हैं.

गिल को विश्व कप के लिए तैयार करना चाहिए
गिल ने 2022 में अब तक 12 मैच में 71 की औसत और 102 के स्ट्राइक रेट से 638 रन बनाए हैं. यह आंकड़े धवन के मुकाबले काफी बेहतर हैं. धवन की उम्र भी 37 साल हो गई है. इसी उम्र में एक बल्लेबाज के रिफ्लेक्स कमजोर हो जाते हैं. वहीं, गिल 23 साल के हैं. वो फिट हैं और मॉर्डन डे क्रिकेट की अप्रोच से बल्लेबाजी करना जानते हैं. ऐसे में अब वक्त आ गया है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर में धवन की जगह गिल को मौका दे.

विराट के अलावा अन्य बल्लेबाजों को मौका देना चाहिए
विराट कोहली भले ही टी20 विश्व कप के टॉप स्कोरर रहे. लेकिन, उनका स्ट्राइक रेट टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों में से चार से कम था. सूर्यकुमार यादन ने 190 के स्ट्राइक रेट से टूर्नामेंट में रन बनाए तो विराट 136 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाए. उनका हालिया वनडे फॉर्म भी बहुत अच्छा नहीं है. उन्होंने इस साल सिर्फ 10 वनडे खेले हैं. इसमें उन्होंने 19 की औसत से 189 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 73 का रहा है, जो धवन से भी कम है. उन्होंने टी20 विश्व कप के कारण इस साल वनडे कम खेले और ज्यादातर सीरीज में वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम ही किया. अब इसका असर दिख रहा है.

सूर्यकुमार और श्रेयस मिडिल ऑर्डर का भार उठा सकते हैं
सूर्यकुमार यादव भले ही टी20 के स्पेशलिस्ट बल्लेबाज माने जाते हैं. लेकिन, इस साल वनडे में उन्होंने विराट से ज्यादा की औसत और स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. सूर्यकुमार ने 13 मैच में 26 के औसत और 92 के स्ट्राइक रेट से 260 रन बनाए हैं. अगर उन्हें मिडिल ऑर्डर में लगातार मौका दिया जाता है तो वो विश्व कप के लिए तैयार हो सकते हैं.

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सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं
केएल राहुल भी अपने कद के मुताबिक, इस साल प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. उन्होंने इस साल 9 वनडे में 30 की औसत से 243 रन बनाए हैं. जिस तरह उनसे बांग्लादेश दौरे पर विकेटकीपिंग कराई गई है, उससे तो यही लग रहा है कि वो वनडे वर्ल्ड कप में भी शायद यह भूमिका निभाएं. लेकिन, अगर भारतीय टीम मैनेजमेंट उनसे आगे नजर दौड़ाए तो एक विकेटकीपर बल्लेबाज है, जिसे विश्व कप के लिए तैयार किया जा सकता है, उसका नाम है संजू सैमसन. इस साल संजू ने वनडे में शानदार प्रदर्शन किया है.

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उन्होंने अब तक 10 मैच में 71 की औसत और 105 के स्ट्राइक रेट से 284 रन बनाए हैं. वो लय में नजर आ रहे हैं. ऐसे में सिर्फ नाम के दम पर अगर बार-बार दिग्गज खिलाड़ियों को ही मौका मिलेगा और संजू जैसे खिलाड़ी नजरअंदाज होंगे तो फिर टीम इंडिया का वनडे विश्व कप में भी टी20 वर्ल्ड कप जैसा हाल हो, तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.

Tags: India vs Bangladesh, KL Rahul, ODI World Cup, Rohit sharma, Shikhar dhawan, Shubman gill, Team india, Virat Kohli

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