शोएब अख्तर ने माना, 'हां, मैंने मैदान पर खिलाड़ियों को गाली दी, गेंद से छेड़छाड़ भी की'

शोएब अख्तर ने अपने करियर में 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले.

शोएब अख्तर ने अपने करियर में 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले.

'रावलपिंडी एक्सप्रेस' से मशहूर शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने अपनी गेंदबाजी से तो कमाल किया लेकिन वह मैदान परअपनी हरकतों के चलते भी कई बार विवादों में रहे. साल 2003 में पॉल एडम्स ने उन पर गाली देने का आरोप लगाया था जिसका दोषी पाए जाने के बाद इस तेज गेंदबाज को अगले टेस्ट से बैन कर दिया गया था. 2003 में वर्ल्ड कप में वकार यूनुस से झगड़े के चलते उन्हें टीम से निकाल दिया गया था.

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नई दिल्ली. दुनिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों में शुमार शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) का विवादों से पुराना नाता रहा है. जब भी भारत के खिलाफ वह मुकाबला खेलते थे तो किसी ना किसी खिलाड़ी को स्लेज जरूर करते थे. इस पर वह खिलाड़ी भी जवाब देने की कोशिश करता और विवाद खड़ा हो जाता. अख्तर ने एक वीडियो इंटरव्यू में माना है कि हां, वह मैदान पर खिलाड़ियों को गाली देते थे. इतना ही नहीं, गेंद से छेड़छाड़ की बात भी उन्होंने मानी है.

46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले अख्तर ने सिमी ग्रेवाल के साथ 2005 में एक इंटरव्यू में माना था कि वह मैदान पर गाली देते थे. उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पॉल एडम्स को गाली दी थी तो उन्होंने कहा, 'हां, मैंने उन्हें गाली दी थी.' इसके बाद वह हंसते हुए कहते हैं, 'मैं मैदान पर काफी गालियां देता था.'

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अख्तर ने आगे कहा, 'जब आप गाली जैसा शब्द इस्तेमाल करते हैं तो वह सच में गाली नहीं होता. वह कुछ शब्द होते हैं जिसके माने होते हैं- देखो तुम क्या कर रहे हो. आप एक ट्रक ड्राइवर की तरह हो जाते हो जिसे कुछ पता नहीं होता.' अख्तर को साल 2003 में एक टेस्ट और दो वनडे मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. उन्हें आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट का दोषी पाया गया था. लाहौर में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट के पहले ही दिन एडम्स ने अख्तर पर गाली देने का आरोप लगाया था जिसका दोषी पाए जाने के बाद इस तेज गेंदबाज को अगले टेस्ट से बैन कर दिया गया था.
अख्तर की छवि एक बुरे क्रिकेटर (Bad Cricketer) की रही जिन पर गेंद से छेड़छाड़ करने, अपने साथी खिलाड़ियों को पीटने के भी आरोप लगे. इसके कारण उन पर बैन लगे और बड़े-बड़े जुर्माने लगाए गए. अपने करियर के दौरान वह पाकिस्तान के लिए आधे से ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे. इतना ही नहीं, साल 2003 में वर्ल्ड कप में सीनियर गेंदबाज वकार यूनुस के साथ झगड़ा तक कर लिया था जिसके चलते उन्हें टीम से निकाल दिया गया था.

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'रावलपिंडी एक्सप्रेस' से मशहूर 45 साल के अख्तर ने इस इंटरव्यू में माना कि वह गेंद से छेड़छाड़ भी करते थे. 2003 में श्रीलंका में हुई सीरीज में अख्तर को बॉल टैंपरिंग करते पकड़ा गया था. अख्तर ने कहा, 'हां हम टैंपरिंग करते थे लेकिन वह ऐसा नहीं है. हम गेंद को चमकाते हैं, अब उसके लिए नाखूनों का इस्तेमाल करना पड़ता है क्योंकि हम दांतों से तो ऐसा नहीं कर सकते. बाद में फिर अंपायर कैमरे पर देख लेते हैं और बैन लग जाता है.'



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अख्तर ने अपने करियर में 46 टेस्ट मैचों में 178, 163 वनडे में 247 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में कुल 19 विकेट झटके. उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया लेकिन वह फर्स्ट क्लास करियर में था जब 59 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 133 फर्स्ट क्लास मैचों में कुल 467 विकेट झटके. वह धरती पर सबसे तेज गेंद फेंकने वाले क्रिकेटर भी रहे.

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