भारत में बने हेलमेट हैं इंग्लैंड-पाक के कप्तानों की पसंद, शिखर धवन के कहने पर किया खास बदलाव

शिखर धवन की सलाह पर कंपनी ने हेलमेट में खास बदलाव किया है. (PIC : PTI)

राघव कोहली ने बताया, 'हमने एक नया हेलमेट लॉन्च किया था, जो आईपीएल और भारत-इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी खिलाड़ियों ने पहना था. शिखर धवन, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, मोईन अली जैसे खिलाड़ियों ने उसी हेलमेट को इस्तेमाल किया है.'

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नई दिल्ली. क्रिकेट के खेल में खिलाड़ी, अंपायर, रेफरी, मैदान, दर्शक और क्रिकेट किट सभी का अपना-अपना महत्व है. क्रिकेट किट खिलाड़ियों की ना सिर्फ खेलने में मदद करती है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है. क्रिकेट की किट में ऐसा बहुत सा सामान होता है, जो खेलते वक्त खिलाड़ियों को चोट से बचाने में मदद करता. क्रिकेट हेलमेट क्रिकेटरों की जिंदगी का एक ऐसा ही महत्वपूर्ण हिस्सा है. हेलमेट की मदद से बल्लेबाज बेफिक्र होकर मैदान पर धुआंधार बल्लेबाजी कर सकता है. हेलमेट की वजह से खिलाड़ियों को निडर होने का हौसला मिलता है. तो आइए जानते हैं, उन हेलमेट के बारे में जो ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में क्रिकेटर इस्तेमाल करते हैं.

जालंधर के राघव कोहली श्रेय स्पोर्ट्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. उनके तैयार किए हुए हेलमेट ना सिर्फ भारत के खिलाड़ी बल्कि विदेशों के क्रिकेटर्स भी इस्तेमाल करते हैं. वक्त, परिस्थितियों और खिलाड़ियों की पसंद और ना पसंद को ध्यान में रखते हुए हेलमेट में अबतक कई तरह के बदलाव किए जा चुके हैं. ये बदलाव खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सहूलियत को भी ध्यान में रखकर किए गए हैं. श्रेय के हेलमेट के बारे में बात करते हुए राघव कोहली ने बताया कि जहां जहां क्रिकेट खेला जाता है, वहां वहां हमारे हेलमेट जाते हैं. इंटरनेशनल टीम का बात करें तो 60 से 70 प्रतिशत तक इंटरनेशनल इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड सभी टीमों के खिलाड़ी ये हेलमेट पहनते हैं. ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ, इंग्लैंड के कप्तान, पाकिस्तान के कैप्टन भी श्रेय का हेलमेट इस्तेमाल करते हैं.

फिल ह्यूज की मौत के बाद लॉन्च किया नेकगार्ड
फिल ह्यूज की मौत के बाद हेलमेट में क्या बदलाव हुआ? इस सवाल का जवाब देते हुए राघव ने कहा, '' फिल ह्यूज को गेंद पीछे की तरफ लगी थी. उन्हें गेंद हेलमेट में पीछे लगी थी. ऐसे में हमने हेलमेट के साथ नेकगार्ड को लॉन्च किया, जो गेंद को खिलाड़ी के सिर के पीछे लगने से बचाता है, क्योंकि हेलमेट पूरा नीचे तक नहीं होता. ऐसे में बॉल के गर्दन की तरफ लगने का खतरा बना रहता है. ऐसे में हमने नेकगार्ड बनाया, ताकि खिलाड़ियों को और भी ज्यादा सेफ्टी और सिक्योरिटी मिल सके.''

ब्रिटिश सेफ्टी स्टैंडर्स को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं हेलमेट
उन्होंने आगे कहा, ''हम इंटरनेशनल ब्रांड हैं. हमारे लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे पहले है. ऐसे में हमने आईसीसी और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर नए सेफ्टी स्ट्रैंडर्स लॉन्च किए थे. उन्हें ब्रिटिश सेफ्टी स्टैंडर्स कहा जाता है. उसमें यह फैसला हुआ था कि अब मार्केट में जो भी हेलमेट आएगा, वह टेस्ट किया हुआ होगा और स्टीफाइड होगा. कोई भी खिलाड़ी टेस्ट किया हुआ हेलमेट पहनकर ही क्रिकेट के मैदान पर उतर सकता है. अगर खिलाड़ी का हेलमेट टेस्ट नहीं किया हुआ है तो वह मैदान पर खेलने नहीं उतरेगा. उस टेस्टिंग में एक मेजर प्वॉइंट यह था कि 150 किलोमीटर की स्पीड से एक मशीन से बॉल फेंकी जाती थी. और देखा जाता था कि हेलमेट के ऊपरी हिस्से और ग्रिल के बीच में जो गेप होता है, जहां से प्लेयर देखता है उसमें से वह बॉल 150 किलोमीटर की स्पीड से क्रॉस ना हो.''

इस सेफ्टी स्टैंडर्स से पहले खिलाड़ियों को नाक पर काफी चोट लगती थी
राघव कोहली ने बताया, ''आपने देखा होगा कि इस सेफ्टी स्टैंडर्स से पहले खिलाड़ियों को नाक पर काफी चोट लगती थी, क्योंकि गेंद बीच में से निकल जाती है. अब नए हेलमेट और स्टैंडर्ड आने के बाद वह खत्म हो गया है. कुछ युवा खिलाड़ी कहते हैं कि हेलमेट पहनते हैं तो उन्हें बॉल देखने में दिक्कत होता है. इस पर राघव कोहली ने कहा कि इसका कोई समाधान नहीं है. पहले खिलाड़ी इस तरह का हेलमेट पहनने के आदी थे, जिनका ग्रिल एडजेस्ट हो जाता था. इससे वह अपना गेप काफी बढ़ा लेते थे, लेकिन इसका नुकसान यह होता था कि अगर गेंद तेज आई और बल्लेबाज का शॉट मिस हो गया तो मुंह को नुकसान होने का बड़ा खतरा है.''

अब ग्रिल एडजेस्ट करने वाले हेलमेट चलना बंद
नए बल्लेबाज हेलमेट में एडजेस्ट ना हो पाने या साफ दिखाई ना देने की शिकायत करते हैं? इस पर उन्होंने कहा, ''खिलाड़ी इसकी शिकायत करते तो हैं लेकिन वह अब इसके आदी भी हो गए. खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए अब यही हेलमेट लाए गए हैं, लेकिन अब खिलाड़ी इन हेलमेट के आदी हो गए हैं. आईपीएल यहा इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अब ग्रिल एडजेस्ट करने वाले हेलमेट चलना बंद हो गए हैं. यह खिलाड़ियों की सेफ्टी के लिए जरूरी भी है.''

इंटरनेशनल लेवल के क्रिकेटर टॉप ब्रांड टाइटेनियम वाला हेलमेट पहनते हैं
राघव कोहली ने बताया, ''बड़े इंटरनेशनल लेवल के क्रिकेटर टॉप ब्रांड टाइटेनियम वाला हेलमेट पहनते हैं. हमारे पास तीन तरह के हेलमेट हैं- एक हेलमेट होता है, जिसकी वाइजर स्टील से बनती है. उसके बाद दूसरा आता है, उसकी वाइजर स्टेनलेस स्टील से बनती है. और तीसरे वाले की वाइजर टाइटेनियम से बनती हैं. टाइटेनियम बहुत ही स्ट्रॉन्ग और लाइट वेट मैटिरियल है. टाइटेनियम हेलमेट का वेट सिर्फ 750 ग्राम होता है. जितने इंटरनेशनल खिलाड़ी टाइटेनियम हेलमेट ही इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह बहुत ही स्ट्रॉन्ग हैं और बहुत ही हल्के वजन का होता है.''

शिखर धवन की सलाह पर लाए हैं नई तकनीक वाला हेलमेट
राघव कोहली ने बताया, ''हमने एक नया हेलमेट लॉन्च किया था, जो आईपीएल और भारत-इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी खिलाड़ियों ने पहना था. शिखर धवन, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, मोईन अली जैसे खिलाड़ियों ने उसी हेलमेट को इस्तेमाल किया है. उस हेलमेट के लिए एक नई तकनीक आई है. यह तकनीक मोनेको से आई है. मोनेको साउथ फ्रांस में है. इस तकनीक का नाम है- Koroyd. यह एक सेफ्टी तकनीक है, जिसका हमें क्रिकेट में इस्तेमाल करने का लाइसेंस मिला है. यह तकनीक एयरक्राफ्ट में इस्तेमाल होती है.''

उन्होंने आगे कहा, ''इस तकनीक में खिलाड़ी जितनी मर्जी गर्मी में या जितना मर्जी क्रिकेट खेलता रहे, उसे गर्मा और पसीने की परेशानी नहीं होगी. क्योंकि इसमें हवा का फ्लो बहुत अच्छा हैं. खिलाड़ी को सांस लेने में भी आसानी होती है. उसमें गर्मी नहीं लगती और पसीना सिर पर टिकता नहीं है. ये लेटेस्ट हैं, क्योंकि शिखर धवन ने मुझे खासतौर पर दो-ढाई साल पहले फीडबैक दिया था कि हमारा हेलमेट बहुत अच्छा है, लेकिन जब हम गर्म देश में खेलते हैं तो उसमें पसीना टिकता है और गर्मी बहुत ज्यादा लगती है. तो उसका कुछ करो. तो हम इसको ध्यान में रखते हुए यह तकनीक लाए हैं और अब शिखर धवन इससे बहुत खुश हैं. और वह यही नए वाला हेलमेट इस्तेमाल कर रहे हैं. इस नई टेक्नोलॉजी की वजह से हेलमेट का वजह 50 ग्राम और भी कम हो गया है.''

राघव कोहली ने कहा कि जब भी हमें कुछ नया डेवलप करना होता है या कोई नया प्रोड्क्ट लॉन्च करना होता है तो हम खिलाड़ियों के साथ काम करते हैं, क्योंकि यह सब हम खिलाड़ियों के लिए ही बना रहे हैं तो उनके लिए फायदेमंद और आरामदायक होने चाहिए.

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