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IPL Mega Auction: क्या है साइलेंट टाई ब्रेकर का नियम, आईपीएल मेगा ऑक्शन में कैसे करता है काम?

IPL Mega Auction: क्या है साइलेंट टाई ब्रेकर का नियम, आईपीएल मेगा ऑक्शन में कैसे करता है काम?

आईपीएल मेगा ऑक्शन में साइलेंट टाई ब्रेकर का नियम भी है जिसका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है. (PIC-IPL Twitter)

आईपीएल मेगा ऑक्शन में साइलेंट टाई ब्रेकर का नियम भी है जिसका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है. (PIC-IPL Twitter)

Silent Tie Breaker in IPL Auction : ऑक्शन के लिए एक और नियम है जिसके बारे में कम लोग जानते होंगे, उसे कहते हैं साइलेंट टाई ब्रेकर. इस नियम का इस्तेमाल फ्रेंचाइजी मुश्किल ही करना चाहती हैं लेकिन किसी खिलाड़ी को टीम में रखने के लिए अगर पैसा भी खत्म होने को हो तो यह जरूर देखा जा सकता है.

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नई दिल्ली. दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग आईपीएल का 15वां सीजन (IPL 2022) भारत में खेला जाएगा, जिसकी पुष्टि बीसीसीआई पहले ही कर चुका है. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण पिछले सीजन को बीच में ही यूएई शिफ्ट करना पड़ा था. सीजन से पहले खिलाड़ियों के मेगा ऑक्शन (IPL 2022 Mega Auction) का आयोजन बेंगलुरु में जारी है जो 12-13 फरवरी को शेड्यूल है. नीलामी के पहले दिन 74 खिलाड़ियों की सफल बोली लगी.

ईशान किशन, आवेश खान, राहुल तेवतिया और शाहरुख खान जैसे युवा खिलाड़ी जहां करोड़पति हो गए तो वहीं सुरेश रैना, स्टीव स्मिथ और डेविड मिलर जैसे अनुभवी क्रिकेटरों को पहले दिन कोई खरीदार नहीं मिला. 2 नई टीमों के जुड़ने के कारण इस बार कुल 590 खिलाड़ियों पर बोली लगाई जानी है. कोई भी टीम अपने साथ अधिकतम 25 खिलाड़ियों को रख सकती है. हालांकि एक और नियम है जिसके बारे में कम लोग जानते होंगे, उसे कहते हैं साइलेंट टाई ब्रेकर. इस नियम का इस्तेमाल फ्रेंचाइजी मुश्किल ही करना चाहती हैं लेकिन किसी खिलाड़ी को टीम में रखने के लिए अगर पैसा भी खत्म होने को हो तो यह जरूर देखा जा सकता है. आइए, जानते हैं साइलेंट टाई-ब्रेकर नियम के बारे में सबकुछ :-

क्या है साइलेंट टाई-ब्रेकर?
आईपीएल में साल 2010 में टाई-ब्रेकर नियम आया था, जिसे मिनी ऑक्शन के लिए लागू किया गया था. इसके तहत अगर कोई टीम किसी खिलाड़ी को खरीदना चाहती है और उस पर बोली तब तक लगती है, जब तक उनके पर्स का पैसा खत्म ना हो जाए, तो उसके बाद टाई ब्रेकर नियम लागू होता है. इसके तहत टीमों को उस खिलाड़ी के लिए सीक्रेट बोली लिखकर देनी होती है. जिस टीम की बोली ज्यादा होती है, वह खिलाड़ी उस टीम का हो जाता है. हालांकि, खिलाड़ी को टीम के पर्स जितना ही पैसा मिलता है और बाकी रकम बीसीसीआई के पास चली जाती है. टाई ब्रेकर बिड के तहत राशि की कोई तय सीमा नहीं है. अगर टाई-ब्रेकर बिड भी बराबर हो जाती है तो दोबारा इसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा.

जो भी यह सोच रहे हैं कि ऑक्शन के पहले दिन अनसोल्ड खिलाड़ियों का क्या होगा तो बता दें कि उनके नाम पर दूसरे दिन यानी रविवार को फिर बोली लग सकती है. यह एक्सलरेटेड ऑक्शन होगा. इसके अलावा कोई भी फ्रेंचाइजी, जिसके खिलाड़ियों की लिस्ट पूरी ना हुई हो, वह ऑक्शन के बाद अनसोल्ड प्लेयर्स में से किसी को भी अपनी टीम में शामिल करने पर विचार कर सकती है.

Tags: Cricket news, Indian premier league, IPL 2022, IPL Mega Auction

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