IND-W vs SA-W: भारतीय महिलाओं ने हिसाब बराबर किया, मंधाना ने लगाई तूफानी फिफ्टी

मंधाना ने अपने 80 निजी रन सिर्फ 64 गेंदों में ही बनाए.

मंधाना ने अपने 80 निजी रन सिर्फ 64 गेंदों में ही बनाए.

India Women vs South Africa Women: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका से पहले वनडे मैच में मिली हार का हिसाब बराबर कर लिया है. उसने दूसरे वनडे में दक्षिण अफ्रीकी टीम को 157 रन पर समेट दिया. इसके बाद स्मृति मंधाना (80*) की अगुवाई में बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और भारत ने मैच 9 विकेट से जीत लिया.  

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नई दिल्ली. लखनऊ के मैदान पर भारतीय लड़कियों ने दूसरा मैच बिल्कुल उसी अंदाज़ में जीता जिस तरह दक्षिण अफ्रीकी लड़कियों ने पहला मैच जीता था. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अब दोनों टीमें एक-एक की बराबरी पर आ गई हैं. माना जा रहा था कि पहले मैच में आठ विकेट से हार के बाद भारतीय टीम मनोवैज्ञानिक दबाव महसूस कर रही होगी. लेकिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने क्रिकेट के हर विभाग में जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे बिल्कुल भी नहीं लगा कि पिछले मैच की हार का उन पर ज़रा सा भी असर था.

मिताली राज की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. अपने फैसले को सही साबित करते हुए भारत ने दक्षिण अफ्रीकी टीम को 157 रन पर समेट दिया. पचास ओवर के मैच में यह स्कोर देखने में कितना भी छोटा लग रहा हो लेकिन पहले मैच को याद रखते हुए यह इतना छोटा भी नहीं था. लेकिन भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने पहले ही ओवर में लगातार दो छक्के मार दिए. यानी शुरू में ही दिख गया था कि भारतीय टीम पर पहले की हार का कोई असर नहीं है.

दूसरी ओपनर जेमिमा रोड्रिग्ज भले ही जल्द आउट हो गईं, फिर भी अपनी 20 गेंद की पारी में वे आने वाली बल्लेबाज पूनम राउत को चिंता में डालकर नहीं गईं. बाद में तो खैर मंधाना और राउत ने ही पूरा काम निपटा दिया और भारत ने दूसरा एकदिवसीय नौ विकेट से जीत लिया.

स्मृति मंधाना को एक मलाल यह जरूर हो सकता कि उनकी सेंचुरी पूरी नहीं हुई. ये कठिन भी था. कि लक्ष्य ही 158 रन का जो था. इस लक्ष्य को हासिल करने तक उनके नाबाद 80 रन ही बन पाए. ऐसा भी नहीं है कि उन्होंने शतक का इरादे से न खेला हो. खेल तो उन्होंने टी20 के स्टाइल में दिखाया. मंधाना ने अपने 80 निजी रन सिर्फ 64 गेंदों में ही बनाए. उधर सत्तर की स्ट्राइक रेट से पूनम राउत ने भी नाबाद 62 रन बनाए. उन्तीसवें ओवर में ही लक्ष्य हासिल हो जाने का श्रेय मंधाना की ताबड़तोड बल्लेबाजी को ही दिया जाएगा.
दरअसल दूसरे एकदिवसीय में भारतीय टीम की गेंदबाजों ने ही जीत की नींव रख दी थी. पहले मैच में दो विकेट पर 178 का लक्ष्य 41वें ओवर में ही हासिल करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के हौसले को दबाना आसान नहीं माना जा रहा था. लेकिन भारतीय गेंदबाज झूलन गोस्वामी और राजेश्वरी गायकवाड़ की अनुभवी और सटीक गेदबाजी के सामने दक्षिण अफ्रीकी टीम खुद को बिखर जाने से रोक नहीं पाई. झूलन ने अपने दस ओवर में 42 रन देकर चार विकेट लिए और राजेश्वरी ने नौ ओवर में 37 रन देकर तीन विकेट झटक लिए. लेकिन हरमनप्रीत के एक विकेट को भी कमतर नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि हरमन ने सबसे अच्छा खेल रहीं लारा गुडल को आउट किया. गुडल उस समय 49 रन बनाकर खेल रही थीं और दक्षिण अफ्रीका का स्कोर उस समय पांच विकेट पर 130 रन था. ओवर भी सिर्फ 33 ही हुए थे. यानी गुडल के आउट होने से जीत के आसार एकदम बढ़ गए थे. मानसी जोशी के भी सात ओवर में दो विकेट इस मायने में महत्त्वपूर्ण रहे क्योंकि वे सबसे किफायती ओवर रहे.

गौरतलब है कि गुडल को जिस ओवर में हरमन ने आउट किया वह हरमन का पहला ही ओवर था. वह भी विकेट मेडेन रहा. कोई सवाल कर सकता है कि उसके बाद हरमन ने आगे और गेंदबाजी क्यों नहीं की. दरअसल झूलन, राजेश्वरी और मानसी भी प्रतिद्वंदियों पर अच्छा दबाव बनाए हुए थीं. यानी उस समय हरमन की गेंदबाजी की धार को आगे के लिए बचाकर रखने की रणनीति ठीक ही मानी जानी चाहिए. उसके बाद हुआ यह कि पूरी दक्षिण अफ्रीकी टीम 41 ओवर में आउट ही हो गई.

बहरहाल दूसरे एकदिवसीय को भारतीय लड़कियों ने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीकी जीत की टक्कर के अंदाज में ही जीता है. मनोवैज्ञानिक हिसाब बराबर हो चुका है. अब सीरीज़ में मुकाबले का रोमांच भी बढ़ गया है.
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