अपने स्कूल में यौन उत्पीड़न के मामले से दुखी हैं अश्विन, बोले- कुछ परेशान करने वाली रातें रहीं

चेन्नई के स्कूलों में हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाओं से दुखी हैं अश्विन (PIC: AP)

चेन्नई के स्कूलों में हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाओं से दुखी हैं अश्विन (PIC: AP)

अश्विन ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा, ''कुछ परेशान करने वाली रातें रहीं, न केवल पद्म शेषाद्री बाला भवन के एक पुराने छात्र के रूप में बल्कि 2 लड़कियों के पिता के रूप में भी.''

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नई दिल्ली. भारत के प्रमुख ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Aswhin) सीधे दिल से बात करने के लिए जाने जाते हैं. अक्सर हम क्रिकेटर को राजनीति से लेकर इतिहास तक के अधिकांश विषयों पर अपनी राय देते हुए देखते हैं. ऑफ स्पिनर को आखिरी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए देखा गया था. आईपीएल 2021 टूर्नामेंट के बीच में अश्विन ने अपने परिवार के साथ रहने के लिए शेष खेल नहीं खेलने का साहसिक निर्णय लिया, जो घातक कोविड -19 बीमारी से जूझ रहे थे.

हाल ही में अश्विन ने चेन्नई के आसपास के स्कूलों में यौन उत्पीड़न के मामलों, शिक्षकों और कर्मचारियों के अनुचित व्यवहार पर अपने विचार साझा किए. यौन उत्पीड़न अक्सर आम जनता के बीच एक व्यापक रूप से बहस का विषय होता है और इसके मामले व्यापक रूप से गुस्सा दिलाने वाले होते हैं. इस तरह के मामलों को जानकर हर व्यक्ति को निराशा होती है. पद्म शेषाद्री बाला भवन (PSBB) के एक शिक्षक को एक स्कूल में यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद 34 वर्षीय खिलाड़ी भी नाखुश हैं. अश्विन इसी स्कूल का हिस्सा रह चुके हैं.

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अश्विन ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा, ''कुछ परेशान करने वाली रातें रहीं, न केवल पद्म शेषाद्री बाला भवन के एक पुराने छात्र के रूप में बल्कि 2 लड़कियों के पिता के रूप में भी.'' अश्विन इस मामले से काफी नाखुश हैं. उन्होंने लिखा, ''राजगोपालन एक ऐसा नाम है जो आज सामने आया है, लेकिन भविष्य में हमारे चारों ओर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें काम करने की जरूरत है और सिस्टम को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है.''
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उन्होंने आगे लिखा, ''चेन्नई और उसके आसपास के स्कूलों से निकलने वाले इस तरह के मामलों के बारे में सुनकर दिल दहल गया है. विशेष रूप से पीएसबीबी से राजगोपाल के संबंध में. वहां पढ़ते हुए उन सभी वर्षों में उसे कभी नहीं जाना, लेकिन इस खबर से बहुत परेशान था.''




अश्विन ने यह भी कहा कि वह बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने लोगों से इस तरह के अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए आगे आने और कुछ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा, ''मुझे पता है कि न्याय और कानून अपना काम करेगा, लेकिन अब लोग सामने आए और इस सिस्टम को बदलें. यह गहरे संकट का समय है और हमें यह समझने की जरूरत है कि हमने अपने बच्चों के पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा है.'' उन्होंने कहा, ''हमें एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की जरूरत है जो बच्चों को छोटी-छोटी घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करे जो उन्हें असुरक्षित महसूस कराती हैं, बिना इस डर के कि उन्हें ग्रेड्स पर निशाना साधा जाएगा.''

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