लक्ष्मण और गांगुली को BCCI से झटका, छोड़ना पड़ सकता है IPL

आईपीएल में लक्ष्मण सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर हैं वहीं गांगुली दिल्ली डेयरडेविल्स से जुड़े हुए हैं.

पीटीआई
Updated: June 21, 2019, 6:14 PM IST
लक्ष्मण और गांगुली को BCCI से झटका, छोड़ना पड़ सकता है IPL
सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण.
पीटीआई
Updated: June 21, 2019, 6:14 PM IST
पूर्व भारतीय कप्‍तान सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण हितों के टकराव के मामले में फंस गए हैं. इन्‍हें अब क्रिकेट सलाहकार समिति व आईपीएल में अपनी भूमिकाओं में से किसी को छोड़ना होगा. बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी डीके जैन ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि गांगुली और लक्ष्मण का क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएससी) के सदस्य व आईपीएल फ्रेंचाइजी टीमों के मेंटर के रूप में दोहरी भूमिका हितों का टकराव है. इन दोनों पूर्व क्रिकेटरों को इनमें से किसी एक को चुनना होगा. लक्ष्मण सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर हैं वहीं गांगुली दिल्ली डेयरडेविल्स से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा वह बंगाल क्रिकेट संघ के भी अध्यक्ष हैं.

लक्ष्मण पर फैसला गुरुवार को दिया गया जबकि गांगुली पर एक फैसला पहले दिया गया था. जैन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘एक व्यक्ति एक पद लोढ़ा समिति की सिफारिशों का मुख्य अंश है. मैंने केवल इसे सामने लाने की कोशिश की है. सचिन (तेंदुलकर) के मामले में हितों का टकराव का मामला नहीं बनता क्योंकि वह सीएसी से हट चुके हैं. लेकिन जहां तक गांगुली और लक्ष्मण का मामला है तो उन्हें यह फैसला करना होगा कि वे भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में कैसे अपनी सेवाएं देना चाहते हैं.’

तेंदुलकर एक अन्य आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन्स के मेंटर हैं. इन तीनों दिग्गज क्रिकेटरों पर हितों के टकराव का आरोप लगा था. लक्ष्मण ने सुनवाई के दौरान सीएसी से हटने की पेशकश की थी. जैन ने कहा, ‘मैंने गांगुली और लक्ष्मण पर फैसला सुनाकर कुछ विशेष नहीं किया है.’

जैन को फरवरी में उच्चतम न्यायालय ने नियुक्त किया था. उन्होंने रोबिन उथप्पा और इरफान पठान जैसे सक्रिय खिलाड़ियों के विश्व कप के दौरान कमेंट्री करने के मामले पर भी अपनी राय रखी और कहा कि लोढ़ा समिति की भावना के तहत यह भी हितों का टकराव हो सकता है.

उन्होंने कहा, ‘इस आदेश के आधार पर सक्रिय खिलाड़ियों के खिलाफ भी शिकायतें आ सकती हैं. उन्हें अब अपने दिमाग से काम लेना होगा और इस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए. मैं किसी को कमेंट्री करने से नहीं रोक रहा हूं. मैंने केवल यह फैसला किया है कि बीसीसीआई संविधान के तहत हितों का टकराव क्या है. यह खिलाड़ियों को तय करना है कि यह उन पर लागू होता है या नहीं.’

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First published: June 21, 2019, 5:54 PM IST
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