डेल स्टेन ने की इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी की तारीफ, कहा- इससे शानदार क्रिकेटरों की फौज तैयार हो रही

डेल स्टेन ने इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी की सराहना की है (साभार-डेल स्टेन इंस्टाग्राम)

डेल स्टेन ने इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी की सराहना की है (साभार-डेल स्टेन इंस्टाग्राम)

इससे पहले, श्रीलंका के पूर्व कप्तान और राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा ने भी इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी को अच्छा बताया था.

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  • Last Updated: February 21, 2021, 1:36 PM IST
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नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ( ECB)की रोटेशन पॉलिसी की तारीफ की है. उन्होंने रविवार को ट्वीट किया कि ईसीबी की रोटेशन पॉलिसी का फायदा दिख रहा है. धीरे-धीरे अद्भुत क्रिकेटरों की एक फौज तैयार हो रही है. हम भले ही अभी ईसीबी की इस नीति की आलोचना कर सकते हैं. लेकिन अगले 8 सालों में आईसीसी के 8 टूर्नामेंट (असल में एक साल में एक, जैसा मुझे बताया गया है) होने हैं. ऐसे में इंग्लैंड को टीम का चयन करते समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अनुभवी क्रिकेटरों को ढूंढने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा, "टूर्नामेंटों को लेकर मैं पूरी तरह से गलत हो सकता हूं. लेकिन मुझे यही बताया गया था। जो भी हो यह बेहद समझदारी वाला कदम है." ईसीबी की रोटेशन पॉलिसी की कड़ी आलोचना होती रही है. जोकि उसने खिलाड़ियों का वर्कलोड कम करने और उन्हें बायो सिक्योर बबल में रहते हुए मानसिक थकान से बचाने के लिये शुरू की है. इस कदम से कई बड़े मैचों और सीरीज में उसके अहम खिलाड़ी नहीं खेल पाते हैं. लेकिन स्टेन को लगता है कि इससे इंग्लैंड की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हो रही है.

इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों ने रोटेशन नीति की आलोचना की थी

ईसीबी की इस रोटेशन नीति के कारण विकेटकीपर जोस बटलर भारत के खिलाफ पहले टेस्ट और आलराउंडर मोईन अली दूसरे टेस्ट के बाद इंग्लैंड लौट गए. जबकि बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो और तेज गेंदबाज मार्क वुड पहले दो मैचों से बाहर रहने के बाद सीरीज के बाकी 2 मैच के लिए टीम से जुड़ गए हैं. यही नहीं, टीम मैनेजमेंट वर्कलोड को देखते हुए अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड को भी बीच-बीच में आराम देता रहा है. ईसीबी ने तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और ऑल राउंडर बेन स्टोक्स को भी श्रीलंका दौरे के लिए आराम दिया था. हालांकि, इंग्लैंड के कई पूर्व खिलाड़ियों ने खिलाड़ियों को आराम देने के फैसले के लिए बोर्ड की आलोचना की थी. लेकिन ईसीबी इस पर अमल करता नजर आ रहा है.
संगकारा भी ईसीबी की रोटेशन पॉलिसी की तारीफ कर चुके

इससे पहले, श्रीलंका के पूर्व कप्तान और राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा ने भी इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी को अच्छा बताया था. उन्होंने कहा था कि इस नीति का इंग्लैंड टीम को फायदा पहुंचा है. क्योंकि कोरोना के बीच, जब से बायो सिक्योर बबल में क्रिकेट शुरू हुआ है. तब से एक के बाद लगातार सीरीज हो रही हैं. ऐसे में खिलाड़ियों के चोटिल और थकने की आशंका ज्यादा है. इसलिए अब दूसरे बोर्ड भी इंग्लैंड की तरह ही रोटेशन नीति पर अमल कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि इससे इंग्लैंड को टैलेंटेड खिलाड़ियों का पूल तैयार करने में मदद मिली है. अब तो दूसरे देशों के क्रिकेट बोर्ड भी इस पॉलिसी के तहत खिलाड़ियों को आराम दे रहे हैं.

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बता दें कि भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट की सीरीज का तीसरा मुकाबला 24 फरवरी को अहमदाबाद के नए बने मोटेरा स्टेडियम में पिंक बॉल से खेला जाएगा.
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