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दक्षिण अफ्रीका; रंगभेद के बाद लगा लंबा बैन, 21 साल बाद मौका मिला तो क्रिकेट 'चांद' जैसा हो गया...

दक्षिण अफ्रीका; रंगभेद के बाद लगा लंबा बैन, 21 साल बाद मौका मिला तो क्रिकेट 'चांद' जैसा हो गया...

दक्षिण अफ्रीका ने जब 21 साल के बैन के बाद वापसी की तो टीम के कप्तान क्लाइव राइस थे. (AFP)

दक्षिण अफ्रीका ने जब 21 साल के बैन के बाद वापसी की तो टीम के कप्तान क्लाइव राइस थे. (AFP)

One This Day: दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने 21 साल के प्रतिबंध के बाद 1991 में आज ही के दिन इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी. भारत (India) ने उस पर बैन लगने और हटने दोनों में अहम भूमिका निभाई थी. इसी कारण दक्षिण अफ्रीका ने बैन हटने के बाद पहला मैच भारत से ही खेला. यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेला गया था. 42 साल के क्लाइव राइस (Clive Rice) वापसी कर रही दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान थे. यह उनका पहला इंटरनेशनल मैच भी था.

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नई दिल्ली. नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) जब चांद पर उतरे तो उन्होंने कैसा महसूस किया होगा? क्या कभी क्रिकेट के मैदान पर उतरकर यह अनुभव किया जा सकता है? आपका जवाब जो भी हो लेकिन दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के क्लाइव राइस जब कोलकाता में वनडे मैच खेलने उतरे तो उनका अनुभव कुछ ऐसा ही था. क्लाइव राइस (Clive Rice) दक्षिण अफ्रीका की उस टीम की कप्तानी कर रहे थे, जो रंगभेद विवाद के बाद पहला मैच खेल रही थी. पूरे 21 साल के अंतराल के बाद. भारत (India) ने दक्षिण अफ्रीका की इस वापसी में अहम भूमिका निभाई थी.

रंगभेद नीति (Apartheid Policy) यानी गोरे-काले का विवाद दक्षिण अफ्रीकी इतिहास के पन्नों में काले धब्बे के रूप में दर्ज है. यूं तो यह एक देश का विवाद था, लेकिन यह जब चरम पर पहुंच गया तो दुनिया के बड़े हिस्से को भी नागवार लगने लगा. नतीजा 1970 के दशक में तमाम देशों ने दक्षिण अफ्रीका से अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए. उसके साथ खेलने से भी इनकार कर दिया. भारत ने इसकी अगुवाई की और उसने डेविस कप फाइनल (टेनिस) से अपनी टीम हटा ली क्योंकि सामने उस दक्षिण अफ्रीका की टीम थी, जो रंगभेद को ना सिर्फ समर्थन दे रही था, बल्कि उसे प्रोत्साहित भी कर रहा था.

भारत जैसे देशों के विरोध के कारण ही इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध लगाना पड़ा. यह प्रतिबंध तकरीबन 21 साल तक लगा रहा. 1970 से 1991 के बीच दक्षिण अफ्रीका में लगातार आंदोलन भी हुए. आखिरकार अफ्रीकी सरकार ने रंगभेद समर्थक नीतियां खत्म की और फिर 1991 में उसकी क्रिकेट टीम पर लगा बैन हटा लिया गया.

बैन हटने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने पहला इंटरनेशनल मैच भारत (India vs South Africa) से खेला. साल था 1991 और तारीख थी 10 नवंबर. दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम इसी दिन 21 साल के लंबे अंतराल के बाद कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में उतरी थी. इस लंबे अंतराल का मतलब यह था कि दक्षिण अफ्रीका की तकरीबन दो पीढ़ियां इंटरनेशनल क्रिकेट से महरूम रह गई थीं. शायद यही कारण था कि जब क्लाइव राइस ने पहला इंटरनेशनल मैच खेला तो उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने उस वक्त कैसा महसूस किया होगा, जब वे चांद पर उतरे थे (I know how Neil Armstrong felt when he stood on the moon).’ इसीलिए 1991 की 10 नवंबर की तारीख (One This Day) क्रिकेट इतिहास (Cricket History), खासकर दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के लिए बेहद खास है.

दक्षिण अफ्रीका यह मैच 3 विकेट से हार गया था. उसने पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 177 रन बनाए. भारत ने 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. सचिन तेंदुलकर और प्रवीण आमरे ने अर्धशतक लगाए. लेकिन शायद ही कोई दक्षिण अफ्रीकी इस मैच को हारने के लिए याद करता है. वे इसे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी वापसी के लिए याद करते हैं. और अगर इस मैच में किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन याद आता है तो वह एलन डोनाल्ड हैं. डोनाल्ड ने अपने पहले ही मैच में 5 विकेट झटककर ऐलान कर दिया था कि दुनिया उनके स्वागत के लिए तैयार रहे.

Tags: Allan Donald, Clive Rice, Cricket news, CSA, India vs South Africa, On This Day, South africa

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