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गवर्नर बन सकता है यह दिग्गज श्रीलंकाई क्रिकेटर, लेकिन अपने ही लोग हुए खिलाफ

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 6:03 PM IST
गवर्नर बन सकता है यह दिग्गज श्रीलंकाई क्रिकेटर, लेकिन अपने ही लोग हुए खिलाफ
मुथैया मुरलीधरन श्रीलंका के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हैं

क्रिकेट (Cricket) से रिटायरमेंट ले चुके मुथैया मुरलीधरन (Muthaiah Muralitharan) नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं

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  • Last Updated: November 21, 2019, 6:03 PM IST
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कोलंबो. श्रीलंका (Sri Lanka) के दिग्गज क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. हालांकि इस बार क्रिकेट की वजह से नहीं बल्कि कुछ और कारणों से. अपने 'दूसरा' के लिए मशहूर और टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में 800 विकेट लेने के साथ-साथ श्रीलंका (Sri Lanka) के विश्व कप (World Cup) विजेता टीम के सदस्य रहे मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) को अपने तमिल बंधुओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. इसका कारण यह है कि इस तरह की खबरें मिल रही हैं कि उन्हें तमिल बहुल इलाके उत्तरी प्रांत का गवर्नर बनाया जा सकता है.

मुरलीधरन को उत्तरी प्रांत का गवर्नर बनाने की खबरें
मुरली भारतीय मूल के तमिल हैं और श्रीलंका के कैंडी के निवासी हैं. हाल में श्रीलंका में राष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले गोताबया राजपक्षे को उन्होंने चुनाव में खुला समर्थन दिया था और ऐसा करने वाले एकमात्र सर्वाधिक प्रमुख और लोकप्रिय तमिल थे.

श्रीलंका के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों से चल रही है कि मुरलीधरन को गोताबया राजपक्षे के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में शामिल किया जाएगा और उनको उत्तरी प्रांत का गवर्नर बनाया जा सकता है.  हालांकि, अभी उनकी नियुक्ति की कोई आधिकारिक (official) पुष्टि नहीं की गई है, उत्तरी प्रांत के तमिल पहले से ही उनकी इस संभावित नियुक्ति के विरोध में खड़े हो गए हैं.

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श्रीलंका के दिग्गज गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने साल 2010 में टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था


गोताबया के रक्षा मंत्री रहते हुए उनके बड़े भाई महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति काल में 2005 से 2015 के बीच तमिलों के खिलाफ जो युद्ध अपराध हुए उसके बारे में मुरली के रुख से तमिलों में गुस्सा है. श्रीलंका की कुल जनसंख्या में भारतीय और श्रीलंकाई तमिलों की संख्या 12% है.

उत्तरी इलाके में तमिलों पर हुए अत्याचार के कारण गुस्से में लोग
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श्रीलंकाई तमिल वहां के मूल निवासी हैं जो देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में रहते हैं. भारतीय तमिल श्रीलंका में मजदूरों के रूप में पहुंचे जब ब्रिटिश शासक उन्हें वहां चाय बागानों में काम करने के लिए ले गए. मुरली भारतीय तमिल हैं. मुरली यह कहते रहे हैं कि श्रीलंका में कोई भी युद्ध अपराध नहीं हुआ.

कैंडी में रहने वाले एक पत्रकार का कहना है, 'वह सार्वजनिक रूप से यह कहते रहे हैं कि श्रीलंका में कोई युद्ध अपराध या नरसंहार नहीं हुआ. वह कैसे यह कह सकते हैं? क्या वह खुद तमिल नहीं हैं? उन्होंने हमें काफी निराश किया है. वह राजपक्षे को खुश करने के लिए ऐसा कह रहे हैं. यह बहुत ही बुरा है.' अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कोलंबो में रहने वाले एक तमिल नागरिक ने कहा, 'यह जले पर नमक छिड़कने जैसा है. श्रीलंका के उत्तरी इलाके में तमिलों पर गोताबया के शासनकाल में काफी अत्याचार हुआ. 80% से अधिक तमिलों ने इस बार उनके खिलाफ वोट किया है. वे मुरली को पसंद नहीं करते.'

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मुरली भारतीय मूल के तमिल हैं और श्रीलंका के कैंडी के निवासी हैं.


राष्ट्रपति के करीबी होने के कारण मुरली को मिल सकता है गर्वनर का पद
गोताबया के निकटस्थ सूत्र के अनुसार, यह सही है कि राष्ट्रपति मुरली को उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप पुरस्कार देना चाहते हैं. पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें उत्तरी प्रांत का गवर्नर बनाया जाएगा या नहीं.
तमिल नेशनल अलायंस (टीएनए) के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, 'यह खबर लीक हो गई है. शायद सरकार इस मुद्दे पर लोगों की प्रतिक्रिया जानना चाहती है. चूंकि इसका पहले से ही भारी विरोध शुरू हो गया है, ऐसा हो सकता है कि उन्हें गवर्नर ना बनाया जाए. उस स्थिति में उन्हें दूसरा पद दिया जा सकता है. हो सकता है क उन्हें राजदूत बना दिया जाए. ऐसा लग रहा है कि पहली बार मुरली का 'दूसरा' निशाने पर नहीं बैठा है.

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First published: November 21, 2019, 2:46 PM IST
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