खेल मंत्री ने दी स्टेडियम में टूर्नामेंट आयोजित करने की इजाजत, बढ़े आईपीएल के आसार!

 खेल मंत्री का ओलिंपिक को लेकर बड़ा बयान.
खेल मंत्री का ओलिंपिक को लेकर बड़ा बयान.

खेल मंत्रालय (Sports Ministry) ने सोमावार को सभी खिलाड़ियों को स्टेडियम और खेल परिसरों में प्रैक्टिस की इजाजत दी थी लेकिन अब उसने एक और बड़ा फैसला किया है

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की वजह से ठप हुई खेल की दुनिया अब धीरे-धीरे दोबारा शुरू हो रही है. भारत में खेल मंत्रालय (Sports Ministry) ने मंगलवार को सभी खिलाड़ियों को आउटडोर प्रैक्टिस करने की इजाजत दी थी, जिसके तहत वो स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रैक्टिस कर सकते हैं. अब खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए एक बड़ा ऐलान कर दिया है.

स्टेडियम में टूर्नामेंट के आयोजन की इजाजत
मंगलवार को खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि खेल महासंघ स्टेडियम में टूर्नामेंट आयोजित कर सकते हैं. समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में किरण रिजिजू बोले, 'अगर कोई खेल महासंघ टूर्नामेंट आयोजित करना चाहते हैं तो वो स्टेडियम में कर सकते हैं. लेकिन खेल महासंघों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन करना होगा. टूर्नामेंट का आयोजन अनुशासन में रहते हुए किया जा सकता है. '

खेल मंत्री का बड़ा बयान

आईपीएल के आयोजन के आसार प्रबल!


खेल मंत्री (Kiren Rijiju) के इस बयान के बाद कहीं ना कहीं आईपीएल के आयोजन को थोड़ी प्रबलता मिलती है. किरेन रिजिजू ने अभी एक स्टेडियम में टूर्नामेंट आयोजन करने की बात कही है. इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अगले महीने तक ये छूट और बढ़ सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर टी20 वर्ल्ड कप 2020 स्थगित होता है तो आईपीएल का आयोजन अक्टूबर में कराया जा सकता है. आईपीएल आयोजित करने के लिए बीसीसीआई को एक से ज्यादा स्टेडियम की जरूरत होगी. उम्मीद है कि अगले एक महीने में खेल मंत्रालय इसकी इजाजत भी दे सकता है. लेकिन ये सब कोरोना वायरस की स्थिति पर ही निर्भर करता है.

इन बातों का रखना होगा ध्यान
एथलीट्स की अगर बात करें तो एथलेटिक्स फेडरनेशन ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. जिसके मुताबिक एथलीटों को सख्त सामाजिक दूरी के साथ अभ्यास करने के अलावा सरकार द्वारा जारी किए गए अतिरिक्त मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया गया है. एसओपी के मुताबिक छींकने, खाँसी, साँस लेने में कठिनाई, थकान की लक्षण वाले खिलाड़ी के अभ्यास पर रोक रहेगी. किसी भी खिलाड़ी या कोच को एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाने के निर्देश मिले हैं. खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढकना है. परिसर के अंदर कहीं थूकना वर्जित है. देखा जाए तो ये नियम सभी खेलों पर लागू होते हैं.

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