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गावस्‍कर सहित इस दिग्गजों के 'सिर के ताज' की होगी नीलामी

सुनील गावस्कर की टेस्‍ट कैच की नीलामी होगी
सुनील गावस्कर की टेस्‍ट कैच की नीलामी होगी

सुनील गावस्कर (sunil gavaskar), हसन तिलकरत्ने (hashan tillakaratne), जावेद मियांदाद सहित कई दिग्गजों के कैप और जर्सी पर बोली लगाई जाएगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2019, 4:08 PM IST
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भारत और श्रीलंका के पूर्व सुनील गावस्‍कर (sunil gavaskar) और हसन तिलकरत्ने (hashan tillakaratne) सहित पाकिस्तान के जहीर अब्बास  की टेस्ट कैप, इंतिखाब आलम की 1970 से 1971 की वर्ल्ड इलेवन टीम की कैप की नीलामी होगी.

नीलामीकर्ता चार्ल्स लेस्की ने खुलासा किया है  कि इनके अलावा नीलामी में जावेद मियांदाद की वर्ल्ड सीरीज की शर्ट और ट्राउजर पर रविवार को बोली लगाई जाएगी. हालांकि इस  नीलामी को श्रीलंकाई कप्तान तिलकरत्ने ने एक चौका देने वाला खुलासा किया है. तिलकरत्ने ने कहा  है उनके नाम की जिस कैप को नीलामी में रखा जा रहा है, वह उनकी है ही नहीं.

उनकी यह टेस्ट कैप गहरे नीले रंग की है, जिस पर श्रीलंका का प्रतीक शेर बना हुआ है. वहीं फ्रेम के अंदर इस कप्तान के साइन भी हैं. 1989 से 2004 के बीच श्रीलंका की ओर से कुल 83 टेस्ट मैच खेलने वाले तिलकरत्ने 1996 वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम के अहम सदस्य थे और फिलहाल वह राजनीति में सक्रिय हैं.



तिलकरत्ने की कैप घर के म्यूजियम में
उनकी इस कैप को मई 2003 में लेस्की नीलामी में असली सर्टिफिकेट के साथ खरीदा गया था.

हसन तिलकरत्ने ने कहा कि वह कुछ पैसों के लिए अपने देश के गौरव को नहीं बेच सकते (फाइल फोटो)


हालांकि तिलकरत्ने ने ऑक्‍शन में कभी भी अपने इस कैप को देने से साफ इनकार किया है. bdcrictime से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी कैप उनके घर के म्यूजियम में रखी हुई है. वह उसे देखने वालों का अपने घर में स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि वह कुछ पैसों के लिए अपने देश के गौरव को कभी नहीं बेच सकते. यहां तक कि इस श्रीलंकाई कप्तान ने अपने टेस्ट कैप की कुछ तस्वीरों को भी शेयर किया है.

क्या उस मुलाकात को भूल चुके हैं पूर्व श्रीलंकाई कप्तान

हालांकि नीलामीकर्ता ने कहा कि  मौजूदा वेंडर ने 22 मई 2003 को पब्लिक ऑक्‍शन के दौरान लॉट 434 में इसे खरीदा था. तिलकरत्ने ने उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई थी. इसके अलावा उस ऑक्‍शन में बिकने वाली यह एक मात्र कैप नहीं थी, जो पहले तिलकरत्ने के पास  थी.

उन्होंने कहा कि कैटलॉक में लॉट 433 पर भी तिलकरत्ने  के साइन है. यह पुरानी कैप है. दोनों कैप पर्थ के  कीथ अटारी के बिहाफ पर  बेचने के लिए दिया था. कीथ एक पूर्व सीनियर पुलिस ऑफिसर थे, जो अब इस दुनिया में नहीं है. अपने रिटायरमेंट के  बाद उन्होंने लंबे समय तक वाका के विजिटिंग रूम में काम किया था. नीलामीकर्ता ने कहा कि इससे यह लगता है कि तिलकरत्ने उस मौके को भूल गए हैं, जबकि पर्थ में उनकी और कीथ की मुलाकात हुई थी.

 

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