जूते में छिपा है स्टीव स्मिथ की सफलता का राज, हर मैच से पहले करते हैं ये अजीबोगरीब काम!

जूते में छिपा है स्टीव स्मिथ की सफलता का राज, हर मैच से पहले करते हैं ये अजीबोगरीब काम!
स्टीव स्मिथ का अंधविश्वास है उनके जूते

दुनिया के नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) मौजूदा दौर के महान खिलाड़ियों में शामिल हैं, उनकी इस सफलता के पीछे उनके जूते के फीते हैं. पढ़िए हमारी स्पेशल रिपोर्ट

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नई दिल्ली. स्टीव स्मिथ (Steve Smith)...ये बल्लेबाज जब क्रीज पर कदम रखता है तो अच्छे-अच्छे गेंदबाजों का दिमाग चकरा जाता है. स्टीव स्मिथ का फुटवर्क विरोधी गेंदबाजों की लाइन और लेंग्थ बिगाड़ देता है. स्टीव स्मिथ की बल्लेबाजी पिछले कुछ सालों से अबूझ पहेली की तरह है और जिन्हें आउट करने का तरीका अभी तक कोई गेंदबाज नहीं जानता. ऐसा लगता है मानो स्टीव स्मिथ अपनी मर्जी से आउट होते हैं. जब रन बनाकर दिल भर जाता है तो वो गेंदबाज को विकेट दे देते हैं. स्टीव स्मिथ दुनिया के नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज हैं, उनका औसत 62 से भी ज्यादा है. वो 27 टेस्ट शतक जड़ चुके हैं. वनडे में भी स्मिथ का औसत 40 से ज्यादा है. उसमें उन्होंने 9 बार सैकड़ा जड़ा है. ये आंकड़े स्मिथ की महानता दर्शाते हैं. आइए अब आपको बताते हैं स्मिथ की सफलता के पीछे का वो राज जो बहुत कम लोग जानते हैं.

स्मिथ का अंधविश्वास है उनकी ताकत!
स्टीव स्मिथ (Steve Smith) दुनिया के हर खिलाड़ी की तरह अपने खेल पर मेहनत करते हैं. वो अपनी बल्लेबाजी पर काफी ध्यान देते हैं, घंटों प्रैक्टिस कर रन बनाने के नए-नए तरीके इजाद करते हैं लेकिन स्टीव स्मिथ की रनों की बारिश के पीछे उनका एक अंधविश्वास भी है. जी हां, दुनिया के कई बड़े खेल सितारे अंधविश्वासी होते हैं जिसमें स्टीव स्मिथ का नाम भी शामिल है. स्टीव स्मिथ हर मैच से पहले एक ऐसी चीज करते हैं जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे.


स्टीव स्मिथ का अंधविश्वास- जूते के फीते


स्टीव स्मिथ (Steve Smith) का अंधविश्वास है उनके जूते के फीते. ऑस्ट्रेलिया का ये बल्लेबाज हमेशा अपने फीते जूते के अंदर रखता है. मतलब जब स्टीव स्मिथ पैड पहनते हैं तो उनके जूते के फीते दूसरे बल्लेबाजों की तरह बाहर नहीं दिखाई देते. स्टीव स्मिथ उन्हें अपने जूतों के अंदर टेप से चिपका कर रखते हैं. स्टीव स्मिथ का मानना है कि फीते बाहर होते हैं तो उनका ध्यान भंग होता है.

स्टीव स्मिथ (Steve Smith) के इस अंधविश्वास की शुरुआत साल 2016 आईपीएल में शुरू हुई थी. उस वक्त स्मिथ पुणे वॉरियर्स की टीम के लिए खेल रहे थे और उनका गुजरात लायंस से मुकाबला था. स्मिथ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस मैच में उन्होंने अपने फीते जूते के अंदर चिपकाए और जब वो बल्लेबाजी करने गए तो कमाल ही हो गया. स्टीव स्मिथ ने अपने टी20 करियर का पहला शतक ठोक डाला. उस मुकाबले में स्मिथ ने महज 54 गेंदों में 101 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 8 चौके और 5 छक्के निकले. बस फिर क्या था, वो दिन है और आज का दिन है. स्मिथ अपने फीते आज भी जूते के अंदर ही रखते हैं.

अंधविश्वास से हुआ स्मिथ को फायदा!
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि फीते जूते के अंदर रखने के बाद से स्टीव स्मिथ के बल्लेबाजी आंकड़े बेहद कमाल के रहे हैं. 29 अप्रैल 2016 के बाद से स्मिथ ने 56 टेस्ट पारियां खेली हैं जिसमें उनके बल्ले से 12 शतक और 13 अर्धशतक निकले हैं. उनका बल्लेबाजी औसत 66.17 का रहा है जो उनके करियर औसत से ज्यादा है.

वनडे में भी स्मिथ (Steve Smith) ने उस दिन के बाद से कमाल किया है. 51 वनडे पारियों में उन्होंने 45 से ज्यादा की औसत से 2080 रन ठोके हैं, जिसमें 4 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं. स्मिथ की टी20 औसत 29.60 है लेकिन फीते जूते के अंदर चिपकाने के बाद से स्टीव स्मिथ ने 83.33 के औसत से 250 रन बना डाले हैं. साफ है स्मिथ का टोटका काम कर रहा है और वो शायद इसे आगे भी जारी रखने वाले हैं.

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