WTC Final: ऋषभ पंत के आउट होने के अंदाज से गावस्कर खफा, बोले- बेपरवाही और लापरवाही में फर्क

WTC Final: ऋषभ पंत दूसरी पारी में 41 रन के स्कोर पर खराब शॉट खेलकर आउट हो गए थे. (Twitter/AP)

WTC Final में ऋषभ पंत (Rishabh Pant) के आउट होने के तरीके से पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) नाराज हैं. उन्होंने कहा कि केयर-फ्री और केयरलेस होने में मामूली सी फर्क होता है. लेकिन इस बार पंत ने इस लाइन को क्रॉस किया और इसका खामियाजा भारत को उठाना पड़ा.

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    नई दिल्ली. ऋषभ पंत (Rishabh Pant) से न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल (WTC Final) में टीम इंडिया और फैंस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. पहली पारी में तो वो फ्लॉप रहे, लेकिन दूसरी पारी में जरूर मुश्किल में दिख रही टीम इंडिया के लिए संकचमोचक बने. मगर 41 रन के स्कोर पर खराब शॉट खेलकर आउट हो गए. उनका विकेट गिरते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और दूसरी पारी में 170 रन पर ऑलआउट हो गई. उनके गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट होने से कई पूर्व दिग्गज नाराज हैं. इसमें सुनील गावस्कर भी शामिल हैं.

    गावस्कर ने कहा कि केयर-फ्री और केयरलेस होकर खेलने में मामूली सा फर्क है. पंत ने कई मौकों पर इस सीमा को लांघा है और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिन में ये टीम इंडिया के लिए भारी पड़ गया. उन्होंने कहा कि पंत ने केयर फ्री नहीं, बल्कि केयरलेस तरीके से बल्लेबाजी की.पंत कई मौकों पर 90 रन के बाद केयरलेस शॉट खेलकर आउट हुए हैं, जबकि उनके पास शतक लगाने का पूरा मौका था, इसके लिए उन्हें थोड़ा संभलकर खेलने की जरूरत थी. उनकी सबसे बड़ी परेशानी शॉट सेलेक्शन है. इसके अलावा वो शानदार बल्लेबाज हैं. उनके पास तकनीक है और वो हर तरह के शॉट्स खेल सकते हैं.

    पंत का खराब शॉट खेलकर आउट होना गलत: गावस्कर
    पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि पंत बल्लेबाजी के दौरान जब कॉपी बुक शॉट्स खेलते हैं, तो उसे देखना मजेदार होता है. लेकिन जब वो इस तरह खराब शॉट खेलकर आउट होते हैं, तो तकलीफ होती है. ऐसे नहीं है कि पंत ने पहली बार इस अंदाज में बल्लेबाजी की. वो पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी इसी तरह बेखौफ बल्लेबाजी कर चुके हैं. तब इसका टीम को फायदा भी मिला था. लेकिन डब्ल्यूटीसी फाइनल में उनके खेलने का यही अंदाज टीम पर भारी पड़ा. क्योंकि वो दूसरी पारी में सेट हो गए थे और 41 रन जोड़ चुके थे. अगर वो थोड़ा संभलकर खेलते तो भारत आसानी से बड़ी बढ़त हासिल कर लेता और तब मैच का नतीजा शायद कुछ और होता.

    विराट कोहली पंत का समर्थन कर चुके
    गावस्कर भले ही पंत के खेलने के तरीके से नाराज हैं. लेकिन विराट कोहली ने पंत का समर्थन किया है. उन्होंने फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम चाहते हैं कि पंत अपना स्वाभाविक खेल खेलें. यही उनकी ताकत है. वो कई मौकों पर अकेले दम पर मैच का रुख पलट चुके हैं. कई बार जब नतीजे आपके हक में नहीं आते, तो आप कह सकते हैं कि गलती हुई है. पर खेल में ऐसा चलता रहता है.

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    पंत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दो अहम पारियां खेली थीं
    पंत कितने बड़े गेम-चेंजर है. इसका नमूना वो पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दिखा चुके हैं. तब उन्होंने सिडनी टेस्ट के आखिरी दिन 118 गेंद पर 97 रन की पारी खेली थी. इस दौरान उन्होंने 12 चौके और तीन छक्के लगाए थे. उनका स्ट्राइक रेट 82 से ज्यादा का था. भारत ये टेस्ट ड्रॉ कराने में सफल रहा था. इसके बाद उन्होंने ब्रिसबेन में हुए आखिरी टेस्ट में भी 138 गेंद में नाबाद 89 रन की पारी खेली थी. पंत के कारण ही भारत य़े टेस्ट जीता था.

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