सुनील गावस्कर ने किया खुलासा, अगर क्रिकेटर नहीं होते तो आज कर रहे हाेते ये काम...

सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर वे क्रिकेटर नहीं होते तो डॉक्टर होते

सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर वे क्रिकेटर नहीं होते तो डॉक्टर होते

एक इंटरव्यू में सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी के बारे में खुलकर बात की

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2019, 6:10 PM IST
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नई दिल्‍ली. भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने मैदान पर कई रिकॉर्डस अपने नाम किए. पहली बार विश्व विजेता बनने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने खुलासा किया है कि अगर वह ‌क्रिकेटर नहीं होते तो वह डॉक्टर होते. 70 साल के सुनील गावस्कर के नाम 125 टेस्ट मैचों में 10 हजार से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है. वहीं 108 मैचों में उनके नाम 3 हजार 92 रन हैं.

स्पोर्ट्स स्टार से खास बातचीत में गावस्कर ने पूछने पर खुलासा किया कि अगर वह क्रिकेटर नहीं होते तो वह डॉक्टर होते. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा पेशा है. उन्होंने कहा डॉक्टर बनकर आप  लोगों के शारीरिक दर्द को कम करते हैं. आप लोगों का इलाज करते हैं. उन्हें मौत से वापस लाते हैं. डॉक्टर्स जान बचाते हैं. अगर आप डॉक्टर हैं ताे आप भगवान के जैसे हैं.

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दोहरा शतक लगाने से ज्यादा है मदद के बाद की खुशी
सुनील गावस्कर हार्ट टू हार्ट फाउंडेशन (Heart to Heart Foundation) से भी जुड़े हैं, जो बच्चों की दिल की तकलीफ को दूर करते हैं. इसके बारे में गावस्कर ने बताया कि वह बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्हें इस फाउंडेशन का चेयरमैन बनने के लिए कहा गया. यह फाउंडेशन एक हॉस्पिटल के साथ मिलकर काम करता है. फाउंडेशन उन बच्चों की मदद करता है, जिन्‍हें दिल की समस्या है. उन्होंने कहा कि जन्मजात दिल की समस्या एक महामारी की तरह है.



भारत में करीब तीन लाख बच्चे इस बीमारी के साथ जन्म लेते हैं. 90 हजार बच्चे तो अपना पहला जन्मदिन तक नहीं देख पाते हैं. यह फाउंडेशन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की सर्जरी फ्री में करवाता है. उन्होंने कहा कि जब उन परिवार को मालूम चलता है कि उनका बच्चा अब नॉर्मल और स्वस्‍थ है तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक होती है. यह भावना दोहरा शतक लगाने से भी ज्यादा है.

दर्शकों को स्टेडियम तक लाना टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती

गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) की बड़ी चुनौतियाें के बारे में कहा कि क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट की चुनौती दर्शकों को स्टेडियम तक लाना है. वे सभी सीमित ओवर क्रिकेट के आदि हैं. बड़े शॉट सीमित ओवर क्रिकेट में दर्शकों का उत्साह बनाता है, जो टेस्ट क्रिकेट में नहीं होता. हमेशा साथ रहने वाली घटना के बारे में पूछने पर गावस्कर ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतना सबसे अच्छा पल था. सुनील गावस्कर  (Sunil Gavaskar) ने कहा कि इसे घटना नहीं कहा जा सकता. यह एक याद है.

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