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सुनील गावस्कर ने साधा टीम मैनेजमेंट पर निशाना, बोले- अपनी बात कहने की सजा भुगत रहे हैं अश्विन

सुनील गावस्कर ने साधा टीम मैनेजमेंट पर निशाना, बोले- अपनी बात कहने की सजा भुगत रहे हैं अश्विन

अश्विन का मानना है कि जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में टीम का रिश्ता मजबूत हुआ है.    (Ravichandran Ashwin/Instagram)

अश्विन का मानना है कि जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में टीम का रिश्ता मजबूत हुआ है. (Ravichandran Ashwin/Instagram)

सुनील गावस्कर ने यह दावा किया कि अश्विन टीम की बैठकों में अपनी बात कह पाने की पीड़ा भुगत रहे हैं. गावस्कर ने कहा कि सीनियर स्पिनर को एक औसत परफॉर्मेंस के बाद ड्रॉप कर दिया जाता है, जबकि बल्लेबाज खराब प्रदर्शन के बावजूद खेलते रहते हैं.

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    नई दिल्ली. पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) मौजूदा टीम प्रबंधन (Team Management) पर टीम में भेदभाव के आरोप लगाए हैं. गावस्कर ने टी नटराजन (T Natrajan) और सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) का उदाहरण देते हुए कहा कि टीम प्रबंधन दोहरे मानदंड अपना रहा है. गावस्कर ने यह दावा किया कि अश्विन टीम की बैठकों में अपनी बात कह पाने की पीड़ा भुगत रहे हैं. गावस्कर ने कहा कि सीनियर स्पिनर को एक औसत परफॉर्मेंस के बाद ड्रॉप कर दिया जाता है, जबकि बल्लेबाज खराब प्रदर्शन के बावजूद खेलते रहते हैं.

    रविचंद्रन अश्विन अब टेस्ट टीम के विशेषज्ञ स्पिनर हैं, लेकिन सीमित ओवर क्रिकेट में उन्हें अनदेखा किया जा रहा है. अश्विन ने 2017 में भारत के लिए आखिरी व्हाइट बॉल मैच खेला था. आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद वह सीमित ओवर क्रिकेट में नहीं चुने जा रहे. सुनील गावस्कर ने स्पोर्टस्टार में लिखे अपने कॉलम में कहा, ''अश्विन अपनी अयोग्यता के कारण नहीं बल्कि अपनी बात कहने की सजा भुगत रहे हैं. यदि अश्विन एक मैच में विकेट नहीं लेते तो उन्हें अगले मैच में बाहर कर दिया जाता है. बल्लेबाजों के साथ ऐसा नहीं होता.''

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    गावस्कर ने कहा कि अश्विन अपनी स्पष्टवादिता के लिए और मीटिंग में अपने मन की बात कहने के लिए सजा भुगत रहे हैं, जहां अधिकांश लोग सहमत नहीं होने पर भी सिर हिलाते हैं. उन्होंने कहा, ''कोई भी अन्य देश एक ऐसे गेंदबाज का स्वागत करेगा, जिसके पास 350 से अधिक टेस्ट विकेट हों और वह चार टेस्ट शतक को भी न भूलें. हालांकि, अगर अश्विन एक मैच में विकेट नहीं लेते हैं तो उन्हें अगले मैच से बाहर कर दिया जाता है. यह हालांकि स्थापित बल्लेबाजों के लिए नहीं होता है. भले ही वे एक खेल में असफल हो जाते हैं और उन्हें एक और मौका मिलता है,लेकिन अश्विन के लिए दूसरा नियम लागू होता है.''

    अश्विन टेस्ट क्रिकेट में चौथे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. वह 70 मैचों में 370 विकेट ले चुके हैं. 111 वनडे में 150 और 46 टी20 में वह 52 विकेट ले चुके हैं. गावस्कर ने इस बात पर भी जोर दिया कि कप्तान विराट कोहली अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट गए हैं, लेकिन पेसर टी नटराजन को नेट बॉलर के रूप में आस्ट्रेलिया रुकने के लिए कहा गया है. आईपीएल 2020 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते समय वह पिता बने थे.

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    टी नटराजन तभी भारत लौटेंगे, जब ऑस्ट्रेलिया के साथ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज समाप्त होगी. वनडे और टी20 में डेब्यू करने वाले नटराजन ने प्रभावशाली गेंदबाजी की थी. गावस्कर ने कहा, ''भारतीय क्रिकेट में अलग लोगों के लिए अलग नियम हैं, यदि आप मेरा विश्वास नहीं करते ततो अश्विन और नटराजन से पूछ सकते हैं.''undefined

    Tags: Paternity leave, Ravichandran ashwin, Sunil gavaskar, T Natarajan, Virat Kohli

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