EXCLUSIVE: विनोद राय के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं आदित्य वर्मा

बीसीसीआई में सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के लिए विनोद राय को भेजा गया था लेकिन उस दिशा में उन्होंने ढंग से काम नहीं किया: आदित्य वर्मा

विमल कुमार@Vimalwa | News18Hindi
Updated: February 8, 2019, 12:10 PM IST
विमल कुमार@Vimalwa | News18Hindi
Updated: February 8, 2019, 12:10 PM IST
साल 2013 आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के बाद बीसीसीआई में कई सारे बदलाव देखने को मिले हैं. इस दौरान लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के साथ प्रशासकों की समिति की नियुक्ति समेत कई सारे बदलाव किए गए. इन सबके सूत्रधार आदित्य वर्मा रहे हैं. आदित्य ने इन सालों में श्रीनिवासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ अपने राज्य बिहार को क्रिकेट राज्य संघ के तौर पर मान्यता दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. वैसे आदित्य वर्मा की ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वह बीसीसीआई में सुधारों को लेकर अभी भी प्रयासरत हैं. आदित्य वर्मा से एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में न्यूज18 के स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार ने बातचीत की.

न्यूज़18: इतने बड़े विवाद के बाद बीसीसीआई ने एक दम से हार्दिक पांड्या और केएल राहुल को खेलने की अनुमति दे दी, आप इसे किस तरह से देखते हैं?

आदित्य वर्मा: केएल राहुल और हार्दिक पांडया देश के उभरते हुए क्रिकेटर हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन अगर वे किसी शो में बैठकर महिलाओं का अपमान करते हैं साथ ही संयोग से आज राष्ट्रीय बालिका दिवस भी है. आज के ही दिन उन्हें बरी भी किया गया है तो ये निराश करने वाली बात है. साथ ही विनोद राय के वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी थी की दो खिलाड़ियों का सवाल है इसलिए ओम्बड्समैन को नियुक्त कर दिया जाए ताकि इनके मसले पर जल्दी से बातचीत हो सके. लेकिन कोर्ट ने खिलाड़ियों का नाम पूछकर कहा है कि जब तक एमिकस क्यूरी नहीं आते मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा और बात वहीं खत्म हो गई थी. लेकिन आज हमने देखा कि उन्हें बरी कर दिया गया, ये तरीका मुझे पसंद नहीं आया. हर किसी को पता है कि प्रशासकों की समिति में अब दो लोग ही बचे हैं विनोद राया और डाइना एडुल्जी. एडुल्जी ने कहा था कि इस मामले पर सुनवाई या तो SGM में की जाए या ओम्बड्समेन के द्वारा. लेकिन विनोद राय ने राहुल जौहरी मामले के ही अंदाज में इस मामले पर भी खुद फैसला लेकर इन दोनों पर सस्पेंशन हटा दिया है.



न्यूज़18: हर किसी को लग रहा है कि विनोद राय अपनी मनमर्जी कर रहे हैं लेकिन वह ऐसा कैसे कर रहे हैं?

आदित्य वर्मा: सप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से बीसीसीआई में सुधार की रूप रेखा तैयार की थी उसे विनोद राय ने गड़बड़ कर दिया और ढंग से लागू ही नहीं होने दिया. अब डायना एडुल्जी और विनोद राय के बीच का मतभेद भी सबके सामने आ चुका है. ऐसे में कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट विनोद राय पर लगाया जाना चाहिए.

न्यूज़18: पिछले कुछ समय में जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेट को प्राथमिकता में लेना बंद कर दिया है तो ऐसे में भारतीय क्रिकेट को नुकसान हो रहा है और फायदा विनोद राय उठा रहे हैं?

आदित्य वर्मा: हम सुप्रीम कोर्ट को इसका जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते. उन्होंने तो आदेश जारी कर दिया है. लेकिन जिस तरह से सिफीरिशों को ढंग से लागू नहीं किया गया उसके लिए विनोद राय को दंड मिलना चाहिए. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2017 में अपने आदेश को लागू कराने के लिए इन्हें भेजा था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की ही वजह से अनुराग ठाकुर को बर्खास्त किया जा चुका है. अन्य भी बड़े नाम है जो इसी आदेश की वजह से बाहर हो गए हैं. हम ऐसा नहीं कह सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना गया. आप जस्टिस लोढ़ा समिति की रिपोर्ट देखिए. लोढ़ा साहब ने बताया है कि विनोद राय को जिस काम के लिए वहां भेजा गया था उसको उन्होंने अंजाम नहीं दिया. कुछ समय पहले एक बड़े खिलाड़ी ने मुझे बताया था कि बीसीसीआई की तासीर ऐसी है कि उसकी परिधि में चाहे जितना शरीफ और ईमानदार आदमी जाए वह उसकी जद में आ ही जाएगा. इस गलतफहमी में मत रहो कि कोई आ जाएगा तो ये सुधर जाएगा. ये कभी सुधरने वाला नहीं है. आज मुझे लगता है कि जो बातें उस खिलाड़ी ने मुझसे बोली थीं वे ठीक हैं. मैं सुप्रीम कोर्ट के जज से कहना चाहता हूं कि हम हिंदुस्तान में रहते हैं. हमारी देश की संस्कृति कहती है कि आज भी जब हम घर के बाहर निकलते हैं तो मां के चरण छूकर निकलते हैं. लेकिन जिस तरह से विनोद राय ने राहुल जौहरी और राहुल-पांड्या के मामले को क्लीन चिट दी उसे मैं बहुत गलत मानता हूं. इसलिए मैं चाहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट इन मामलों को लेकर खुद संज्ञान ले.
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न्यूज़18: पिछले दिनों एन. श्रीनिवासन ने इंडिया सीमेंट का फंक्शन किया और आप वहां नजर आए. क्या आपने पाला बदल दिया है?

आदित्य वर्मा: मेरी व्यक्तिगत तौर पर किसी से लड़ाई नहीं थी. मैं बस बिहार को क्रिकेट संघ का दर्जा दिलाना चाहता था इसलिए मैं पूरी कोशिश में लगा था. लेकिन जिस तरह से मैं विनोद राय एपिसोड को देखता हूं तो मुझे एहसास होता है कि मुझसे भूल हो गई. जो मैंने देखा, समझा तो कहने में मैं बिल्कुल संकोच नहीं करूंगा कि क्रिकेट के लिए अगर कोई वास्तव में अच्छा प्रशासक है जो अपने घर से क्रिकेट पर पैसा लगाता है तो वह एन. श्रीनिवासन हैं.

न्यूज़18: आपने उनके दामाद के खिलाफ कैंपेन चलाया, उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया. उन्होंने कैसे आपको बुला लिया?

आदित्य वर्मा: उनसे मेरी बात हुई थी और मैंने कहा था कि अगर बिहार को पहले से उसका वाजिब हक मिल जाता तो मैं इस मामले में पड़ता ही नहीं तो उन्होंने मुझसे कहा था- हां वो मेरी गलती थी. लेकिन उन्होंने मेरी तारीफ भी की थी और कहा था कि तुम के साहसी फाइटर हो और ये बात मुझे पसंद आई.
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