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गांगुली को टीम से बाहर करने वाले ग्रेग चैपल की तारीफ में बोले रैना, उनकी वजह से बने वर्ल्ड चैंपियन

भारत ने 2 अप्रैल 2011 को फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार वर्ल्‍ड कप जीता था. (Suresh Raina/Twitter)

दिग्गज क्रिकेटरों में शुमार सुरेश रैना (Suresh Raina) ने आत्मकथा ‘बिलीव, व्हाट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी’ में लिखा है कि 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के पीछे कोच ग्रेग चैपल का बड़ा हाथ था. चैपल के कोच रहते ही श्रीसंत, मुनाफ पटेल और सुरेश रैना ने डेब्यू किया था जो 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे.

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    नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) का मानना है कि भारत के पूर्व मुख्य कोच ग्रेग चैपल (Greg Chappell) की वजह से टीम इंडिया 2011 में विश्व चैंपियन बनी थी. चैपल को 2005 में दो साल के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया था. ऐसा भी कहा जाता है चैपल को कोच बनाने के पीछे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बड़ा हाथ था. बाद में हालांकि गांगुली के साथ रिश्ते खराब होने के चलते चैपल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

    टीम इंडिया ने 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था. धोनी के नेतृत्व में ही 2007 में भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनी. रैना ने आत्मकथा ‘बिलीव, व्हाट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी’ में भारतीय क्रिकेट पर चैपल के प्रभाव के बारे में लिखा है. चैपल के कोच रहते ही श्रीसंत, मुनाफ पटेल और सुरेश रैना ने डेब्यू किया था जो 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे.

    34 वर्षीय रैना ने किताब में लिखा, ‘ग्रेग चैपल को भारतीय खिलाड़ियों की एक पीढ़ी तैयार करने का श्रेय मिलना चाहिए. उन्होंने जो बीज बोए थे, उनके फल बाद में दिखे, जब 2011 में टीम ने वर्ल्ड कप जीता. मुझे लगता है कि तमाम विवादों के बीच उनके कोच रहने के दौरान उन्होंने भारतीय टीम को जीतना और जीतने की अहमियत बताई थी.' चैपल 2007 में टीम इंडिया के कोच थे जब वनडे वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और पहले ही राउंड में उसे बाहर होना पड़ा था.

    इसे भी पढ़ें, रैना बोले- धोनी से दोस्ती की वजह से नहीं, काबिलियत के दम पर टीम में था

    90 के दशक और 2000 के शुरुआती दौर में भारत को काफी हद तक लक्ष्य का पीछा करने में कमजोर माना जाता था. जब टीम अत्यधिक दबाव में आ जाती थी तो बल्लेबाजी उतनी बेहतर नहीं हो पाती थी. हालांकि, चैपल के नेतृत्व में भारत खासतौर से लक्ष्य का पीछा करते हुए एक मजबूत टीम के रूप में उभरा. राहुल द्रविड़ की कप्तानी में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने लगातार 14 मैच जीते.

    रैना ने कप्तान और चैपल के प्रयासों को श्रेय दिया. रैना ने लिखा, 'उस समय हम सभी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन मुझे याद है कि वह बल्लेबाजी को लेकर टीम मीटिंग में रन चेज को लेकर बहुत जोर देते थे..'