श्रीलंका भी टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन की रेस में, बीसीसीआई कर रहा है चर्चा

ओमान में भी टी20 वर्ल्ड कप के मैच हो सकते हैं. (ICC Twitter)

ओमान में भी टी20 वर्ल्ड कप के मैच हो सकते हैं. (ICC Twitter)

टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) का आयोजन अक्टूबर-नवंबर में भारत में होना है. लेकिन कोरोना के करण इसके आयोजन पर संशय है. जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई इसके आयोजन के लिए यूएई के अलावा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड से भी चर्चा कर रहा है.

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नई दिल्ली. बीसीसीआई को टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) की मेजबानी करनी है. टूर्नामेंट का आयोजन अक्टूबर-नवंबर में होना है. जानकारी के अनुसार, भारतीय क्रिकेट बोर्ड यूएई के अलावा श्रीलंका को भी आयोजन के वेन्यू के तौर पर देख रहा है  इसके लिए श्रीलंका बोर्ड से बातचीत भी चल रही है. इससे पहले श्रीलंका बोर्ड ने आईपीएल के बचे 31 मैच की मेजबानी का भी प्रस्ताव दिया था. 1 जून को आईसीसी की बैठक में बीसीसीआई को आयोजन पर फैसला करने के लिए 28 जून तक का समय दिया गया था. 16 टीमों को टूर्नामेंट में उतरना है. कोरोना के बीच टूर्नामेंट का आयोजन देश में होना मुश्किल है.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बीसीसीआई और यूएई के बीच टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन को लेकर चर्चा चल रही है. लेकिन यह बात भी ध्यान रखनी होगी कि आईपीएल के अलावा कई और मुकाबले यूएई में हाेने हैं. ऐसे में वर्ल्ड कप के दौरान पिच की स्थिति उतनी अच्छी नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि प्लेइंग कंडीशन को देखते हुए श्रीलंका बोर्ड से भी बात चल रही है. लेकिन अभी यह शुरुआती बातचीत ही है.

श्रीलंका में आयोजन के लिए कई वेन्यू

अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में हमें आईसीसी को जानकारी देनी है. इस कारण इस तरह की बातचीत चल रही है. हालांकि अगर वर्ल्ड कप का आयोजन देश के बाहर होता है तो भी आयोजन का अधिकार बीसीसीआई के पास ही रहेगा. यूएई में तीन वेन्यू शारजाद, दुबई और अबुधाबी में मैच होने हैं. वहीं श्रीलंका में कई विकल्प हैं.
15 जून तक टैक्स छूट के बारे में देनी है जानकारी

बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि आईसीसी को 15 जून तक टैक्स छूट के संबंध में गारंटी देनी है. इसके बाद दूसरी चीजें शुरू होंगी. देश में कोरोना के बीच आयोजन के लिए आईसीसी की ओर से बीसीसीआई को जानकारी देने के लिए 28 जून तक समय दिया गया है. 2016 से बीसीसीआई और आईसीसी के बीच टैक्स विवाद चल रहा है. अगर यह विवाद नहीं निपटता है तो बोर्ड को लगभग 900 करोड़ रुपए की छूट नहीं मिलेगी. बीसीसीआई के रेवेन्यू में से यह राशि आईसीसी काट लेगा.

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