मैच फिक्सिंग मामले में अजहरुद्दीन की बढ़ सकती है मुश्किलें, TCA ने दोबारा CBI जांच की मांग की

पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पर बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग मामले में दिसंबर 2000 में आजीवन प्रतिबंध लगा था. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2012 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने उन पर लगा ये बैन हटाया था. (Mohammad Azharuddin/Twitter)

पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पर बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग मामले में दिसंबर 2000 में आजीवन प्रतिबंध लगा था. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2012 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने उन पर लगा ये बैन हटाया था. (Mohammad Azharuddin/Twitter)

तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (Telangana Cricket Association) ने मैच फिक्सिंग मामले में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (Hyderabad cricket association) के अध्यक्ष मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) के खिलाफ दोबारा सीबीआई जांच की मांग की. इस संबंध में टीसीए का एक प्रतिनिधमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से जल्द मुलाकात करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 2:35 PM IST
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नई दिल्ली. कभी मैच फिक्सिंग के आरोपों की वजह से आजीवन प्रतिबंध झेलने वाले पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (Telangana Cricket Association) ने इस मामले में उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. टीसीए के अध्यक्ष वाय. लक्ष्मीनारायण (Y. Laxminarayana) और सचिव गुरुवा रेड्डी (D. Guruva Reddy) ने रविवार को कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा और अजहरुद्दीन के खिलाफ मैच फिक्सिंग मामले में नए सिरे से सीबीआई जांच और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मांग करेगा.

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, टीसीए के पदाधिकारियों ने अजहरुद्दीन के हालिया गलत कामों का पर्दाफाश करने की भी धमकी दी है. टीसीए ने आरोप लगाया है कि अजहरुद्दीन हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (Hyderabad Cricket Association) को चलाने के दौरान सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अजहरुद्दीन की अगुआई वाले एसचीए ने नियमों को ताक पर रखकर अकाउंट के ऑडिट, अलग-अलग स्तर पर खिलाड़ियों और कोच के सेलेक्शन में गड़बड़ी की है.

टीसीए ने अजहरुद्दीन के खिलाफ दोबारा कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही

टीसीए के सचिव रेड्डी ने कहा कि अजहरुद्दीन को देश की किसी भी अदालत ने सट्टेबाजी से संबंधित किसी भी आरोप से कभी बरी नहीं किया है. उन्हें सिर्फ बीसीसीआई द्वारा आजीवन प्रतिबंध लगाने के मामले में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से राहत मिली थी. हाईकोर्ट ने 2012 में अजहरुद्दीन पर लगा लाइम बैन हटा दिया था. बीसीसीआई ने दिसंबर 2000 में मोहम्मद अजहरुद्दीन पर मैच फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगाया था. अभी भी हाई कोर्ट के आजीवन बैन हटाने के फैसले को चुनौती नहीं दी गई है. हम बीसीसीआई से ये मांग करते हैं वो नए सिरे से अजहरुद्दीन के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू करे.
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सीबीआई जांच में अजहरुद्दीन ने मैच फिक्सिंग की बात मानी थी



सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद मैच फिक्सिंग और उसके रैकेट से जुड़ी रिपोर्ट में अजहरुद्दीन समेत बुकी, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का कबूलनामा मौजूद है. जिसमें अजहरुद्दीन ने ये कबूल किया है कि उन्होंने इस रैकेट के सरगना एमके गुप्ता के साथ कई सट्टेबाजों से मुलाकात की थी और उनसे पैसों के अलावा महंगे गिफ्ट भी लिए थे. अजहरुद्दीन ने ये भी माना था कि अजय गुप्ता और उसके सहयोगियों ने मैच फिक्स करने के लिए उनसे संपर्क साधा था. हालांकि, अजहरुद्दीन ने सट्टेबाजों से कितनी राशि मिली थी. इसके बारे में कुछ नहीं बताया था. अजहरुद्दीन ने बताया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच जयपुर में हुआ पेप्सी कप का मैच इनके जरिए फिक्स हुआ था. इस डील में उनके साथ अजय जडेजा और नयन मोंगिया भी शामिल थे.
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