IND vs END: भारत को 40 दिन में मिले 5 सुपर स्टार, सबने डेब्यू मैच में ही तोड़े कई रिकॉर्ड

भारत की टीम इस समय इंग्लैंड से वनडे सीरीज खेल रही है. (PTI)

भारत की टीम इस समय इंग्लैंड से वनडे सीरीज खेल रही है. (PTI)

India vs England: इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट सीरीज़ में भारत के कम से कम 5 खिलाड़ियों ने अपने डेब्यू मैच में ही धमाकेदार प्रदर्शन किया. इनमें से 4 ने तो कोई ना कोई रिकॉर्ड भी बनाया. इनका प्रदर्शन भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ की ताकत का सबूत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 7:34 PM IST
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नई दिल्ली. इंग्लैंड के खि़लाफ़ खेली जा रही वर्तमान क्रिकेट सीरीज़ में भारत से डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों का धमाकेदार और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन का दौर जारी है. यह प्रदर्शन संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट का आने वाला  भविष्य और बेहतर होगा. साथ ही जिस तरह से टेस्ट वनडे और टी20, तीनों ही फॉर्मेट में भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ रही है, वह भारतीय क्रिकेट के आने वाले कल का स्वर्णिम अहसास सहज ही कराती है. भारत-इंग्लैंड (India vs England) के बीच चल रही वर्तमान सीरीज़ में अब तक पदार्पण करने वाले तीन से चार खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने पदार्पण अंतर्राष्ट्रीय मैच में न सिर्फ धमाकेदार प्रदर्शन किया बल्कि नया रिकॉर्ड बना कर विश्व क्रिकेट पटल पर सुर्खियों में छाए रहे.

अंग्रेज़ों के लिए अबूझ पहेली बने रहे अक्षर

डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (Axar Patel) को चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार मौका दिया गया. अक्षर ने टेस्ट जीवन का शानदार आगाज़ किया. उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 27 विकेट लेकर डेब्यू सीरीज़ में किसी भी भारतीय गेंदबाज़ द्वारा किया गया अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसके पहले भारत के लिए पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर दिलीप दोषी ने 1979 में छह टेस्ट मैचों की सीरीज़ में कुल 27 विकेट हासिल किए थे. अक्षर पटेल ने यह करिश्मा सिर्फ तीन टेस्ट मैचों में ही कर दिखाया. यही नहीं अक्षर पटेल ने डेब्यू टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में भी श्रीलंका के अजंता मेंडिस को पीछे छोड़ा. पूरी सीरीज़ में इंग्लैंड बल्लेबाज़ों के लिए  अक्षर पटेल एक अबूझ पहले बने रहे. अपनी सटीक फिरकी गेंदबाज़ी का जलवा दिखाते हुए अक्षर ने इंग्लैंड के विरुद्ध चार पारियों में 5 विकेट लेकर पहली ही टेस्ट सीरीज़ में सबसे अधिक बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. उन्होंने पहली ही टेस्ट सीरीज में नरेंद्र हिरवानी के तीन बार 5 विकेट लेने के रिकॉर्ड को तोड़ा. शिव रामाकृष्णन ने तीन बार और आर अश्विन एक ही टेस्ट सीरीज़ में दो बार पांच-पांच विकेट लेने का का कारनामा किया है. इसके अलावा अक्षर को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी सबसे कम चार पारियों में पांच विकेट लेने का गौरव हासिल हुआ. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज काइल जेमिसन को पीछे छोड़ा. जेमिसन ने छह टेस्ट में चार बार और ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन ने 14 टेस्ट में 4 बार 5 से अधिक विकेट लिए थे, लेकिन अक्षर पटेल ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सिर्फ तीन मैच में ही इस रिकॉर्ड की बराबरी कर की है.

टी20 डेब्यू में चमके ईशान-सूर्यकुमार
इस सीरीज़ में अब टी20 फॉर्मेट में रिकॉर्ड बनाने की बारी थी झारखंड के सलामी बल्लेबाज़ ईशान किशन की. ईशान किशन (Ishan Kishan) को पांच मैचों की सीरीज़ के दूसरे मैच में इंडिया कैप पहनने का गौरव हासिल हुआ. ईशान किशन ने अपने पदार्पण मैच में ही ज़बरदस्त आतिशी बल्लेबाज़ी करते हुए सबसे कम गेंदों में शानदार अर्धशतक पूरा करने की उपलब्धि हासिल की और वह भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए. उनके पहले अजिंक्य रहाणे ने 2011 में मैनचेस्टर में खेले गए टी20 मैच में 61 रनों की पारी खेली थी, लेकिन ईशान किशन ने  सिर्फ 32 गेंद में 56 रनों की आकर्षक पारी खेली. उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के लगाए और डेब्यू मैच में में सबसे तेज़ गति से भारत की ओर से अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने कोई नया रिकॉर्ड तो नहीं बनाया लेकिन जिस अंदाज़ व तेवर में उन्होंने अपनी पहली पारी में ही बल्लेबाज़ी की, उसका उल्लेख करना भी ज़रूरी है. सूर्यकुमार यादव को डेब्यू मैच में तो बल्लेबाज़ी करने का मौका नही मिला, लेकिन दूसरे मैच में उन्हें जब बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला तो सूर्य ने 57 रनों की आक्रामक पारी तो खेली ही. जिस तरह से उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में रन बनाने का सिलसिला जोफ्रा आर्चर की तेज़ व सटीक बाउंसर गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का लगाकर किया वो चर्चा का विषय बन गया.

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कुणाल पांड्या ने रचा इतिहास

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज़ का पहला मैच 23 मार्च को खेला गया. यह मैच भारत ने आसानी से 66 रनों से जीता. यह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच डेब्यू करने वाले दो खिलाड़ियों, क्रुणाल पांड्या और प्रसिद्ध कृष्णा के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के लिए जाना जाएगा. ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या (Krunal Pandya) ने अपने पदार्पण वनडे मैच में ही अंग्रेज़ गेंदबाज़ों की गेंदों की बखिया उधेड दी. उन्होंने सिर्फ 26 गेंदों में गेंदों में ही धुआंधार अर्धशतक जड़ कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया. उन्हें वन डेब्यू मैच में विश्व का सबसे तेज़ अर्धशतक का बनाने का गौरव हासिल हुआ. इसके पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के जॉन मॉरिस के नाम था. मॉरिस ने 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में 35 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था. क्रुणाल डेब्यू वनडे में सातवें या उससे नीचले क्रम पर अर्धशतक लगाने वाले तीसरे भारतीय भी बन गए. उनसे पहले रविंद्र जडेजा ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 60 रन की पारी खेली.

डेब्यू मैच में 4 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ बने कृष्णा

तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) ने डेब्यू मैच में 54 रन देकर चार विकेट लिए. वनडे डेब्यू मैच में यह भारत के किसी भी गेंदबाज़ का अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इसके पहले इसके पहले यह रिकॉर्ड 21 रन देकर तीन विकेट के साथ नोएल डेविड के नाम था. डेविड के अलावा वनडे डेब्यू मैचों में भारत के अब तक 16 ऐसे गेंदबाज़ हुए जिन्होंने 3 विकेट हासिल किए थे. इसमें भारत ही नहीं विश्व के महान लेग ब्रेक गुगली गेंदबाज भागवत चंद्रशेखर भी शामिल हैं.

कुल मिलाकर पदार्पण मैचों में एक के बाद एक भारतीय खिलाड़ियों के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और मज़बूत बेंच स्ट्रेंथ को देखते हुए, आने वाले समय में भारतीय टीम विपक्षी टीमों के विरूद्घ और अधिक कड़ी चुनौती के रूप में सामने आएगी. इसमें कोई संदेह नहीं. और हां, ये पांचों खिलाड़ी भारत को एक तरह से 40 दिन के भीतर हर मिले हैं. इनमें हर किसी ने किसी ना किसी फॉर्मेट में इन 40 दिन के भीतर ही डेब्यू किया है.
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